बच्चे को खाना नहीं देते थे माता- पिता, भूख लगने पर डायपर खा गया बच्चा और हो गई मौत

punjabkesari.in Monday, Apr 13, 2026 - 01:53 PM (IST)

नारी डेस्क:  इंडियाना से सामने आए एक दुखद मामले ने बच्चों की गंभीर उपेक्षा की ओर ध्यान आकर्षित किया है, जब एक दो साल का बच्चा बेहद चौंकाने वाली परिस्थितियों में मृत पाया गया। पुलिस का कहना है कि एरिक रिचर्ड नाम का यह छोटा बच्चा, जिस माहौल में रह रहा था उसे बेहद गंदा और असुरक्षित बताया गया है।  जांचकर्ताओं का आरोप है कि अत्यधिक भूख के कारण, अपनी मौत से पहले यह बच्चा डायपर और ड्राईवॉल के टुकड़े खा रहा था।


मौत के 14 घंटे बाद पुलिस ने दी सूचना
 
टेल सिटी पुलिस विभाग ने एक प्रेस रिलीज़ में बताया कि बच्चे के माता-पिता, ट्रेवर रिचर्ड-हेस (39) और कैथरीन कार्टर (31) को गिरफ्तार कर लिया गया है और अब उन पर हत्या और लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च को टेल सिटी स्थित एक घर में अधिकारियों को बुलाया गया था, जब बच्चे के पिता ने 911 पर कॉल करके बताया कि बच्चा सांस नहीं ले रहा है। हालांकि, पुलिस के अनुसार, माता-पिता ने उन्हें बताया कि उन्होंने लड़के को पिछली रात लगभग 11 बजे आखिरी बार जीवित देखा था, इससे यह चिंता पैदा हो गई है कि आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करने में लगभग 14 घंटे की देरी हुई।


बच्चे की थी बेहद बुरी हालत

जब अधिकारी और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची, तो उन्होंने CPR देने की कोशिश की, लेकिन बच्चे को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया। बाद में एक जासूस ने बताया कि लड़के की मौत शायद कई घंटे पहले ही हो चुकी थी, उसने लड़के को पीला पड़ा हुआ बताया और कहा कि उस पर लंबे समय तक तकलीफ़ में रहने के साफ़ निशान थे। अदालत के रिकॉर्ड से पता चलता है कि बच्चा गंभीर रूप से कुपोषित और डिहाइड्रेटेड था। बताया गया है कि उसका वज़न सिर्फ़ 15 पाउंड था, जो उसकी उम्र के बच्चे के लिए अपेक्षित वज़न का लगभग आधा है।


 गंभीर कुपोषण का शिकार था बच्चा

जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि उसके पूरे शरीर पर कई घाव या कीड़े के काटने के निशान थे। घर खुद ही बेहद खराब हालत में मिला। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों के कमरों के फर्श पर मल-मूत्र मिला, साथ ही इधर-उधर कचरा भी बिखरा हुआ था जिसमें डायपर के टुकड़े, गंदगी और कीड़े-मकोड़ों के होने के निशान शामिल थे। एक बेडरूम में, एक ट्रेनिंग टॉयलेट ऐसा लग रहा था जैसे उसे कई दिनों या हफ़्तों से साफ़ ही नहीं किया गया हो। इन हालात के बावजूद, माता-पिता के अपने बेडरूम को साफ़-सुथरा और अच्छी तरह से रखा हुआ बताया गया, जहां लापरवाही के ऐसे कोई संकेत नहीं थे। लापरवाही के कारण हुए गंभीर कुपोषण और डिहाइड्रेशन की वजह से ही उस बच्चे की मौत हुई।


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Content Writer

vasudha

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