शादी से पहले लड़कियों को किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए -सुप्रीम कोर्ट
punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 01:56 PM (IST)
नारी डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि शादी से पहले लड़कियों को किसी पर पूरी तरह भरोसा नहीं करना चाहिए और शारीरिक संबंध बनाने में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। यह टिप्पणी एक ऐसे मामले में की गई, जिसमें शादी का वादा कर दुष्कर्म के आरोप से जुड़ी जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही थी।
कोर्ट की टिप्पणी
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि शादी से पहले लड़का और लड़की एक-दूसरे के लिए अजनबी होते हैं। इसलिए शारीरिक संबंध बनाने में बहुत सतर्कता बरतनी चाहिए। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि शायद हम पुराने ख्यालों वाले हैं, लेकिन यह समझ पाना मुश्किल है कि शादी से पहले शारीरिक संबंध कैसे संभव हैं। उन्होंने युवतियों को चेतावनी दी कि शादी से पहले किसी पर पूरा भरोसा करना सही नहीं है।
मामला क्या था
युवती की शिकायत के अनुसार, 30 साल की महिला ने बताया कि एक युवक ने पहले दिल्ली और बाद में दुबई में शादी का वादा किया और उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। बाद में उसे पता चला कि युवक ने पंजाब में दूसरी शादी कर ली। इस मामले के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि शादी से पहले किसी पर अंधविश्वास करना सुरक्षित नहीं है।

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सबरीमाला मामला: बड़ी पीठ करेगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने केरल के सबरीमाला अयप्पा मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ भेदभाव और धार्मिक आजादी से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए नौ जजों की संविधान पीठ का गठन किया है। यह संविधान पीठ 7 अप्रैल से अंतिम सुनवाई शुरू करेगी और 22 अप्रैल तक चलेगी। यह मामले धार्मिक आजादी और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले का संकेत देते हैं।
कोर्ट का संदेश
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि शादी से पहले सावधानी रखना जरूरी है, खासकर शारीरिक संबंधों में। युवतियों को चाहिए कि वे किसी भी व्यक्ति पर अंधविश्वास या पूरी तरह भरोसा करने से बचें। यह फैसला महिलाओं के लिए चेतावनी के तौर पर भी देखा जा सकता है कि अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना बहुत जरूरी है।

