सफर शुरू होते ही क्यों आने लगती है उल्टी? किस वजह से होता है ऐसा?
punjabkesari.in Monday, May 18, 2026 - 03:23 PM (IST)
नारी डेस्क: कई लोगों के लिए घूमना-फिरना जितना मजेदार होता है, उतना ही मुश्किल सफर का रास्ता बन जाता है। कार, बस, ट्रेन या नाव में बैठते ही कुछ लोगों को घबराहट, चक्कर और उल्टी जैसा महसूस होने लगता है। कई बार तो यात्रा शुरू होने के कुछ ही मिनटों में हालत इतनी खराब हो जाती है कि पूरा ट्रिप का मजा किरकिरा हो जाता है। इस समस्या को मेडिकल भाषा में मोशन सिकनेस कहा जाता है। यह परेशानी सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े लोग भी इससे काफी प्रभावित होते हैं। खास बात यह है कि हर किसी में इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं।
आखिर क्यों होती है मोशन सिकनेस?
मोशन सिकनेस का संबंध हमारे दिमाग, आंखों और कानों के बीच होने वाले तालमेल से जुड़ा होता है। जब हम सफर कर रहे होते हैं, तब आंखें बाहर तेजी से बदलते दृश्य देखती हैं। जैसे सड़कें, गाड़ियां, पेड़ या इमारतें लगातार पीछे जाती हुई दिखाई देती हैं। इससे दिमाग को लगता है कि शरीर लगातार मूवमेंट में है। लेकिन दूसरी तरफ हमारे अंदरूनी कान और मांसपेशियां दिमाग को यह संकेत देती हैं कि शरीर अपनी जगह पर बैठा हुआ है। जब दिमाग को शरीर से दो अलग-अलग तरह के संकेत मिलते हैं तो वह भ्रमित हो जाता है। यही कन्फ्यूजन मोशन सिकनेस की वजह बनता है।

सिर्फ ट्रैवल में ही नहीं, गेमिंग के दौरान भी हो सकती है परेशानी
आजकल यह दिक्कत केवल यात्रा तक सीमित नहीं रह गई है। कई लोग वीडियो गेम या वर्चुअल रियलिटी गेम खेलते समय भी चक्कर और उल्टी जैसा महसूस करते हैं। इसे वर्चुअल मोशन सिकनेस कहा जाता है। दरअसल, स्क्रीन पर दिखाई देने वाली तेज मूवमेंट को आंखें महसूस करती हैं, लेकिन शरीर स्थिर रहता है। ऐसे में दिमाग दो अलग-अलग संकेतों को प्रोसेस नहीं कर पाता और व्यक्ति को बेचैनी महसूस होने लगती है।
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मोशन सिकनेस के आम लक्षण
मोशन सिकनेस के दौरान शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है। शुरुआत में हल्का चक्कर या घबराहट महसूस हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे परेशानी बढ़ने लगती है।
इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं
जी मिचलाना
उल्टी आना
ठंडा पसीना
सिरदर्द

ज्यादा लार बनना
तेज सांस चलना
कमजोरी और थकान
विशेषज्ञों के मुताबिक 2 से 12 साल के बच्चों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है। इसके अलावा माइग्रेन से पीड़ित लोग, गर्भवती महिलाएं, पार्किंसन रोग से जूझ रहे मरीज या कान से जुड़ी समस्या वाले लोगों में इसका खतरा ज्यादा हो सकता है।
सफर के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
अगर आपको यात्रा के दौरान बार-बार उल्टी या घबराहट महसूस होती है, तो कुछ आसान उपाय काफी राहत दे सकते हैं। कोशिश करें कि कार में आगे की सीट पर बैठें। खिड़की के पास बैठकर ताजी हवा लें। मोबाइल, लैपटॉप या किताब देखने से बचें। सफर के दौरान दूर की स्थिर चीजों को देखें। बहुत ज्यादा भारी या तला-भुना खाना खाने से बचें। कई लोगों को अदरक वाली चाय, अदरक कैंडी या पुदीने की टॉफी से भी राहत मिलती है। इसके अलावा शरीर को हाइड्रेट रखना भी बेहद जरूरी होता है।
कब लेनी चाहिए डॉक्टर की सलाह?
अगर मोशन सिकनेस बार-बार हो रही हो या सफर के दौरान परेशानी जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कुछ मामलों में डॉक्टर एंटीहिस्टामिन दवाइयां या विशेष पैच लगाने की सलाह देते हैं, जो जी मिचलाने और उल्टी को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। हालांकि किसी भी दवा का इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए।

छोटी सावधानियां बना सकती हैं सफर आसान मोशन सिकनेस भले ही एक आम समस्या हो, लेकिन थोड़ी-सी सावधानी और सही आदतें सफर को काफी आरामदायक बना सकती हैं। सही सीट चुनना, हल्का भोजन करना और खुद को रिलैक्स रखना इस परेशानी को काफी हद तक कम कर सकता है।

