Brain को नुकसान देती इस Vitamin की कमी, जीभ में जलन और हाथों में सुन्नपन बड़ी निशानी!
punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 07:23 PM (IST)
नारी डेस्कः क्या आपको भी ऐसा महसूस होता है कि आपके शरीर में पूरी एनर्जी खत्म हो गई है तो बता दें कि ये सिर्फ स्ट्रेस और नींद कम लेने की वजह से नहीं बल्कि विटामिन बी12 की कमी के संकेत भी हो सकते हैं। विटामिन बी 12 एक ऐसा पोषक तत्व है जिसकी जरूरत हमारी बॉडी को रोजाना होती है लेकिन ये शरीर से खुद से नहीं बनता। ये आपको भोजन से मिलता है चलिए आपको इसके शरीर में कम होने के लक्षण और नैचुरल तरीके बताते हैं।
विटामिन B12 क्या है और क्यों ज़रूरी है?
Vitamin B12 को Cobalamin कहा जाता है जो पानी में घुलने वाला विटामिन है जो डीएनए बनाने में मदद करता है, जिन लोगों को इसकी कमी होती है उन्होंने डिप्रेशन और फोक्स करने में प्रॉब्लम होती है, दिमागी थकान, दिमाग की नसों में कमजोरी या सुन्नपन महसूस होती है। हमारे शरीर को रोजाना थोड़ी-सी लेकिन लगातार विटामिन बी 12 की ज़रूरत होती है। एक व्यस्क को औसतन 2.4 mcg, गर्भवती महिला को 2.6 mcg, और स्तनपान कराने वाली महिला को 2.8 mcg विटामिन बी 12 की आवश्यकता होती है।
DNA में मददगार है विटामिन B12
रेड ब्लड सेल्स (लाल रक्त कोशिकाएं) के लिए यह विटामिन बहुत जरूरी है। इससे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति सही रहती है। यह Nervous System (तंत्रिका तंत्र) को मजबूत रखता है और यह दिमाग और मनोदशा को संतुलित करने में मदद करता है। जब शरीर में इसकी कमी हो जाए तो मानसिक थकान, कमजोरी और फोक्स ना होना, जैसी कई दिक्कतें हो सकती हैं इसलिए इसे “Energy Vitamin” भी कहा जाता है।

विटामिन B12 की कमी के लक्षण
विटामिन बी12 की कमी एकदम से नजर नहीं आती, कई बार तो सालों बाद ही इसका पता चलता है। इसके लक्षण अक्सर बहुत सामान्य लगते हैं हालांकि इन्हें अनदेखा नहीं करना चाहिए।
लगातार थकान और कमजोरी रहना।
हाथ-पैरों में सुन्नपन या झुनझुनाहट होना। ऐसा इसलिए क्योंकि नर्व्स को पर्याप्त B12 नहीं मिल पाता।
त्वचा में पीला या लालपन, क्योंकि रक्त कोशिकाओं की संख्या घटती है।
याददाश्त और फोक्स में कमी।
चिड़चिड़ापन या डिप्रेशन के लक्षण।
जीभ पर जलन या दर्द (Glossitis) और भूख कम लगना।
अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो विटामिन बी12 टेस्ट करवाना चाहिए क्योंकि यह कमी एनीमिया और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं में बदल सकती है।
विटामिन B12 के मुख्य स्त्रोत
बता दें कि विटामिन बी12 की कमी नॉन वेजिटेरियन लोगों को कम होती है क्योंकि यह मुख्यतः एनिमल बेस्ड फुड्स (animal-based foods) में पाया जाता है।
मछली (Fish): सालमन, टूना, ट्रॉउट (Salmon, Tuna, Trout) और सार्डिन (Sardines) जैसी मछलियां Vitamin B12 का बेहतरीन स्रोत हैं। इससे विटामिन बी 12 के साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड भी मिलता है जो दिल के लिए अच्छा होता है।
चिकन और मटन लिवर (Liver): लिवर को “B12 Powerhouse” कहा जाता है। इसकी थोड़ी सी मात्रा पूरे दिन की जरूरत पूरी कर देती है।
अंडा (Egg): अंडे के पीले भाग में विटामिन बी12 भरपूर होता है। रोज़ाना एक अंडा खाना इसकी कमी पूरी करने का अच्छा तरीका है।
दूध और डेयरी उत्पाद: Non-veg लोगों के साथ-साथ वेजिटेरियन के लिए भी दूध और पनीर अच्छे स्रोत हैं। इन खाद्य पदार्थों को रोज़ाना या सप्ताह में 3-4 बार डाइट में शामिल करना लाभकारी होता है।
शाकाहारी लोग विटामिन बी12 के लिए क्या खाएं
शाकाहारी लोगों के लिए विटामिन बी 12 के बहुत कम स्त्रोत है हालांकि शाकाहारी लोगों के लिए शाकाहारी स्त्रोत भी है। दूध, दही, पनीर, चीज़: ये नेचुरल वेजिटेरियन विटामिन बी12 फुड्स हैं। रोज़ाना एक गिलास दूध और एक कटोरी दही से काफी हद तक कमी दूर हो सकती है।
फॉर्टिफाइड भोजनः साबुत अनाज, सोया मिल्क, ओट्स और प्लांट्स बेस्ड दूध जैसे बादाम का दूध में विटामिन बी 12 आर्टिफिशयली एड किया जाता है। इन्हें ही “fortified foods” कहा जाता है।
न्यूट्रिशंयस यीस्टः वेगन लोगों के लिए यह सुपरफूड माना जाता है। इसका स्वाद चीज जैसा होता है इसे आप सेलेड और सूप में डालकर ले सकते हैं।
शाकाहारी के लिए Diet Plan
सुबहः दूध के साथ fortified cereal
दोपहरः दही और पनीर की सब्ज़ी
शामः सोया मिल्क
रातः हल्का सूप जिसमें nutritional yeast मिलाया गया हो
नॉन-वेज लोगों के लिए डाइट प्लान
सुबहः उबला अंडा या आमलेट
दोपहरः फिश करी या चिकन लिवर
शामः दही और सलाद
रातः दूध का सेवन
विटामिन B12 को प्राकृतिक रूप से कैसे बढ़ाएं (Vitamin B12 Naturally Kaise Badaye)
अगर आप सप्लीमेंट्स नहीं खाना चाहते तो रोज दूध, दही पनीर जैसे डेयरी प्रॉडक्ट्स खाएं। अगर आप नॉन वेजिटेरियन है तो आपको सप्ताह में 2-3 बार फिश या अंडा खाना चाहिए।
सप्लीमेंट्स लेने के लिए आप कैप्सूल या इंजेक्शन ले सकते हैं लेकिन ये डॉक्टर सलाह से ही करना चाहिए क्योंकि supplements से जल्दी राहत तो मिलती है, लेकिन natural absorption ज्यादा sustainable होता है।
किन लोगों में Vitamin B12 की कमी ज़्यादा होती है?
वेजिटेरियन और वेगन लोगों में ज्यादा कमी होती हैं क्योंकि वह नॉनवेज प्रोडक्ट्स नहीं खाते।
उम्र बढ़ने के साथ भी इसकी कमी हो जाती है।
गर्भवती महिलाओं को भी कमी हो सकती है। बच्चे के दिमाग और स्पाइनल कोर्ड के विकास के लिए B12 ज़रूरी होता है।
जिन्हें गेस्ट्रिक समस्या रहती हैं जैसे एसिडिटी, अल्सर और गट इंफेक्शन होता है, उसमें कमी देखी जाती है। इन लोगों को नियमित जांच करवानी चाहिए।
डॉक्टर से कब मिलें?
अगर आपको लगातार कमजोरी, नींद न आना, हाथ-पैर सुन्न होना, या स्किन पीले या फीकेपन में लगना जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।

