किस बीमारी में दिल अचानक धड़कते-धड़कते रुक जाता है, जानें एक्सपर्ट की राय
punjabkesari.in Sunday, Feb 08, 2026 - 06:39 PM (IST)
नारी डेस्क: आजकल कई लोग महसूस करते हैं कि उनका दिल अचानक रुक जाता है या अनियमित रूप से धड़कता है। कभी-कभी यह सिर्फ तनाव, ज्यादा कैफीन या उत्साह की वजह से होता है। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। अक्सर लोग अपनी दिल की इन अनियमित धड़कनों को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह एरिदमिया (Arrhythmia) नामक हार्ट डिसऑर्डर का संकेत भी हो सकता है।
एरिदमिया क्या है?
एरिदमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिल बहुत तेज़, बहुत धीमा या अनियमित तरीके से धड़कने लगता है। इसका असर शरीर में ब्लड फ्लो, ऑक्सीजन सप्लाई और हृदय की सामान्य कार्यप्रणाली पर पड़ता है। इस स्थिति में दिल पर्याप्त खून पंप नहीं कर पाता, जिससे शरीर के अंगों में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। समय रहते इसका पता लगाना और इलाज कराना बेहद जरूरी है।

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
सामान्य दिल की धड़कन 60 से 100 बीट प्रति मिनट होती है। अगर धड़कन 60 से कम या 100 से ज्यादा हो, या अनियमित हो, तो इसे एरिदमिया कहा जाता है। ऐसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लेना जरूरी है। कई बार लोग इस समस्या को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन एरिदमिया को गंभीरता से लेना जरूरी है क्योंकि यह दिल की बीमारियों का शुरुआती संकेत हो सकता है।
एरिदमिया के लक्षण
हार्ट एरिदमिया हमेशा स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाता। कई बार यह किसी और जांच के दौरान ही पता चलता है। लेकिन कुछ आम संकेत हैं
सीने में फड़फड़ाहट या धड़कन छूटने जैसा अनुभव
अचानक तेज या धीमे दिल की धड़कन
सीने में दर्द या सांस फूलना
घबराहट, अत्यधिक थकान, चक्कर आना
अधिक पसीना आना
कभी-कभी बेहोशी या बेहोश होने जैसा अनुभव
यदि ये लक्षण बार-बार महसूस हों, तो इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

ये भी पढ़ें: घुटनों और पैरों का इलाज है ये पत्ते, गायब हो जाएगा जोड़ और गठिए का दर्द-सूजन
कब डॉक्टर से मिलें?
अगर आपको निम्नलिखित अनुभव हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें दिल बहुत तेज़ या बहुत धीमा धड़क रहा हो बार-बार धड़कन छूटने का अनुभव अचानक सीने में तेज दर्द या सांस लेने में कठिनाई बेहोशी या बेहोश होने जैसा अनुभव ऐसे मामलों में कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय विशेषज्ञ) से अपॉइंटमेंट लेना बेहद जरूरी है।
घर पर क्या कर सकते हैं?
हालांकि एरिदमिया का इलाज डॉक्टर की निगरानी में होना चाहिए, लेकिन जीवनशैली में बदलाव से हृदय स्वस्थ रखा जा सकता है
कैफीन और शराब का सेवन कम करें
तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें
नियमित व्यायाम और संतुलित आहार लें
पर्याप्त नींद और हाइड्रेशन बनाए रखें
इन छोटे-छोटे बदलावों से दिल की अनियमित धड़कन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

अगर आपका दिल बार-बार अनियमित या रुक-रुक कर धड़कता है, तो इसे हल्के में न लें। समय पर जांच और सही इलाज से गंभीर हृदय समस्याओं से बचा जा सकता है। एरिदमिया के शुरुआती संकेत पहचान कर डॉक्टर से सलाह लेना जीवन बचा सकता है।

