जमीन पर सिर पटका, घर से मूर्तियां हटा दी.... बेटे की मौत के बाद जीना नहीं चाहते थे शेखर सुमन
punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 04:21 PM (IST)
नारी डेस्क: एक्टर शेखर सुमन ने अपने बेटे आयुष को याद करते हुए एक बहुत इमोशनल पोस्ट शेयर किया, जो बहुत कम उम्र में गुजर गया था। एक्टर ने पुरानी यादों को याद किया और दिल से उस नुकसान के बारे में बात की जो अभी भी उनके साथ है। सुमन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर आयुष की एक तस्वीर के साथ एक दिल को छू लेने वाला नोट शेयर किया। जिसमें एक्टर ने बात की कैसे वह आज भी हर दिन अपने बेटे को मिस करते हैं और उसके बिना जिंदगी अधूरी लगती है।

पोस्ट शेयर करते हुए शेखर ने अपने "एंजल" को याद किया और बताया कि उनके बेटे ने बहुत जल्दी जाने से पहले उन्हें कितनी खुशी दी थी। अपनी पोस्ट में, एक्टर ने लिखा- "अपने एंजल आयुष को याद कर रहा हूं। हर पल तुम्हारी याद आती है मेरे बच्चे। तुम्हारे बिना ज़िंदगी अधूरी है। बहुत कम समय में तुमने हम सबको इतनी खुशियां दीं। हम अभी भी तुम्हें खोने के दुख से उबर नहीं पाए हैं, लेकिन आप भगवान और परियों के साथ एक बेहतर दुनिया में हैं।"
जिन्हें नहीं पता, उन्हें बता दें कि शेखर सुमन के बेटे आयुष की मौत अप्रैल 1995 में सिर्फ़ 11 साल की उम्र में हो गई थी। आयुष का एक दुर्लभ बीमारी के कारण निधन हो गया था। इस दुखद घटना ने शेखर को बुरी तरह से आहत किया था कि उन्होंने अपने घर से सभी धार्मिक मूर्तियां तक हटा दी थीं और मंदिर बंद कर दिया था। शेखर सुमन ने एक दर्दनाक याद शेयर कर बताया था कि आयुष की गंभीर हालत के बावजूद उन्हें शूटिंग करने के लिए कहा। जब वह जाने लगाे तो आयुष ने उनका हाथ पकड़ लिया और कहा था, 'पापा, आज मत जाइए, प्लीज।' शेखर ने तब बेटे से कहा कि वो जल्दी वापस आएंगे। वह बेटे की मौत के बाद सिर पटककर रोए थे।
शेखर का एक और बेटा अध्ययन सुमन भी है, जो अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए एक्टर बन गया। वर्क फ्रंट पर शेखर सुमन को आखिरी बार संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज़ 'हीरामंडी: द डायमंड बाज़ार' में देखा गया था। उन्होंने "खान बहादुर ज़ुल्फ़िकार अहमद" का रोल किया, जो नवाबों में एक ताकतवर आदमी था। यह शो 1940 के दशक में भारत के आज़ादी की लड़ाई के समय पर सेट है और इसमें तवायफ़ों और उनके चाहने वालों की ज़िंदगी को दिखाया गया है। यह 1 मई, 2024 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुआ।

