मौत से पहले Twisha के साथ क्या हुआ था? हर एंगल पर CBI करेंगी जांच, रीक्रिएट कराया जाएगा सीन
punjabkesari.in Sunday, May 24, 2026 - 09:53 AM (IST)
नारी डेस्क: भोपाल की नवविवाहित ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत अब एक बेहद गंभीर और संवेदनशील जांच का विषय बन चुकी है। मामला सीबीआई तक पहुंचने के बाद अब जांच एजेंसी का पूरा फोकस उन घटनाओं की टाइमलाइन तैयार करने पर है, जो ट्विशा की मौत से ठीक पहले हुई थीं। जांचकर्ताओं की कोशिश यह समझने की है कि आखिर ऐसा कौन-सा “ट्रिगर पॉइंट” था, जिसके बाद ट्विशा की मानसिक स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई।
मौत से पहले के आखिरी दिनों की होगी पड़ताल
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ट्विशा के जीवन के आखिरी कुछ दिनों को विस्तार से रीक्रिएट करने की तैयारी कर रही है। जांच टीम यह जानना चाहती है कि उन दिनों में ऐसा क्या हुआ, जिसने उन्हें गहरे तनाव और मानसिक दबाव में धकेल दिया। बताया जा रहा है कि ट्विशा ने अपनी मां को भेजे आखिरी वॉट्सऐप संदेशों में घुटन, मानसिक प्रताड़ना और लगातार बढ़ते तनाव का जिक्र किया था। अब इन्हीं संदेशों को जांच का अहम आधार माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन चैट्स से यह समझने में मदद मिल सकती है कि ट्विशा की परेशानी धीरे-धीरे बढ़ रही थी या फिर किसी एक घटना ने अचानक उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनी जांच की सबसे अहम कड़ी
इस केस में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कई अहम सवाल खड़े कर रही है। रिपोर्ट में मौत से लगभग एक हफ्ते पहले की एक मेडिकल हिस्ट्री का भी उल्लेख किया गया है। इसी बिंदु को लेकर अब जांच एजेंसियां बेहद गंभीरता से पड़ताल कर रही हैं। सीबीआई अस्पताल के रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेज, काउंसलिंग से जुड़ी जानकारी और संबंधित लोगों के बयान खंगालने की तैयारी में है। जांचकर्ताओं की कोशिश यह पता लगाने की है कि क्या उस मेडिकल घटनाक्रम का ट्विशा की मानसिक और भावनात्मक स्थिति पर कोई सीधा असर पड़ा था।
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शरीर पर चोटों ने बढ़ाई रहस्य की परतें
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर कई जगह चोटों के निशान मिलने का भी जिक्र किया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये चोटें किसी कुंद वस्तु या ठोस चीज से लगने जैसी प्रतीत होती हैं। हालांकि बाहरी तौर पर ये सामान्य दिखाई दे रही हैं, लेकिन जांच एजेंसियां अब इन चोटों की टाइमिंग को लेकर गंभीरता से जांच कर रही हैं। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि ये चोटें मौत से ठीक पहले लगी थीं या फिर कुछ दिन पुरानी थीं। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से अब चोटों की प्रकृति और समय का विश्लेषण किया जाएगा।
वॉट्सऐप चैट्स और गवाहों के बयान होंगे अहम
जांच एजेंसियां अब ट्विशा के मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल्स और वॉट्सऐप चैट्स को भी बारीकी से खंगालेंगी। माना जा रहा है कि उनकी बातचीत से मानसिक स्थिति और पारिवारिक माहौल को समझने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही परिवार, करीबी दोस्तों और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। सीबीआई यह जानने की कोशिश करेगी कि क्या ट्विशा ने किसी को पहले से अपनी परेशानियों के बारे में बताया था।
हर एंगल से जांच में जुटी एजेंसी
फिलहाल सीबीआई इस पूरे मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए हर पहलू की गहराई से जांच करने की तैयारी में है। एजेंसी का उद्देश्य सिर्फ मौत की वजह पता लगाना नहीं, बल्कि उन परिस्थितियों को भी समझना है, जिनके चलते ट्विशा इस स्थिति तक पहुंचीं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में सामने आने वाले नए तथ्य इस हाई-प्रोफाइल केस को किस दिशा में ले जाते हैं।

