पेट और दिल का रखना है मजबूत तो शुरू कर दें 24 घंटे का उपवास, इससे सिर्फ फायदे होंगे नुकसान नहीं

punjabkesari.in Wednesday, May 06, 2026 - 10:47 AM (IST)


रिसर्चर्स ने सदियों पुरानी बहस पर नई रोशनी डालने की कोशिश की है कि व्रत रखने का सेहत पर क्या असर होता है। हाल की स्टडीज़ से पता चला है कि यह ब्लड प्रेशर, खराब LDL कोलेस्ट्रॉल और इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने में मदद करता है( इंसुलिन रेजिस्टेंस एक ऐसी स्थिति है जिससे ब्लड शुगर बढ़ सकता है।  एक स्टडी में यह सामने आया था कि वज़न घटाने और उसे कंट्रोल में रखने के लिए, एक दिन छोड़कर व्रत रखना (alternate-day fasting) उतना ही असरदार है जितना कि रोजाना कैलोरी कम करना।

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24 घंटे तक व्रत रखने वालों पर रखी गई नजर

इस रिसर्च में सैकड़ों सदस्य शामिल थे जो आम तौर पर हर महीने एक रविवार को, 24 घंटे तक व्रत रखते हैं। रिसर्चर्स ने इस बात पर खास ध्यान दिया कि व्रत रखने का जीवन काल पर क्या असर होता है। लगभग 2,000 ऐसे लोगों पर औसतन 4.4 साल तक नज़र रखी गई जिनकी 'कार्डियक कैथीटेराइजेशन' प्रक्रिया हुई थी इनमें 389 ऐसे लोग भी शामिल थे जो "नियमित रूप से व्रत रखने वाले" थे और कम से कम पांच साल से लगातार व्रत रख रहे थे। अलग-अलग कारकों को ध्यान में रखने के बाद, रिसर्चर्स ने पाया कि  नियमित रूप से व्रत रखने वालों में मृत्यु दर, व्रत न रखने वालों की तुलना में 45% कम थी।


कुछ घंटे भूखे रहने से होते हैं ये फायदे

इस स्टडी मेंमरीज़ों के डेटा का इस्तेमाल करके यह देखा गया कि नियमित रूप से व्रत रखने का हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक पर क्या असर होता है। अलग-अलग कारकों को ध्यान में रखने के बाद हार्ट अटैक के मामलों में कोई खास अंतर नहीं दिखा;,लेकिन नियमित रूप से व्रत रखने वालों में हार्ट फेलियर होने की दर, व्रत न रखने वालों की तुलना में 71% कम थी। कई लोकप्रिय डाइट ट्रेंड लोगों को सलाह देते हैं कि वे अपने खाने का समय 8 से 12 घंटे तक सीमित रखें और बाकी के 12 से 16 घंटे फास्टिंग करें। डॉक्टर कहते हैं कि-  दशकों तक हर महीने एक दिन की लॉन्ग-टर्म फास्टिंग से शरीर में कुछ ऐसे फायदेमंद तंत्र (mechanisms) एक्टिव हो जाते हैं, जो आमतौर पर एक्टिव नहीं होते। ये तंत्र रात के खाने और सुबह के नाश्ते के बीच के कुछ घंटों में हर दिन काम करते हैं... ये घंटे लंबे समय तक जमा होते रहते हैं और शरीर को फायदे पहुंचाते हैं।"

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फास्टिंग से पेट को मिलते है ज्यादा फायदे 


लगातार खाने से पाचन तंत्र को आराम नहीं मिलता। उपवास के दौरान, पाचन तंत्र को ब्रेक मिलता है, जिससे आंतों की परत को ठीक होने और सूजन कम करने का समय मिलता है । फास्टिंगआंत में अच्छे बैक्टीरिया की वृद्धि को बढ़ावा देता है और खराब बैक्टीरिया को कम करता है, जिससे पाचन और समग्र आंत स्वास्थ्य बेहतर होता है। फास्टिंग 'ऑटोफैगी' (Autophagy) को प्रेरित करता है, जो शरीर की प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया है। यह आंत में पुरानी और क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को हटाकर नई, स्वस्थ कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा देता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग, जैसे कि 16/8 विधि, वजन कम करने और पेट की चर्बी को कम करने में सहायक है।


24 घंटे का उपवास रखने का सही तरीका

24 घंटे का उपवास आप कभी भी कर सकते हैं, बशर्ते आपने उपवास वाले दिन के लिए पहले से तैयारी कर ली हो। उपवास शुरू करने से पहले स्वस्थ और संतुलित भोजन करना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि इससे आपके शरीर को 24 घंटे का समय बिताने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञ इंटरमिटेंट फास्टिंग (बीच-बीच में उपवास) शुरू करने से पहले कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह देते हैं जैसे- 

-प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ: नट बटर और फलियां
-कम वसा वाले डेयरी उत्पाद
-फल और हरी सब्जियाँ
-ज़्यादा फाइबर वाले खाद्य पदार्थ
-उपवास के दौरान खूब सारा पानी और अन्य ज़ीरो-कैलोरी वाले पेय पदार्थ पिएं।
-जब भोजन दोबारा शुरू करने का समय हो, तो ज़्यादा न खाएं और यह सुनिश्चित करें कि उपवास की अवधि समाप्त होने के बाद आप पौष्टिक आहार ही लें।
 


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Content Writer

vasudha

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