छींकते या खांसते ही यूरिन लीक हो जाता है? Pelvic Floor मजबूत करने के लिए करें ये 7 एक्सरसाइज

punjabkesari.in Monday, Aug 24, 2026 - 04:04 PM (IST)

नारी डेस्क:  क्या छींकते, खांसते, हंसते या सीढ़ियां चढ़ते समय अचानक यूरिन लीक हो जाता है? अगर ऐसा कभी-कभार नहीं बल्कि बार-बार हो रहा है, तो इसे सिर्फ उम्र का असर मानकर नजरअंदाज न करें। इसे स्ट्रेस यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस कहा जा सकता है, जिसमें छींकने, खांसने या किसी तरह का दबाव पड़ने पर मूत्र का रिसाव हो जाता है। कमजोर पेल्विक फ्लोर मसल्स इसकी एक अहम वजह हो सकती हैं। अच्छी बात यह है कि पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों की ट्रेनिंग कई लोगों में यूरिन लीकेज को कम करने में मदद कर सकती है। इसके लिए सबसे ज्यादा जानी-पहचानी एक्सरसाइज कीगल एक्सरसाइज है, लेकिन इसके साथ कुछ आसान एक्सरसाइज को भी रूटीन में शामिल किया जा सकता है। 

पेल्विक फ्लोर क्या होता है

पेल्विक फ्लोर पेट के निचले हिस्से में मौजूद मांसपेशियों और टिश्यू का समूह है। ये मांसपेशियां ब्लैडर और आंतों को सपोर्ट देती हैं और यूरिन पर कंट्रोल रखने में भी मदद करती हैं। महिलाओं में गर्भाशय को भी ये मांसपेशियां सहारा देती हैं।  प्रेग्नेंसी और डिलीवरी, बढ़ती उम्र, ज्यादा वजन और कुछ सर्जरी जैसी स्थितियों में पेल्विक फ्लोर कमजोर हो सकता है। इसके बाद छींकने, खांसने या हंसने पर यूरिन लीक होने जैसी समस्या शुरू हो सकती है। 

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 कीगल एक्सरसाइज

पेल्विक फ्लोर को मजबूत करने के लिए कीगल एक्सरसाइज सबसे प्रमुख एक्सरसाइज में शामिल है। इसमें उन्हीं मांसपेशियों को सिकोड़ना और ढीला छोड़ना होता है, जिनका इस्तेमाल गैस रोकने या पेशाब रोकने के लिए किया जाता है। शुरुआत में पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को करीब 3 सेकंड तक सिकोड़ें और फिर पूरी तरह रिलैक्स करें। इसे धीरे-धीरे 10 से 15 बार तक किया जा सकता है। एक्सरसाइज करते समय पेट, जांघों या कूल्हों की मांसपेशियों को जरूरत से ज्यादा न कसें और सामान्य तरीके से सांस लेते रहें।  एक जरूरी बात यह है कि पेशाब करते समय बार-बार बीच में यूरिन रोककर कीगल एक्सरसाइज करने की आदत न डालें। इससे ब्लैडर पूरी तरह खाली न होने की समस्या हो सकती है। 

 ब्रिज एक्सरसाइज

ब्रिज एक आसान एक्सरसाइज है, जिसमें ग्लूट्स, कोर और पेल्विक एरिया की मांसपेशियां काम करती हैं। इसके लिए पीठ के बल लेटें और घुटनों को मोड़कर पैर जमीन पर रखें। अब धीरे-धीरे कूल्हों को ऊपर उठाएं और कुछ सेकंड रुकने के बाद वापस नीचे आएं। शुरुआत में कम रैप्स से शुरू करें और शरीर की क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे बढ़ाएं।

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स्क्वाट

स्क्वाट सिर्फ पैरों के लिए ही नहीं है। सही तरीके से किया जाए तो इसमें शरीर के निचले हिस्से और कोर की कई मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। पैरों को कंधों की चौड़ाई के आसपास रखें और ऐसे नीचे जाएं जैसे कुर्सी पर बैठने वाले हों। इसके बाद वापस खड़े हो जाएं। शुरुआत में कम संख्या में स्क्वाट करें और अगर दर्द या असहजता हो तो इसे रोक दें।

बर्ड-डॉग

यह एक्सरसाइज कोर और शरीर के संतुलन पर काम करती है। इसे करने के लिए हाथों और घुटनों के बल आ जाएं। अब एक हाथ को आगे और उसके विपरीत पैर को पीछे की तरफ सीधा करें। कुछ देर इसी स्थिति में रहने के बाद वापस सामान्य पोजीशन में आएं और दूसरी तरफ से यही प्रक्रिया दोहराएं। इसे धीरे-धीरे करना ज्यादा बेहतर है, ताकि शरीर का संतुलन बना रहे।

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 पेल्विक टिल्ट

पेल्विक टिल्ट एक हल्की एक्सरसाइज है, जिसे शुरुआती लोग भी आसानी से कर सकते हैं। पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें और पैरों को जमीन पर रखें। अब पेट की मांसपेशियों को हल्का कसते हुए अपनी कमर के निचले हिस्से को जमीन की तरफ दबाएं। कुछ सेकंड रुकें और फिर शरीर को रिलैक्स कर दें। इसे आराम से कई बार दोहराया जा सकता है।

हील स्लाइड्स

अगर आप बहुत हल्की एक्सरसाइज से शुरुआत करना चाहते हैं तो हील स्लाइड्स आजमा सकते हैं। पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें और दोनों पैर जमीन पर रखें। अब एक पैर की एड़ी को धीरे-धीरे आगे की ओर सरकाते हुए पैर सीधा करें और फिर उसे वापस उसी जगह ले आएं। इसके बाद दूसरे पैर से यही करें। इस दौरान शरीर को स्थिर रखने की कोशिश करें।

 डीप ब्रीदिंग के साथ पेल्विक फ्लोर एंगेजमेंट

सिर्फ मांसपेशियों को कसना ही जरूरी नहीं है, उन्हें सही समय पर रिलैक्स करना भी उतना ही अहम है। आराम से बैठकर या लेटकर नाक से गहरी सांस लें और धीरे-धीरे बाहर छोड़ें। सांस छोड़ते समय पेल्विक फ्लोर को हल्का सा सिकोड़ने की कोशिश कर सकते हैं और सांस लेते समय मांसपेशियों को पूरी तरह रिलैक्स करें। अगर इसे करते समय आपको मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द महसूस हो तो एक्सरसाइज रोक दें।

रोज कितनी देर करनी चाहिए

पेल्विक फ्लोर ट्रेनिंग का फायदा तुरंत नजर नहीं आता। नियमित अभ्यास जरूरी है। कीगल एक्सरसाइज में धीरे-धीरे 10 से 15 रिपीटिशन तक पहुंचा जा सकता है, जबकि NHS के अनुसार पेल्विक फ्लोर ट्रेनिंग का असर देखने में कुछ महीने भी लग सकते हैं।  अगर आप पहली बार शुरुआत कर रहे हैं तो बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने के बजाय धीरे-धीरे रूटीन बनाना बेहतर है। जरूरत पड़ने पर पेल्विक फ्लोर फिजियोथेरेपिस्ट सही मसल्स पहचानने और एक्सरसाइज की तकनीक सुधारने में मदद कर सकता है। 

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यूरिन लीकेज को शर्म की बात न समझें

छींकते या खांसते समय यूरिन लीक होना काफी आम समस्या है, लेकिन इसे सामान्य मानकर हमेशा के लिए नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए। इसके पीछे पेल्विक फ्लोर की कमजोरी के अलावा दूसरी वजहें भी हो सकती हैं। अगर यूरिन लीकेज लगातार हो रहा है, अचानक बढ़ गया है, पेशाब में दर्द या खून आता है, या ब्लैडर खाली करने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। सही कारण पता चलने के बाद ही उचित इलाज या एक्सरसाइज प्लान तय किया जा सकता है। 

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। हर व्यक्ति के लिए एक जैसी एक्सरसाइज सही नहीं होती। अगर आप गर्भवती हैं, हाल में डिलीवरी या सर्जरी हुई है, पेल्विक एरिया में दर्द रहता है या यूरिन लीकेज ज्यादा है, तो एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर या पेल्विक फ्लोर फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लें।  

 
 


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Content Editor

Priya Yadav

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