गंदा पानी पीने से 17 लोगों की मौत! CDC ने घर पर पानी शुद्ध करने के टिप्स दिए
punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 05:24 PM (IST)
नारी डेस्क : मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से दूषित पीने के पानी को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां गंदा पानी पीने से डायरिया और उल्टी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक 7 लोगों की मौत हुई है, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि इस बीमारी से 17 लोगों की जान जा चुकी है। इस घटना ने पूरे देश में चिंता बढ़ा दी है।
अस्पतालों में बढ़ रहे मरीज, कई की हालत गंभीर
इंदौर के भगिरथपुरा प्राइमरी हेल्थ सेंटर में डायरिया और उल्टी के 38 नए मरीज सामने आए हैं। फिलहाल कुल 110 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। इनमें से 15 मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है। हालात को काबू में करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है।
आज इंदौर में जहरीला पानी पीने से मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। मन दुख, पीड़ा और क्रोध से भरा है।
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) January 6, 2026
यह कैसा प्रदेश बना दिया है @DrMohanYadav51 ने, जहाँ पीने के लिए निर्दोष लोगों को जहरीला पानी दिया गया, जिसके चलते 17 से अधिक लोगों की मौत हो गई।
निशब्द हूँ। pic.twitter.com/UNBFUGdVYr
घर-घर जाकर हो रही जांच, लोगों को बांटे जा रहे जरूरी सामान
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों की सेहत की जांच कर रही हैं और बीमारी के लक्षणों की पहचान कर रही हैं। इसके साथ ही हर परिवार को 10 ओआरएस पैकेट, 30 जिंक टैबलेट और क्लीन वॉटर ड्रॉपर दिए जा रहे हैं। लोगों को बताया जा रहा है कि 10 लीटर पानी में 8 से 10 बूंद क्लीन वॉटर सॉल्यूशन डालकर एक घंटे बाद ही पानी का इस्तेमाल करें।
जब पीने का पानी दूषित हो जाए तो क्या करें?
CDC (सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन) के अनुसार, इंदौर जैसी स्थिति कभी भी और कहीं भी हो सकती है। बाढ़, तूफान, पानी की पाइपलाइन टूटने या किसी अन्य आपदा के बाद पीने का पानी दूषित हो सकता है। अगर पानी के साफ होने पर जरा सा भी शक हो, तो उसे पीने या रोजमर्रा के इस्तेमाल में बिल्कुल न लें।
दूषित पानी किन कामों में बिल्कुल न इस्तेमाल करें
अगर पानी सुरक्षित नहीं है, तो उसका उपयोग
पीने
खाना बनाने
बर्तन धोने
दांत साफ करने
हाथ धोने
बर्फ बनाने
शिशु का फॉर्मूला दूध तैयार करने
इंदौर का काला सच गन्दा पानी पीने से 13 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है और 26लोग गंभीर रूप से बीमार है वह भर्ती हैं.जहाँ स्वछता की लंम्बी 2 बाते की जाती हैं.वहीं गरीबों की बस्तियों में सीवर लाइन का मिला हुआ पानी कई महीनों से सप्लाई की जा रही थी। pic.twitter.com/ebHVQu5KNc
— Manish Anand BSPمنیش آنندبی ایس پی (@ManishBSP) January 1, 2026
के लिए बिल्कुल न करें। ऐसे समय में केवल बोतलबंद, उबला हुआ या सही तरीके से शुद्ध किया गया पानी ही इस्तेमाल करें।
पानी को उबालकर कैसे सुरक्षित बनाएं
अगर बोतलबंद पानी उपलब्ध नहीं है, तो पानी उबालना सबसे सुरक्षित तरीका है। अगर पानी गंदला दिखे तो पहले उसे साफ कपड़े, पेपर टॉवल या कॉफी फिल्टर से छान लें। इसके बाद पानी को कम से कम 1 मिनट तक तेज उबाल आने दें। पहाड़ी इलाकों में पानी को 3 मिनट तक उबालना जरूरी होता है। उबालने के बाद पानी को ठंडा करें और साफ ढक्कन वाले बर्तन में रखें।
उबले पानी का स्वाद बेहतर कैसे करें
उबले पानी का स्वाद अक्सर फीका लगता है। स्वाद सुधारने के लिए आप पानी को एक बर्तन से दूसरे बर्तन में डालकर कुछ घंटों के लिए छोड़ दें, या हर 1 लीटर पानी में एक चुटकी नमक मिला सकते हैं।
ब्लीच से पानी को कैसे शुद्ध करें
पानी को शुद्ध करने के लिए बिना खुशबू वाला घरेलू क्लोरीन ब्लीच भी इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर पानी गंदा है तो पहले छान लें। फिर ब्लीच की बोतल पर दिए निर्देशों के अनुसार सही मात्रा में ब्लीच डालें, अच्छे से मिलाएं और कम से कम 30 मिनट तक पानी को ढककर रखें। इसके बाद ही पानी पीने योग्य होता है।
पानी में कितनी मात्रा में ब्लीच डालें
अगर ब्लीच में 5% से 9% सोडियम हाइपोक्लोराइट हो तो
1 लीटर पानी में: 2 बूंद
1 गैलन पानी में: 8 बूंद
5 गैलन पानी में: 40 बूंद
अगर ब्लीच 1% वाला हो तो:
1 लीटर में: 10 बूंद
1 गैलन में: 40 बूंद
5 गैलन में: 200 बूंद
अगर पानी बहुत गंदा या ठंडा है, तो यह मात्रा दोगुनी कर दें।
टैबलेट या ड्रॉप्स से पानी शुद्ध करने का तरीका
क्लोरीन डाइऑक्साइड, क्लोरीन या आयोडीन की टैबलेट और ड्रॉप्स से भी पानी को शुद्ध किया जा सकता है। इनके पैकेट पर दिए गए निर्देशों का सही से पालन करें। ये बैक्टीरिया और वायरस को मार देते हैं, हालांकि कुछ परजीवियों पर इनका असर कम हो सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से डॉक्टर की सलाह या इलाज का विकल्प नहीं है। अगर बीमारी के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

