वजन घटाने वाली दवा से उखड़ रहे नाखून!स्टडी में सामने आई चौंकाने वाली बात
punjabkesari.in Saturday, Oct 03, 2026 - 10:31 AM (IST)
नारी डेस्क: वजन कम करने और टाइप-2 डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली जीएलपी-1 दवाओं को लेकर एक नई चिंता सामने आई है। फ्रांस, अमेरिका, ब्राजील और मेक्सिको के विशेषज्ञों की एक स्टडी में इन दवाओं के इस्तेमाल और नाखूनों से जुड़ी समस्याओं के बीच संभावित संबंध देखा गया है। अध्ययन के मुताबिक, इन दवाओं का इस्तेमाल करने वाले कुछ लोगों में नाखून कमजोर होने, रंग बदलने और त्वचा से अलग होने जैसी समस्याएं देखने को मिलीं।
क्या कहती है स्टडी
यूरोपियन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी एंड वेनेरोलॉजी में पेश किए गए इस अध्ययन में 575 ऐसे लोगों के स्वास्थ्य आंकड़ों का विश्लेषण किया गया, जो वजन कम करने वाली दवाएं ले रहे थे। इनकी तुलना 1,329 ऐसे लोगों से की गई, जिन्होंने कभी इन दवाओं का इस्तेमाल नहीं किया था। रिपोर्ट में सामने आया कि दवा लेने वाले करीब 39 फीसदी लोगों में नाखून के त्वचा से अलग होने की समस्या देखी गई, जबकि दवा न लेने वाले समूह में यह आंकड़ा करीब 9 फीसदी था। यानी दोनों समूहों के बीच काफी अंतर देखा गया। इसके अलावा, जीएलपी-1 दवा लेने वाले करीब 66 फीसदी लोगों में नाखून से जुड़ी कम से कम एक समस्या दर्ज की गई। इनमें नाखून के रंग में बदलाव जैसी शिकायतें भी शामिल थीं।

नाखून ही नहीं, बालों से जुड़ी परेशानी भी
अध्ययन से जुड़ी एक अन्य रिसर्च में जीएलपी-1 दवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों में बालों से जुड़ी शिकायतों को भी देखा गया। इसमें करीब आधे मरीजों ने सामान्य से ज्यादा बाल झड़ने की बात बताई। कुछ लोगों में सिर की त्वचा में खुजली, लालपन और परत जमने जैसी समस्याएं भी सामने आईं। हालांकि, इन समस्याओं के पीछे केवल दवा ही जिम्मेदार है, यह तय करने के लिए आगे और शोध की जरूरत है।

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भारत में भी बढ़ रहा है इस्तेमाल
भारत में वजन कम करने वाली जीएलपी-1 दवाओं का इस्तेमाल धीरे-धीरे बढ़ रहा है। फिलहाल इनकी कीमत काफी ज्यादा होने के कारण इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से बड़े शहरों और आर्थिक रूप से सक्षम वर्ग तक सीमित है। इन दवाओं का मासिक खर्च करीब 14 हजार से 26 हजार रुपये तक बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इन दवाओं की पहुंच बढ़ सकती है और इनके सस्ते विकल्प बाजार में आने के बाद इनका इस्तेमाल भी बढ़ सकता है।

क्या नाखून कमजोर होने पर दवा बंद कर दें
विशेषज्ञों की सलाह है कि अगर जीएलपी-1 दवा लेने के दौरान नाखून या बालों में कोई असामान्य बदलाव दिखाई दे, तो घबराकर दवा अपने आप बंद नहीं करनी चाहिए। नाखून कमजोर होना, उनका रंग बदलना, त्वचा से अलग होना या अचानक बाल ज्यादा झड़ना जैसी समस्या नजर आए तो डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार दवा, खुराक और अन्य संभावित कारणों की जांच कर सकते हैं।
ध्यान रखें: यह अध्ययन दवा और नाखूनों की समस्या के बीच संबंध का संकेत देता है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि हर व्यक्ति में ऐसी परेशानी दवा की वजह से ही होगी। दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह और निगरानी में ही लेनी चाहिए।

