अजित पवार की को-पायलट शांभवी पाठक की दर्दनाक मौत, 25 साल की उम्र में टूटा परिवार का सपना

punjabkesari.in Wednesday, Jan 28, 2026 - 03:34 PM (IST)

नारी डेस्क:  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में जान गंवाने वालों में 25 वर्षीय को-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक भी शामिल हैं। यह दुखद हादसा बुधवार सुबह पुणे के बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुआ, जब विमान अचानक अनियंत्रित हो गया और क्रैश हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत कुल 6 लोगों की मौत हुई।

कौन थीं कैप्टन शांभवी पाठक?

कैप्टन शांभवी पाठक Learjet 45 की को-पायलट थीं। वह उस समय VSR Aviation में पायलट के पद पर कार्यरत थीं। बेहद कम उम्र में उन्होंने पायलट बनने का सपना पूरा किया और प्रोफेशनल एविएशन में अपनी पहचान बनाई।

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ग्वालियर से शुरू हुआ उड़ान का सपना

शांभवी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई वायु सेना बाल भारती स्कूल, ग्वालियर से की। यहीं से उनके मन में पायलट बनने का सपना जन्मा। 2018 में 12वीं पास करने के बाद उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स, एविएशन और एयरोस्पेस साइंस में BSc की पढ़ाई शुरू की।

न्यूजीलैंड से पायलट ट्रेनिंग

पढ़ाई के बाद शांभवी ने न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी में दाखिला लिया। 2018–2019 के बीच उन्होंने कड़ी ट्रेनिंग के बाद न्यूजीलैंड सिविल एविएशन अथॉरिटी (NZ CAA) और भारत के DGCA दोनों मानकों के तहत कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) हासिल किया।

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2022 में बनीं पूरी तरह प्रशिक्षित पायलट

2022 में शांभवी ने मुंबई यूनिवर्सिटी से अपनी डिग्री पूरी की। सिर्फ पायलट ही नहीं, बल्कि वह भविष्य के पायलटों को प्रशिक्षित करने में भी रुचि रखती थीं। उन्होंने मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में सहायक उड़ान प्रशिक्षक के रूप में काम किया और उनके पास फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग (A) भी थी। परिवार और निजी जीवन शांभवी का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर से है। मां: नरोली शुक्ला पाठक छोटा भाई: वरुण हालांकि वर्तमान में उनका परिवार दिल्ली में रहता है।

कैसे हुआ हादसा?

बुधवार सुबह शांभवी, कैप्टन सुमित कपूर के साथ दो सदस्यीय कॉकपिट क्रू का हिस्सा थीं। दिल्ली की चार्टर कंपनी VSR Aviation का यह विमान अजित पवार, उनके पीएसओ विदित जाधव और अन्य सहयोगियों को राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए ले जा रहा था। सुबह करीब 8:45 बजे, जब विमान बारामती एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था, तभी विमान में तकनीकी खराबी आ गई।वह रनवे से भटक गया और उसमें आग लग गई इस भीषण हादसे में विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सभी सवारों की मौके पर ही मौत हो गई।

25 साल की उम्र में कैप्टन शांभवी पाठक का जाना देश के एविएशन सेक्टर के लिए एक बड़ी क्षति है। कम उम्र में उन्होंने जो मुकाम हासिल किया, वह कई युवाओं के लिए प्रेरणा था। यह हादसा उनके परिवार, साथियों और पूरे देश के लिए गहरा सदमा है।  


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Content Editor

Priya Yadav

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