सुबह उठते ही चक्कर आने और कमजोरी लगने के 10 बड़े कारण
punjabkesari.in Wednesday, May 20, 2026 - 07:05 PM (IST)
नारी डेस्कः आपने बहुत से लोगों के ये कहते सुना होगा कि उन्हें सुबह उठते ही चक्कर आने लगते हैं कमजोरी महसूस होती है। हालांकि ये समस्या सामान्य लग सकती है लेकिन अगर ऐसा लगातार हो रहा है तो इसे नजरअंदाज बिलकुल नहीं करना चाहिए। खासकर महिलाओं में यह कमजोरी, हार्मोनल बदलाव, लो ब्लड प्रेशर या शरीर में पोषण की कमी का संकेत हो सकता है। कई बार अचानक बिस्तर से उठने पर दिमाग तक खून की सप्लाई धीमी होने से भी चक्कर आते हैं। अगर इसके साथ थकान, उल्टी, धुंधला दिखना या बेहोशी जैसी समस्या हो, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।
सुबह उठते ही चक्कर आने के मुख्य कारण
शरीर में खून की कमी (एनीमिया)
महिलाओं में आयरन की कमी बहुत आम होती है। हीमोग्लोबिन कम होने से शरीर और दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती। इस वजह से सुबह कमजोरी और चक्कर महसूस हो सकते हैं। साथ में थकान, सांस फूलना और कमजोरी भी होती है।
लो ब्लड प्रेशर
अचानक खड़े होने पर ब्लड प्रेशर गिर सकता है। इसे ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन भी कहते हैं। इसमें आंखों के आगे अंधेरा और चक्कर आ सकते हैं। पानी कम पीने या कमजोरी से यह समस्या बढ़ती है।
शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
कम पानी पीने से शरीर में कमजोरी आ जाती है। रातभर बिना पानी के रहने से सुबह चक्कर ज्यादा महसूस हो सकते हैं। गर्मी और ज्यादा पसीना आने से भी यह समस्या बढ़ती है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।

कमजोरी और सही भोजन न लेना
लंबे समय तक खाली पेट रहना या डाइटिंग करना नुकसानदायक हो सकता है। ब्लड शुगर कम होने से सुबह सिर हल्का लग सकता है। नाश्ता छोड़ने वाली महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।
संतुलित आहार लेना जरूरी है।
तनाव और नींद की कमी
मानसिक तनाव शरीर को कमजोर बना देता है। पूरी नींद न लेने से दिमाग और शरीर दोनों प्रभावित होते हैं। इससे सुबह उठते ही भारीपन और चक्कर महसूस हो सकते हैं। रोजाना 7–8 घंटे की नींद जरूरी है।
हार्मोनल बदलाव
पीरियड्स, प्रेग्नेंसी या मेनोपॉज के दौरान हार्मोन बदलते हैं। इन बदलावों से कमजोरी और चक्कर आ सकते हैं। कुछ महिलाओं में पीरियड्स के दौरान यह समस्या ज्यादा होती है। अगर समस्या लगातार रहे तो जांच जरूरी है।
थायरॉइड की समस्या
थायरॉइड गड़बड़ी से शरीर की ऊर्जा प्रभावित होती है। इससे थकान, वजन बढ़ना और चक्कर आ सकते हैं। महिलाओं में यह बीमारी काफी सामान्य है। ब्लड टेस्ट से इसकी पुष्टि होती है।
वर्टिगो या BPPV
यह कानों के अंदरूनी हिस्से से जुड़ी एक समस्या है जो शरीर का संतुलन बनाती है। इसमें अचानक करवट बदलने या उठने पर चीजें घूमती हुई महसूस होती हैं।
लो ब्लड शुगर (कम रक्त शर्करा)
सुबह खाली पेट या रात का खाना ठीक से न खाने पर ब्लड शुगर का स्तर कम हो सकता है, जिससे कमजोरी और चक्कर महसूस होते हैं।
दवाइयों का असर
रात को सोने से पहले ली गई कुछ दवाइयां (जैसे ब्लड प्रेशर या नींद की दवाइयां) भी सुबह उठने पर चक्कर आने का कारण बन सकती हैं।
कमजोरी और विटामिन की कमी
शरीर में आयरन (एनीमिया) या विटामिन बी12 की कमी के कारण भी यह समस्या हो सकती है।
कमजोरी दूर करने के देसी नुस्खे
सुबह गुनगुना पानी पिएं
उठते ही 1–2 गिलास पानी पीने से शरीर एक्टिव होता है।
यह ब्लड सर्कुलेशन सुधारने में मदद करता है।
गुड़ और भुना चना
यह आयरन बढ़ाने में मदद करता है।
कमजोरी और एनीमिया में फायदेमंद माना जाता है।
तुलसी और अदरक की चाय
यह शरीर को ऊर्जा देती है और थकान कम करने में मदद कर सकती है।
सुबह हल्का चक्कर होने पर राहत मिल सकती है।
बादाम और किशमिश
रातभर भिगोकर सुबह खाने से शरीर को ताकत मिलती है।
यह कमजोरी दूर करने में मददगार हो सकते हैं।
डॉक्टरी इलाज और जांच बहुत जरूरी
ब्लड टेस्ट: हीमोग्लोबिन, शुगर और थायरॉइड की जांच करवाई जाती है। इससे असली का रण पता चलता है।
आयरन और विटामिन सप्लीमेंट: अगर शरीर में कमी हो तो डॉक्टर दवाइयां देते हैं।इससे कमजोरी और चक्कर में सुधार आता है।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल: लो बीपी होने पर पानी, नमक और सही डाइट की सलाह दी जाती है। कुछ मामलों में दवा की जरूरत पड़ सकती है।
हैल्दी लाइफस्टाइल अपनाना बहुत जरूरी
समय पर सोना, पौष्टिक खाना और हल्की एक्सरसाइज जरूरी है।
इससे शरीर स्वस्थ रहता है और चक्कर कम हो सकते हैं।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
रोजाना तेज चक्कर आएं।
बेहोशी या गिरने की नौबत आए।
सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी हो।
उल्टी, धुंधला दिखना या सिरदर्द साथ में हो।
प्रेग्नेंसी की संभावना हो।
नोटः बह चक्कर आना शरीर का संकेत हो सकता है कि अंदर कोई कमी या बीमारी है। इसलिए सही कारण जानना और समय पर इलाज करवाना बहुत जरूरी है।

