13 अप्रैल को ही क्यों मनाई जाती है बैसाखी? जानिए इसका महत्व

punjabkesari.in Monday, Apr 13, 2020 - 10:13 AM (IST)

अप्रैल महीने के लिए 14 या 14 तारीख को हर साल बैसाखी का त्यौहार मनाया जाता है। इसे खेती का त्यौहार भी कहा जाता है। मगर, क्या आप जानते हैं कि बैसाखी का त्यौहार क्यों मनाया जाता है। बता दें कि इस त्यौहार को मनाने की कोई एक वजह नहीं है। चलिए जानते हैं क्यों मनाया जाता है बैसाखी का त्यौहार...

 

बैसाखी का धार्मिक महत्व

बैसाखी पर्व मनाने के पीछे कई मान्यताएं प्रचलित हैं। बैसाखी के दिन गंगा स्नान करने का बहुत महत्व माना जाता है। मान्यता है कि बैसाखी के दिन ही गंगा धरती पर उतरी थीं।

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खालसा पंथ की स्थापना

इस दिन सिखों के दशम् पिता गुरु गुरु गोबिन्द सिंह जी ने 13 अप्रैल साल 1699 के दिन श्री आनंदपुर साहिब में में खालसा पंथ की स्थापना की थी। खालसा पंथ की स्थापना द्वारा गुरु गोबिन्द सिंह जी ने लोगों को जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव छोड़कर धर्म और नेकी पर चलने की प्ररेणा दी।

किसानों के लिए विशेष महत्व

किसान बैसाखी का त्यौहार रबी की फसल पकने की खुशी के रूप में मनाते हैं। पंजाब और हरियाणा मे  जब  रबी की फसल पककर तैयार हो जाती है तब यह पर्व धूम धाम से मनाया जाता है। इस दिन गेहूं, तिलहन और गन्ने की फसल काटने की शुरूआत होती है।  

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स्वधीनता और बैसाखी

बैसाखी के दिन वर्ष 1919  को हजारों लोग रॉलेट एक्ट के विरोध में पंजाब के अमृतसर में स्थित जलियांवाला बाग में एकत्र हुए थे इसलिए इसे स्वतंत्रता संग्राम से भी जोड़ा जाता है। यहां जनरल डायर ने हजारों निहत्थे लोगों पर फायरिंग करने के आदेश दिए थे। इस घटना ने देश की आजादी के आंदोलन को एक नई दिशा प्रदान की।

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कारण कोई भी हो लेकिन हर त्यौहार की तरह इस त्यौहार की भी अपनी एक पहचान है। चाहे त्योहार जो भी हो लेकिन यह हमारी सुस्त पड़ी हुई जिंदगी मे उत्साह, सुखद और सकरात्मक परिवर्तन लाने का काम करते है।


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Content Writer

Anjali Rajput

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