बच्चों की Safety को लेकर एकता कपूर की पहल, टीवी के जरिए समझाया Good और Bad Touch का फर्क

punjabkesari.in Friday, Mar 06, 2026 - 12:32 PM (IST)

नारी डेस्क: फिल्म निर्माता एकता कपूर ने अपने शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में कंसेंट और सेफ टच का संदेश दिया है। स्टार प्लस ने सालों से ऐसी कहानियां बनाई हैं जो भावनाओं और गहरे ड्रामे से भरी होती हैं। इसके सबसे यादगार शोज में से एक,‘क्यूंकि सास भी कभी बहू थी‘, सिर्फ एक फैमिली सीरियल से कहीं बढ़कर था। यह एक ऐसा शो बना जिसने असल जिंदगी की समस्याओं और जरूरी सामाजिक मुद्दों को बहुत ही सहज तरीके से दिखाया और उन किरदारों के जरिए बातचीत शुरू करने में मदद की जिनसे दर्शक खुद को गहराई से जुड़ा हुआ महसूस करते थे। 


 ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में तुलसी ने सिखाई अहम बात

मौजूदा ट्रैक में, किडनैपिंग के बाद परी की बेटी गरिमा के साथ तुलसी की बातचीत को बहुत ही संवेदनशीलता के साथ दिखाया गया है। उस सदमे से बस आगे बढ़ जाने के बजाय, शो में दिखाया गया है कि कैसे तुलसी गरिमा को ‘गुड टच' और ‘बैड टच' के बीच का फर्क बड़े प्यार से समझाती है, और बच्चे को भरोसा दिलाती है कि अपनी बात कहना न सिर्फ सही है, बल्कि बहुत जरूरी भी है। यह पल भले ही शांत है, पर बहुत असरदार है। यह कहानी को सिर्फ डर और सदमे से हटाकर जागरूकता और हिम्मत की ओर ले जाता है। निर्माता एकता कपूर ने बताया कि जब तुलसी स्क्रीन पर ऐसे मुद्दों पर बात करती है, तो यह घर पर माता-पिता को जरूरी बातचीत शुरू करने के लिए प्रेरित करता है। 


एकता कपूर ने दिया बड़ा ज्ञान

एकता कपूर ने कहा- '‘क्यूंकि सास भी कभी बहू थी' के साथ हमें यह समझ आया कि विरानी परिवार पर दर्शकों का जो भरोसा है, उसके साथ वास्तविकता को दिखाने की एक बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। ‘गुड टच और बैड टच' के ईद-गिर्द गरिमा का ट्रैक लाना सिर्फ  कहानी का हिस्सा नहीं था, बल्कि एक ऐसे प्लेटफॉर्म के जरिए उस लंबी चुप्पी को तोड़ना था जो करोड़ों लोगों तक पहुंचता है। जब तुलसी देश भर के ड्राइंग रूम्स में शारीरिक सीमाओं के बारे में बात करती है, तो यह माता-पिता को अपने घर पर वही बातचीत शुरू करने की हिम्मत देता है।' 


जागरूकता का अच्छा जरिया है टीवी

इस संवेदनशील ट्रैक को लाने के पीछे के बड़े मकसद पर जोर देते हुए, एकता कपूर ने बताया कि जब टेलीविजन का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जाता है, तो यह जागरूकता का एक ताकतवर जरिया बन सकता है। उन्होंने कहा- 'टीवी के जरिए बच्चों को सहमति और सुरक्षित स्पर्श के बारे में सिखाना उन्हें बिना डरे अपनी बात कहने और गलत को पहचानने की हिम्मत देता है। अगर यह कहानी घर में एक भी खुली बातचीत शुरू करने में मदद करती है और किसी बच्चे को सुरक्षित महसूस कराती है, तो इस शो ने मनोरंजन से कहीं बढ़कर अपना मकसद पूरा कर लिया है।' शो ‘क्यूंकि सास भी कभी बहू थी' हर रोज रात 10:30 बजे, सिफर् स्टार प्लस पर प्रसारित होता है। 
 


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Content Writer

vasudha

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