Personal Hygiene का रखें खास ख्याल, इन छोटी-छोटी बातों को न करें ignore
punjabkesari.in Saturday, Aug 22, 2026 - 03:26 PM (IST)
नारी डेस्क: पर्सनल हाइजीन की बात आते ही ज्यादातर लोग चेहरे, बालों और त्वचा की साफ-सफाई पर ध्यान देने लगते हैं। लेकिन शरीर के प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई भी उतनी ही जरूरी है। इस हिस्से की त्वचा काफी संवेदनशील होती है और गलत तरीके से सफाई करने पर जलन, खुजली, ड्राईनेस या संक्रमण जैसी परेशानियां हो सकती हैं। अच्छी बात यह है कि इसके लिए बहुत सारे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं होती। रोजाना की कुछ आसान आदतें अपनाकर प्राइवेट पार्ट को साफ और स्वस्थ रखा जा सकता है।
पर्सनल हाइजीन पर ध्यान देना क्यों जरूरी है
प्राइवेट पार्ट की नियमित और सही तरीके से सफाई करने से पसीना, गंदगी और त्वचा पर जमा होने वाली चीजों को हटाने में मदद मिलती है। वहीं, साफ-सफाई की कमी या बहुत ज्यादा सफाई करने की कोशिश दोनों ही परेशानी खड़ी कर सकती हैं। खासकर महिलाओं के मामले में योनि के अंदर सफाई करने की जरूरत नहीं होती। योनि अपने आप साफ होने की प्राकृतिक क्षमता रखती है। डूशिंग यानी पानी या किसी दूसरे प्रोडक्ट से अंदर की सफाई करने से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ सकता है और जलन या कुछ संक्रमणों का खतरा बढ़ सकता है।

महिलाओं को कैसे रखनी चाहिए साफ-सफाई
महिलाओं को मुख्य रूप से बाहरी हिस्से यानी वल्वा की सफाई पर ध्यान देना चाहिए। इसे सामान्य गुनगुने पानी से धीरे-धीरे साफ किया जा सकता है। अगर साबुन इस्तेमाल करना हो तो हल्का और बिना खुशबू वाला विकल्प बेहतर रहता है। तेज खुशबू वाले साबुन, स्प्रे, वाइप्स या दूसरे परफ्यूम वाले प्रोडक्ट्स संवेदनशील त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं। टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद सफाई करते समय आगे से पीछे की तरफ पोंछना भी अच्छी आदत है। इससे मलद्वार के आसपास के बैक्टीरिया के मूत्रमार्ग की ओर जाने की संभावना कम करने में मदद मिल सकती है।
पीरियड्स के दौरान रखें थोड़ी ज्यादा सावधानी
पीरियड्स के दौरान हाइजीन का ध्यान रखना और भी जरूरी हो जाता है। पैड को बहुत लंबे समय तक न पहनें और उसे जरूरत के अनुसार नियमित रूप से बदलते रहें। टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप इस्तेमाल करने वाली महिलाओं को संबंधित प्रोडक्ट के निर्देशों के मुताबिक उसे बदलना या खाली करना चाहिए। पीरियड्स के दौरान अत्यधिक खुशबू वाले सैनिटरी प्रोडक्ट्स या इंटिमेट वॉश का इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है, खासकर अगर उनसे जलन या खुजली होती हो।
पुरुष भी इन बातों का रखें ध्यान
पुरुषों को भी रोजाना प्राइवेट पार्ट की सफाई करनी चाहिए। अगर फोरस्किन है और वह आसानी से पीछे होती है, तो उसे धीरे से पीछे करके नीचे के हिस्से को गुनगुने पानी से साफ करें और फिर अच्छी तरह सुखा लें। जोर लगाकर फोरस्किन पीछे खींचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। बहुत ज्यादा रगड़ने या तेज साबुन और शॉवर जेल का इस्तेमाल करने से संवेदनशील त्वचा में जलन हो सकती है।
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अंडरवियर और गीले कपड़ों पर भी दें ध्यान
प्राइवेट हाइजीन सिर्फ नहाने तक सीमित नहीं है। रोजाना साफ अंडरवियर पहनना जरूरी है। ढीले और आरामदायक कपड़े, खासकर सूती अंडरवियर, कई लोगों के लिए अधिक आरामदायक हो सकते हैं। वर्कआउट, तैराकी या ज्यादा पसीना आने के बाद लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहने से त्वचा में नमी और घर्षण बढ़ सकता है, जिससे जलन या रैश की समस्या हो सकती है। इसलिए संभव हो तो पसीने या पानी से भीगे कपड़े जल्द बदल लें।
सेक्स के बाद भी रखें सफाई का ध्यान
यौन संबंध के बाद बाहरी हिस्से को सामान्य पानी से साफ करना और पेशाब कर लेना कुछ लोगों के लिए उपयोगी आदत हो सकती है, खासकर जिन्हें बार-बार यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) की समस्या होती है। हालांकि, सेक्स के बाद योनि के अंदर पानी डालकर सफाई करना जरूरी नहीं है और डूशिंग से बचना चाहिए। साथ ही, यह समझना जरूरी है कि सिर्फ हाइजीन से सभी यौन संक्रमणों से बचाव नहीं होता। यौन संक्रमणों से बचने के लिए सुरक्षित सेक्स और जरूरत पड़ने पर STI टेस्ट भी महत्वपूर्ण हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए
कभी-कभी शरीर खुद संकेत देता है कि सब कुछ सामान्य नहीं है। अगर प्राइवेट पार्ट में लगातार खुजली, जलन, दर्द, असामान्य गंध, असामान्य डिस्चार्ज, घाव, सूजन या पेशाब करते समय दर्द हो रहा है, तो इसे सिर्फ सफाई की समस्या मानकर खुद से इलाज शुरू नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण लगातार बने रहें या बार-बार वापस आएं तो डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। सही हाइजीन का मतलब जरूरत से ज्यादा सफाई करना नहीं, बल्कि शरीर के इस संवेदनशील हिस्से को सहज, साफ और बिना नुकसान पहुंचाए रखना है।

