Menopause के बाद महिलाओं के लिए जरुरी है पोषक युक्त भोजन, एक्सपर्ट्स से जानिए इसके कारण

punjabkesari.in Monday, Apr 18, 2022 - 11:00 AM (IST)

महिलाओं को मासिक धर्म रुकने के बाद शरीर में बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस अवस्था को मेनोपॉज कहा जाता है। इस अवस्था के बाद महिलाओं के मासिक धर्म होने बंद हो जाते हैं। यह आमतौर पर 55 और 45 की उम्र के बाद होते हैं। इसके बाद महिलाओं के शरीर में गर्मी महसूस होना, रात को पसीना आना , अनिद्रा, मूड में अचानक से बदलाव होना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य में कुछ चीजें शामिल करनी चाहिए। तो चलिए जानते हैं उनके बारे में...

बेरीज 

बेरीज में प्राकृतिक और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण पाए जाते हैं। ये मस्तिष्क को स्वस्थ रखते हैं और ब्लड प्रेशर को कम करने में  भी सहायता करते हैं। बेरीज को स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। एंटीऑक्सीडेंट्स गुणों से भरपूर  होने के कारण ये तनाव से लड़ने में भी मददगार होती है। इस दौरान महिलाओं को अनिद्र की समस्या हो जाती है। बेरीज उसमें भी बहुत ही फायदेमंद होती है। 

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सैमेन फिश 

विटामिन डी, ओमेगा-3 और फेटी एसिड की मात्रा से भरपूर सैमेन फिश महिलाओंं के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी माना जाती है। शोध के मुताबिक, चिंता और महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए ओमेगा-3 बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। यदि आप शाकहारी है तो ओमेगा-3 के सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल कर सकती हैं। 

फलियां 

फलियां आपकी ब्लड शूगर कम करती है। इसमें कैल्शियम और विटामिन की भी बहुत ही अधिक मात्रा पाई जाती है। ये हड्डियों को मजबूत बनाने में भी मदद करती हैं। ये इंसुलिन की सेंस्टिविटी को बढ़ाने में बहुत ही मददगार होती है। 

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साबुत अनाज 

मेनोपॉज के दौरान आपको अपनी डाइट में साबुत अनाज जरुर शामिल करना चाहिए। इसमें विटामिन बी, मेग्नीशियम और फाइबर पाया जाता है जो मेनोपॉज के बाद आपके शरीर को बहुत सी बीमारियों से दूर रखता है। इनमें ग्लूटेन बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है। जिसके कारण पारंपरिक अनाज के मुकाबले इनमें अधिक पोषण पाया जाता है। ये लंबे समय तक ऊर्जा से भरपूर रहने में मददगार होता है। 

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हृदय स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये टिप्स 

. सैचुरेटेड फैट का सेवन कम करें और आप इसकी जगह अनसैचुरेटेड फैट को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। 

. खाने में मक्खन की जगह जैतुन के तेल का इस्तेमाल करें। 
. अल्कोहल और धूम्रपान का सेवन न करें।
. फाइबर और साबुत अनाजवाले खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करें। जैसे- होलव्हीट पास्ता, दालें, हरी सब्जियां बीन्स डाइट में शामिल करें। 

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Content Writer

Vandana

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