पैरों में दिखने वाले ये संकेत हो सकते हैं विटामिन बी12 की कमी!
punjabkesari.in Wednesday, Jun 24, 2026 - 10:10 AM (IST)
नारी डेस्क: विटामिन बी12 उन जरूरी पोषक तत्वों में शामिल है जो शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह न केवल लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) के निर्माण में मदद करता है, बल्कि मस्तिष्क और नसों के बेहतर कामकाज के लिए भी आवश्यक माना जाता है। जब शरीर में इस विटामिन की कमी होने लगती है, तो इसके प्रभाव कई रूपों में दिखाई दे सकते हैं। आमतौर पर लोग थकान, कमजोरी या चिड़चिड़ेपन जैसे लक्षणों पर ध्यान देते हैं, लेकिन कई बार इसके शुरुआती संकेत पैरों में भी नजर आने लगते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन संकेतों को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
हमेशा ठंडे रहते हैं पैर? हो सकता है यह चेतावनी का संकेत
अगर मौसम सामान्य होने के बावजूद आपके पैर लगातार ठंडे महसूस होते हैं, तो इसे केवल मौसम या सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विटामिन बी12 की कमी के कारण शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण प्रभावित हो सकता है, जिससे शरीर के विभिन्न हिस्सों तक ऑक्सीजन और रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। रक्त संचार प्रभावित होने की स्थिति में पैरों में लगातार ठंडापन महसूस हो सकता है। विशेषज्ञ इसे विटामिन बी12 की कमी से जुड़े शुरुआती संकेतों में से एक मानते हैं।

पैरों की त्वचा का पीला पड़ना भी हो सकता है वजह
विटामिन बी12 की कमी से एनीमिया की समस्या विकसित हो सकती है। जब शरीर पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बना पाता, तो त्वचा का रंग सामान्य से फीका या पीला दिखाई देने लगता है। यह बदलाव केवल चेहरे तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पैरों की त्वचा पर भी साफ नजर आ सकता है। यदि पैरों का रंग सामान्य से अधिक पीला दिखने लगे, तो यह शरीर में पोषण संबंधी कमी का संकेत हो सकता है।
चलते समय संतुलन बिगड़ना या बार-बार लड़खड़ाना
कई बार लोग उम्र बढ़ने या थकान को संतुलन बिगड़ने की वजह मान लेते हैं, लेकिन इसके पीछे विटामिन बी12 की कमी भी जिम्मेदार हो सकती है। यह विटामिन नसों के चारों ओर मौजूद सुरक्षात्मक परत, जिसे माइलिन कहा जाता है, को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। जब लंबे समय तक शरीर में इसकी कमी बनी रहती है, तो नसों तक पहुंचने वाले संकेत प्रभावित होने लगते हैं। इसका असर चलने-फिरने और शरीर का संतुलन बनाए रखने की क्षमता पर पड़ सकता है। ऐसे में व्यक्ति को चलते समय लड़खड़ाहट या अस्थिरता महसूस हो सकती है।

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पैरों में लगातार जलन महसूस होना
यदि बिना किसी चोट, संक्रमण या अन्य स्पष्ट कारण के पैरों में बार-बार जलन महसूस होती है, तो यह भी विटामिन बी12 की कमी से जुड़ा लक्षण हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब नसें प्रभावित होने लगती हैं तो व्यक्ति को पैरों में गर्माहट, जलन या असहजता महसूस हो सकती है। यह समस्या अक्सर रात के समय अधिक परेशान कर सकती है और दैनिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकती है।
झुनझुनी या सुई चुभने जैसा एहसास
पैरों में झुनझुनी, सुन्नपन या सुई चुभने जैसा एहसास विटामिन बी12 की कमी के सबसे सामान्य और महत्वपूर्ण संकेतों में गिना जाता है। यह स्थिति तब पैदा होती है जब नसों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता और उनका सामान्य कार्य प्रभावित होने लगता है। यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो नसों को स्थायी नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए ऐसे लक्षण दिखाई देने पर जल्द से जल्द चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी माना जाता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए
अगर आपको बार-बार पैरों में ठंडापन, जलन, झुनझुनी, सुन्नपन, त्वचा का पीलापन या संतुलन बिगड़ने जैसी समस्याएं महसूस हो रही हैं, तो इन्हें सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर जांच करवाकर विटामिन बी12 के स्तर की जानकारी लेना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार शुरू करना भविष्य की गंभीर जटिलताओं से बचा सकता है। विटामिन बी12 की कमी धीरे-धीरे विकसित होती है और इसके लक्षण शुरुआत में मामूली लग सकते हैं। लेकिन समय रहते पहचान और सही उपचार से इस समस्या को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए शरीर में दिखाई देने वाले छोटे-छोटे संकेतों को समझना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहद जरूरी है।


