ऐश्वर्या से कैटरीना तक, मां बनने के बाद महिलाओं की बॉडी को जज करना कब बंद होगा?
punjabkesari.in Monday, Sep 21, 2026 - 11:33 AM (IST)
नारी डेस्क: मां बनना किसी भी महिला के जीवन का बेहद खास और बड़ा बदलाव होता है। प्रेग्नेंसी से लेकर डिलीवरी और उसके बाद बच्चे की देखभाल तक, महिला का शरीर कई बदलावों से गुजरता है। इसके बावजूद अक्सर सबसे पहले सवाल यही पूछा जाता है कि डिलीवरी के बाद उसका वजन कितना बढ़ गया या वह पहले जैसी क्यों नहीं दिख रही। यह सवाल सिर्फ आम महिलाओं से नहीं पूछा जाता, बल्कि सेलिब्रिटी मॉम्स भी इससे बच नहीं पातीं। सोशल मीडिया के दौर में किसी अभिनेत्री की डिलीवरी के बाद की तस्वीर सामने आते ही लोग उसके कपड़ों, वजन और बॉडी शेप पर कमेंट करने लगते हैं। लेकिन उनके इस खास पल और खुशी पर बात करने के बजाय सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनके बदले हुए वजन को निशाना बनाया। कुछ यूजर्स ने उनकी पुरानी तस्वीरों से तुलना की और यहां तक कह दिया कि उनका करियर खत्म हो गया है। सवाल यह है कि एक महिला मां बनती है तो उसके शरीर में आए बदलाव को लेकर किसी दूसरे व्यक्ति को इस तरह की टिप्पणी करने का अधिकार आखिर किसने दिया?
कैटरीना सिर्फ एक उदाहरण हैं
कैटरीना कैफ का मामला नया जरूर है, लेकिन यह समस्या काफी पुरानी है। फर्क सिर्फ इतना है कि आज सोशल मीडिया की वजह से ऐसे कमेंट तुरंत हजारों लोगों तक पहुंच जाते हैं। जरा सोचिए, जब करोड़ों लोगों के सामने रहने वाली अभिनेत्रियों को अपने शरीर के लिए इस तरह के ताने सुनने पड़ते हैं, तो उन आम महिलाओं की स्थिति कैसी होती होगी जो रोजमर्रा की जिंदगी में परिवार, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों की ऐसी टिप्पणियों का सामना करती हैं। किसी महिला के लिए बच्चे को जन्म देने के बाद अपनी बॉडी को लेकर सहज होना ही कई बार मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बाहर से मिलने वाले ताने और तुलना उसके आत्मविश्वास को और प्रभावित कर सकते हैं
Bipasha Basu ने भी बयां किया था अपना दर्द
अभिनेत्री बिपाशा बसु ने बेटी देवी के जन्म के बाद शरीर को लेकर होने वाली अपेक्षाओं पर खुलकर बात की थी। उनका कहना था कि बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद ही महिला से ऐसी उम्मीद की जाती है जैसे वह जादू से अपनी पुरानी बॉडी में वापस आ जाए। खासकर 40 की उम्र में मां बनने वाली महिला से यह उम्मीद करना कि वह कुछ ही समय में 20 साल की उम्र जैसी बॉडी में लौट आए, वास्तविकता से बिल्कुल अलग है। डिलीवरी के बाद महिला सिर्फ अपने शरीर में आए बदलाव से नहीं जूझ रही होती। उसे बच्चे की देखभाल, नींद की कमी, रोजमर्रा की जिम्मेदारियां और अपने शरीर की रिकवरी, सब कुछ एक साथ संभालना पड़ता है। ऐसे में वजन को लेकर ताना देना उसकी मुश्किल को और बढ़ा सकता है।
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Neha Dhupia ने कहा था- '23 किलो वजन बढ़ गया तो क्या मेरी जान ले लोगे?'
अभिनेत्री नेहा धूपिया ने भी प्रेग्नेंसी के बाद बढ़े वजन को लेकर होने वाली ट्रोलिंग पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उनके मुताबिक प्रेग्नेंसी के बाद उनका वजन करीब 23 से 25 किलो तक बढ़ गया था। उन्होंने सवाल उठाया था कि अगर किसी महिला का वजन 23 किलो बढ़ गया है तो क्या वह लोगों के लिए मजाक या चर्चा का विषय बन जाना चाहिए? दरअसल, यही सोच बदलने की जरूरत है। वजन बढ़ना या शरीर का आकार बदलना किसी महिला के मां बनने के बाद होने वाले सामान्य बदलावों का हिस्सा हो सकता है। इसे उसकी खूबसूरती, काबिलियत या पहचान से जोड़ना सही नहीं है।
Sameera Reddy ने 105 किलो वजन और अकेलेपन पर की थी बात
अभिनेत्री समीरा रेड्डी ने भी पोस्टपार्टम पीरियड के दौरान अपने अनुभवों को काफी खुलकर साझा किया है। प्रेग्नेंसी के बाद उनका वजन बढ़कर करीब 105 किलो तक पहुंच गया था। उन्होंने बताया था कि उनके बदले हुए शरीर को लेकर लोगों की टिप्पणियों ने उनके आत्मविश्वास को प्रभावित किया। मां बनने के बाद जब एक महिला खुद ही अपने शरीर में आए बदलावों को समझने और स्वीकार करने की कोशिश कर रही होती है, उस समय समाज की आलोचना उसके लिए स्थिति को और कठिन बना सकती है। समीरा ने बॉडी शेमिंग और पोस्टपार्टम मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जिस तरह खुलकर बात की, उससे यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आया।

Aishwarya Rai Bachchan भी झेल चुकी हैं बॉडी शेमिंग
यह समस्या आज की नहीं है। ऐश्वर्या राय बच्चन भी बेटी आराध्या के जन्म के बाद अपने बढ़े हुए वजन को लेकर आलोचनाओं का सामना कर चुकी हैं। साल 2011 में बेटी के जन्म के करीब छह महीने बाद जब ऐश्वर्या कान्स फिल्म फेस्टिवल में पहुंचीं, तो उनके लुक और वजन को लेकर काफी बातें हुई थीं। उस समय भी लोगों ने यह उम्मीद की कि मां बनने के बाद अभिनेत्री जल्द से जल्द पहले जैसी दिखें। ऐश्वर्या के पति अभिषेक बच्चन ने उस समय अपनी पत्नी का बचाव किया था और उन्हें 'सुपरमॉम' कहा था। सोचने वाली बात यह है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी क्या हमारी सोच वास्तव में बदली है?
महिला की सफलता से ज्यादा उसके वजन की चिंता क्यों?
कैटरीना कैफ को ही देख लीजिए। वह सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं हैं। उन्होंने फिल्मों के अलावा अपना ब्यूटी ब्रांड Kay Beauty भी खड़ा किया है और बिजनेस की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। लेकिन जब वह मां बनने के बाद पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आती हैं तो चर्चा उनकी उपलब्धियों या खुशी से ज्यादा उनके शरीर और वजन को लेकर होने लगती है। यह सवाल सिर्फ कैटरीना का नहीं है। सवाल उस सोच का है जिसमें महिला की सफलता, मेहनत और पहचान से ज्यादा उसके शरीर को महत्व दिया जाता है। अगर किसी को सच में एक नई मां की सेहत की चिंता है, तो बातचीत उसके Nutrition, Recovery, Mental Health और Exercise पर होनी चाहिए। यह पूछने की जरूरत नहीं कि उसका वजन पहले जैसा क्यों नहीं हुआ।
हर महिला की Recovery अलग होती है
प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद हर महिला का शरीर एक जैसा व्यवहार नहीं करता। किसी का वजन जल्दी कम हो सकता है, तो किसी को ज्यादा समय लग सकता है। किसी महिला के शरीर में बदलाव ज्यादा दिखाई दे सकते हैं और किसी में कम। इसका कोई एक तय समय नहीं है कि डिलीवरी के इतने दिन या इतने महीने बाद हर महिला पहले जैसी दिखने लगे। इसलिए किसी नई मां को दूसरी महिला से या उसकी अपनी पुरानी तस्वीरों से तुलना करना सही नहीं है।

मां बनने के बाद सबसे ज्यादा जरूरत होती है समझ और सम्मान की
एक महिला जब बच्चे को जन्म देती है तो वह सिर्फ एक बच्चे को दुनिया में नहीं लाती, बल्कि खुद भी जीवन के एक बिल्कुल नए दौर में प्रवेश करती है। उसके शरीर को समय चाहिए, उसके मन को भी समय चाहिए और उसकी पूरी दिनचर्या बदल जाती है। ऐसे समय में उसे यह सुनने की जरूरत नहीं कि वह मोटी हो गई है, पहले जैसी नहीं दिखती या उसे जल्दी वजन कम करना चाहिए।
उसे जरूरत है थोड़ी समझ, थोड़े आराम और बहुत सारे सम्मान की
सेलिब्रिटी हो या आम महिला, मां बनने के बाद किसी के शरीर पर टिप्पणी करना हमारी चिंता नहीं, बल्कि हमारी सोच का आईना है। शायद अब समय आ गया है कि हम किसी मां की तस्वीर देखकर उसके वजन को नहीं, उसकी खुशी को देखें। उसकी बॉडी को नहीं, उसके संघर्ष को समझें। आखिर किसी महिला के मां बनने के बाद उसके शरीर पर फैसला सुनाने का अधिकार हमें किसने दिया?

