सीने में दर्द ही नहीं, ये लक्षण भी देते हैं दिल की धमनियों में ब्लॉकेज के संकेत
punjabkesari.in Saturday, Sep 12, 2026 - 12:43 PM (IST)
नारी डेस्क : दिल तक खून और ऑक्सीजन पहुंचाने वाली धमनियों में जब धीरे-धीरे वसा और दूसरे पदार्थों से प्लाक जमा होने लगता है, तो धमनियां संकरी हो सकती हैं। इस स्थिति को कोरोनरी आर्टरी डिजीज कहा जाता है। समय के साथ यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और कुछ मामलों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। परेशानी की बात यह है कि शुरुआत में कई लोगों को इसके कोई स्पष्ट लक्षण महसूस नहीं होते। लेकिन जैसे-जैसे धमनियों में रुकावट बढ़ती है, शरीर कुछ संकेत दे सकता है। इन्हें समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है।
कोरोनरी आर्टरी डिजीज क्या है?
कोरोनरी धमनियां दिल की मांसपेशियों तक खून और ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करती हैं। जब इन धमनियों की अंदरूनी दीवारों पर प्लाक जमा होने लगता है, तो उनका रास्ता संकरा हो सकता है और दिल तक पहुंचने वाले रक्त का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। अगर प्लाक की सतह पर अचानक खून का थक्का बन जाए और रक्त प्रवाह गंभीर रूप से रुक जाए, तो हार्ट अटैक की स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए इस बीमारी के संभावित संकेतों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।

सीने में दर्द हो सकता है सबसे बड़ा संकेत
कोरोनरी आर्टरी डिजीज में सबसे आम लक्षणों में एंजाइना शामिल है। इसमें सीने के बीच में दबाव, जकड़न, भारीपन या दर्द महसूस हो सकता है। कई लोगों को ऐसा लगता है जैसे सीने पर कुछ भारी रखा हो। यह परेशानी सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहती। दर्द या असहजता कंधे, बांह, गर्दन, जबड़े या ऊपरी पेट तक भी फैल सकती है। कई बार लोग इसे गैस या अपच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, खासकर जब दर्द हल्का हो। लेकिन अगर ऐसी परेशानी बार-बार हो रही है, खासकर चलने, सीढ़ियां चढ़ने या मेहनत करने के दौरान, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।
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ये लक्षण भी हो सकते हैं संकेत
कोरोनरी आर्टरी डिजीज में सीने की परेशानी के अलावा कुछ अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं,
जैसे: थोड़ी मेहनत में ही सांस फूलना
असामान्य रूप से ज्यादा थकान महसूस होना
ठंडा पसीना आना
जी मिचलाना या उल्टी जैसा महसूस होना
चक्कर या कमजोरी महसूस होना
दिल की धड़कन तेज या अनियमित महसूस होना
सीने में भारीपन या दबाव
महिलाओं, बुजुर्गों और मधुमेह वाले लोगों में लक्षण कभी-कभी अलग या कम स्पष्ट हो सकते हैं।
इसलिए केवल तेज सीने के दर्द का इंतजार करना सही नहीं है।

स्थिर एंजाइना और अचानक होने वाली गंभीर स्थिति में अंतर
स्थिर एंजाइना में सीने की परेशानी अक्सर एक खास परिस्थिति में होती है, जैसे शारीरिक मेहनत या तनाव के दौरान और आराम करने पर कम हो सकती है। इसके लक्षण व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग हो सकते हैं। वहीं एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम ज्यादा गंभीर स्थिति है। इसमें प्लाक के फटने या उसकी सतह पर खून का थक्का बनने से रक्त प्रवाह अचानक कम या बंद हो सकता है। इससे अस्थिर एंजाइना या हार्ट अटैक हो सकता है। अगर सीने में दर्द या दबाव अचानक शुरू हो, आराम करने पर ठीक न हो, कई मिनट तक बना रहे या उसके साथ सांस फूलना, ठंडा पसीना, चक्कर या मतली जैसे लक्षण हों, तो इसे आपात स्थिति मानकर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
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किन लोगों में ज्यादा होता है खतरा?
कुछ स्थितियां कोरोनरी आर्टरी डिजीज के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। इनमें शामिल हैं
खून में खराब कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना
ट्राइग्लिसराइड का बढ़ा हुआ स्तर
उच्च रक्तचाप, बढ़ती उम्र
मधुमेह, धूम्रपान
अधिक वजन या मोटापा
शारीरिक गतिविधि की कमी
परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास
इनके अलावा शरीर में लंबे समय तक रहने वाली सूजन और कुछ अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी जोखिम को प्रभावित कर सकती हैं।

क्या प्लाक जमने से हमेशा लक्षण दिखाई देते हैं?
नहीं। कोरोनरी आर्टरी डिजीज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक यही है कि कुछ लोगों में लंबे समय तक कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देता। कई बार बीमारी का पता जांच के दौरान चलता है और कुछ मामलों में पहला संकेत ही गंभीर हृदय संबंधी समस्या हो सकता है। इसलिए जिन लोगों में हृदय रोग के जोखिम कारक मौजूद हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित स्वास्थ्य जांच करवानी चाहिए।
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कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर सीने में नया या तेज दर्द, दबाव या जकड़न हो और उसके साथ सांस लेने में परेशानी, ठंडा पसीना, चक्कर, कमजोरी, मतली या दर्द का बांह, जबड़े, गर्दन या पीठ तक फैलना महसूस हो, तो इंतजार न करें। तुरंत आपात चिकित्सा सहायता लें।
नोट: कोरोनरी आर्टरी डिजीज धीरे-धीरे विकसित हो सकती है और शुरुआत में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते। लेकिन सीने में दबाव या दर्द, मेहनत के दौरान सांस फूलना, असामान्य थकान, ठंडा पसीना और चक्कर जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर अगर किसी व्यक्ति को उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल या धूम्रपान जैसी समस्याएं हैं, तो समय पर डॉक्टर से जांच करवाना बेहद जरूरी है।

