बात-बात पर गुस्सा करने वाले बच्चे होते हैं Psychopath, जानिए शुरुआती लक्षण

punjabkesari.in Saturday, Feb 17, 2024 - 01:33 PM (IST)

बच्चों को हंसना, रोना, गुस्सा होना, अपनी भावनाओं को व्यक्त करना आम बात है लेकिन यदि इन सबसे अलग कोई बच्चा बहुत ही इमोशनल नजर आता है। दूसरों पर हमेशा नाराज रहता है, बात-बात पर गुस्सा दिखाता है, दूसरों से बात-बात पर झूठ बोलता है तो यह सब बातें पेरेंट्स के लिए थोड़ी चिंता पैदा कर सकती हैं। क्योंकि यह छोटे-छोटे लक्षण बच्चों की पर्सनेलिटी के बारे में बताते हैं। कई बार इन्हीं संकेतों और लक्षणों को अनदेखा करने से बच्चे साइकोपैथ भी बन सकते हैं।  ऐसे में जरुरी है कि आप अपने बच्चों की आदतों पर गौर कर लें। तो चलिए आज इस आर्टिकल के जरिए आपको बताते हैं कि साइकोपैथ बच्चों में शुरुआती लक्षण क्या हो सकते हैं। 

गुस्सैल 

यदि बच्चा बहुत ही गुस्सैल है तो यह साइकोपैथ का शुरुआती लक्षण हो सकता है। हालांकि बच्चे स्वभाविक रुप से गुस्सैल होते हैं जो कि उनका गुस्सा दिखाने या ध्यान आकर्षित करने का एक जरिया होता है। अगर बच्चे कभी-कभी गुस्सा करते हैं तो पेरेंट्स आसानी से उन्हें कंट्रोल कर सकते हैं लेकिन यदि बच्चे अक्सर ही गुस्से में रहते हैं और उनका गुस्सा हमेशा सातवें आसमान पर रहता है और अक्सर अपने गुस्से के लिए ओवर सेंसिटिव होता है तो इन लक्षणों को गंभीरता से लें। 

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 नहीं होता पछतावा 

ऐसे बच्चे जो साइकोपैथ होते हैं उन्हें कोई भी गलत काम करने का पछतावा नहीं होता। यदि इन बच्चों ने कुछ गलत किया है और इनसे माफी मांगने के लिए बोला जाए तो यह कभी नहीं मानते। इन्हें लगता है कि इन्होंने कुछ गलत नहीं किया तो यह फिर माफी क्यों मांगे। 

दूसरों को दुखी करना 

यदि आपके बच्चे दूसरों को दुखी देखकर खुश होता है, अक्सर दूसरों को जानबूझकर कष्ट पहुंचाता है, दूसरों के साथ दुर्व्वहार करता है, जानबूझकर किसी को चोट पहुंचाता है या फिर ऐसा करने की कोशिश करता है तो यह भी स्थिति ठीक नहीं है। इसका अर्थ है कि बच्चे में सहानुभूति की कमी है और वह साइकोपैथ है। ऐसे बच्चों को दूसरों को दर्द में देखना अच्छा लगता है। 

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बहुत ज्यादा झूठ बोलना 

वैसे तो बच्चे झूठ बोलते हैं लेकिन यदि आपका बच्चा बहुत ज्यादा झूठ बोलता है, बात-बात पर खुद को सही और दूसरों को झूठा साबित करने की कोशिश करता है तो यह भी साइकोपैथ का शुरुआती लक्षण ही है। ऐसे बच्चे न सिर्फ झूठ बोलते हैं बल्कि दूसरों के सामने खुद को अच्छा और बेहतर दिखाने के लिए किसी भी तरह का झूठ बोलने से पीछे नहीं हटते। 

नखरे दिखाना 

एक्सपर्ट्स की मानें तो बच्चे बहुत गुस्सैल होते हैं वे बहुत नखरे दिखाते है। ऐसे बच्चे अपनी बात को मनवाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। यही नहीं ऐसे बच्चे अपने पेरेंट्स की तकलीफ भी नहीं समझते। यदि पेरेंट्स उनकी जरुरत पूरी न कर पाएं तो बच्चे उनकी समस्या को भी समझने की कोशिश नहीं करते। ऐसे में यदि आपका बच्चा भी ऐसी हरकत करता है तो इसका अर्थ है कि वह साइकोपैथ है। 

डॉक्टर को कब दिखाएं 

यदि आपका बच्चा झूठ बोलता है या आपके बाते छुपाता है तो इसका अर्थ यह नहीं कि वह साइकोपैथ है। लेकिन अगर आपके बच्चे के अंदर सहानुभूति की कमी है, गलत काम करने के बाद उसमें पछतावा नहीं दिखता। वह बहुत ही कठोर और गुस्सैल स्वभाव का हो चुका है। बाकी लोगों को धमकाता है, जानवरों या फिर अपने से कमजोर लोगों के साथ दुर्व्वहार करता है तो एक बार एक्सपर्ट्स की सलाह जरुर लें। यदि आपको स्कूल या फिर अन्य बच्चों के पेरेंट्स से कोई शिकायत मिलती है तो भी अपने बच्चे के व्यवहार पर नजर रखें। 

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palak

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