कामदा एकादशी 2026: 28 या 29 मार्च कब रखें व्रत? जानिए सही तारीख, पूजा मुहूर्त और महत्व

punjabkesari.in Sunday, Mar 22, 2026 - 12:35 PM (IST)

नारी डेस्क: Kamada Ekadashi साल 2026 में तारीख को लेकर लोगों में कंफ्यूजन बना हुआ है कि व्रत 28 मार्च को रखा जाए या 29 मार्च को। पंचांग के अनुसार, चैत्र माह की शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि 28 मार्च 2026 को सुबह 8:45 बजे शुरू होगी और 29 मार्च 2026 को सुबह 7:46 बजे समाप्त होगी। एकादशी व्रत हमेशा उदयातिथि (सूर्योदय के समय जो तिथि हो) के आधार पर रखा जाता है। इसलिए 29 मार्च को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि रहने के कारण व्रत 29 मार्च 2026 को रखना सही रहेगा।

 पूजा मुहूर्त और पारण समय

पूजा के लिए शुभ समय सुबह 7:48 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक रहेगा। व्रत का पारण (व्रत खोलना) 30 मार्च 2026 को सुबह 6:14 बजे से 7:09 बजे के बीच करना शुभ माना गया है।

वरुथिनी एकादशी 2025: जब गुरुवार को पड़ती है एकादशी, जानें इसका शुभ फल और महत्व

 कामदा एकादशी का महत्व

कामदा एकादशी का व्रत सभी मनोकामनाओं को पूरा करने वाला माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति आती है। इसका उल्लेख वराह पुराण और भविष्य पुराण में भी मिलता है। एक पौराणिक कथा के अनुसार, गंधर्व ललित को श्राप के कारण राक्षस योनि मिली थी। उसकी पत्नी ललिता ने इस एकादशी का व्रत रखा, जिससे उसका श्राप समाप्त हो गया। यही कारण है कि इस व्रत को बेहद फलदायी माना जाता है।

पूजा विधि 

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। पूजा स्थान को शुद्ध करके भगवान Vishnu की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। दीपक और धूप जलाकर तुलसी दल, पीले फूल और फल अर्पित करें। इसके बाद “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। दिनभर भजन-कीर्तन और भगवान का ध्यान करें। अगले दिन द्वादशी पर विधि अनुसार व्रत खोलें और दान-पुण्य करें।

ये भी पढ़ें: 9 दिन का व्रत रखने से पहले ध्यान रखें ये 5 बातें, सेहत रहेगी ठीक और ऊर्जा बनी रहेगी

क्या करें और क्या न करें

इस दिन सात्विक भोजन और जीवनशैली अपनानी चाहिए। भगवान विष्णु का ध्यान करें और जरूरतमंदों को दान दें। तुलसी पूजा करें, लेकिन जल अर्पित न करें। वहीं, चावल का सेवन न करें और मांस-मदिरा से दूर रहें। क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से बचें और दिन में अधिक सोने से भी परहेज करें।

 एकादशी व्रत क्यों खास है?

“एकादशी” का अर्थ होता है ग्यारह, जो हमारी 10 इंद्रियों और 1 मन का प्रतीक है। इस दिन उपवास और ध्यान करने से मन और इंद्रियों पर नियंत्रण बढ़ता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है।

PunjabKesari

 व्रत करने के फायदे

एकादशी व्रत से शरीर, मन और कर्म तीनों की शुद्धि होती है। उपवास से शरीर शुद्ध होता है, भजन-कीर्तन से मन शांत होता है और दान-पुण्य से अच्छे कर्मों का फल मिलता है।

 किन लोगों को करना चाहिए व्रत?

जो लोग आध्यात्मिक उन्नति चाहते हैं, भक्ति और ध्यान में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह व्रत बहुत लाभकारी है। इसके अलावा, जो लोग पापों से मुक्ति या अपनी मनोकामनाएं पूरी करना चाहते हैं, वे भी इस व्रत को कर सकते हैं। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। किसी भी व्रत या पूजा को करने से पहले विशेषज्ञ या पंडित से सलाह लेना बेहतर होता है।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Priya Yadav

Related News

static