TB हड्डियों में कब होती है? एक्सपर्ट से जानें इसके कारण

punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 05:46 PM (IST)

 नारी डेस्क:  हड्डियों में टीबी एक गंभीर बीमारी है जो शरीर की हड्डियों और जोड़ों को प्रभावित करती है। आम तौर पर लोग इसे सामान्य दर्द या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर समय पर इलाज न किया जाए तो हड्डियों में स्थायी नुकसान हो सकता है। यह संक्रमण मुख्य रूप से Mycobacterium tuberculosis बैक्टीरिया के कारण होता है, जो अक्सर फेफड़ों में टीबी होने के बाद शरीर के अन्य हिस्सों में फैलता है।

हड्डियों में टीबी क्यों होती है?

हड्डियों में टीबी मुख्य रूप से उन लोगों में होती है जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। जैसे डायबिटीज़ या एचआईवी से प्रभावित लोग। अगर किसी व्यक्ति को पहले फेफड़ों की टीबी रही हो और उसका इलाज पूरी तरह से न हुआ हो, तो बैक्टीरिया हड्डियों तक फैल सकता है। खासतौर पर रीढ़ की हड्डी, कूल्हे और घुटनों के जोड़ों में इसका असर देखा जाता है।

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हड्डियों में टीबी के लक्षण

हड्डियों की टीबी धीरे-धीरे शुरू होती है, इसलिए शुरुआती समय में इसे पहचानना मुश्किल हो सकता है। इसके सामान्य लक्षण हैं प्रभावित हड्डियों और जोड़ों में लगातार दर्द और सूजन। मांसपेशियों में कमजोरी और थकान, जो दर्द को बढ़ा सकती है। चलने-फिरने में दिक्कत, खासकर अगर कूल्हे या घुटने प्रभावित हों। कभी-कभी हल्का बुखार और शरीर में लगातार थकान महसूस होना। इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, इसलिए दर्द लंबे समय तक बने रहने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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हड्डियों में टीबी का इलाज

हड्डियों की टीबी का इलाज समय पर शुरू करना बहुत जरूरी है। आम तौर पर डॉक्टर एंटी-टीबी दवाओं का लंबा कोर्स 6 से 12 महीने तक देते हैं। गंभीर मामलों में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है, जैसे संक्रमित हड्डियों या जोड़ों की सफाई करना या प्रभावित हिस्से को स्थिर करना। इलाज के दौरान नियमित चेकअप, एक्स-रे और MRI की मदद से संक्रमण की प्रगति पर नजर रखी जाती है।

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हड्डियों में टीबी से बचाव के उपाय

हड्डियों में टीबी से बचाव करना आसान है, अगर कुछ सावधानियां अपनाई जाएं यदि आपके शरीर में टीबी का संक्रमण हो, तो समय पर और पूरी दवा कोर्स पूरा करें। संतुलित आहार लें जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन डी पर्याप्त हो, जिससे हड्डियां मजबूत रहें। नियमित हल्का व्यायाम और योग करें, ताकि जोड़ों और हड्डियों की ताकत बनी रहे। इम्यून सिस्टम मजबूत रखें, पर्याप्त नींद लें, तनाव कम करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। टीबी बैक्टीरिया के फैलाव को रोकने के लिए संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें।

हड्डियों में टीबी को हल्के में न लें। शुरुआती लक्षणों को पहचानकर समय पर डॉक्टर से सलाह लेना, और पूरी दवा कोर्स को पूरा करना सबसे प्रभावी उपाय है। सही इलाज और देखभाल से हड्डियों की टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है और हड्डियों को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।
    

 


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Content Editor

Priya Yadav

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