हजार तकरार, फिर भी मां-बेटी के बीच बेहद प्यार

Sunday, March 12, 2017 1:43 PM

रिलेशनशिप:  मां और बेटी का रिश्ता दुनिया के सब रिश्तों में अनमोल होता है। एक मां के लिए बेटी को जन्म देना काफी खुशी भरा पल होता है। बेटी को मां की छवी माना जाता है क्योंकि अपनी मां के कुछ गुण और आदतें तो बेटी होती ही है। बेटी के रूप में ही एक मां अपना बचपन देखती है लेकिन कई बार मां-बोटी के इस प्यारे रिश्ते में जरा सी नौंक-झौंक भी हो जाती है लेकिन फिर भी बेटी मां की प्यारी ही कहलाती है। 



1.अच्छी दोस्त

इस प्यारे रिश्ते में कई तरह के अच्छे अहसास छिपे होते है। मां और बेटी दोनों अच्छी दोस्त भी होती है क्योंकि बेटी और मां अपनी सभी समस्या आपस में शेयर कर लेती है। मां को घर में अपना एक साथी भी मिल जाता है। अगर किसी वजह से दोनों में से किसी को तकलीफ होती है तो वह तड़प उठती है। 

2.शिक्षिका

कहते है कि जब कोई  नन्ही सी परी घर में जन्म लेती है तो स्कूल टीचर्स से पहले उसकी पहली शिक्षिका मां ही होती है। कोई मां ही बेटी को अच्छे -बुरे का ज्ञान और अच्छे संस्कार सिखाती है। इतनी ही नहीं, जीवन में आने वाली सभी दिक्कतो से निपटने का रास्ता भी बताती है। 

3. बुढ़ापे का सहारा

बदलते लाइफस्टाइल में बेटियां पढ़ी-लिखी और अपने पैरों पर निर्भर है। वह बेटे को मुकाबले अपने मां-बाप का ज्यादा ख्याल रखती है। उनके बुढ़ापे का सहारा भी बनती है। 

4. बढ़ती उम्र का ज्ञान 

मां अपनी बेटी को प्यार और दुलार से बढ़ती उम्र का ज्ञान देती है। उसे सही रास्ता चुनने के लिए सला देती है। मां होती है, जिससे बेटी अपनी बढ़ती उम्र के दौरान होने वाली दिक्कतों को खुलकर कह देती है। 

5. फुल स्पोर्ट 

अगर किसी वजह से बेटी निराश हो जाएं तो मां उसकी वजह पूछकर उसका पूरा-पूरा स्पोर्ट करती है क्योंकि कोई भी मां अपने बच्चों का दुख सहन नहीं कर पाती है। 



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