बीमारियां रहेंगी कोसों दूर, बस नाभि पर लगाएं ये तेल

punjabkesari.in Tuesday, Feb 24, 2026 - 10:34 AM (IST)

नारी डेस्क: हमारे घरों में अक्सर दादी–नानी सलाह देती थीं कि अगर होंठ फट रहे हों या पेट में तकलीफ हो तो नाभि में सरसों का तेल लगा लो। कई लोगों को इससे आराम भी मिलता है। आयुर्वेद में नाभि को शरीर का महत्वपूर्ण केंद्र माना गया है। गर्भावस्था के दौरान मां से शिशु को पोषण नाभि के जरिए ही मिलता है, इसलिए इसे शरीर का ऊर्जा केंद्र भी कहा जाता है। हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट  के अनुसार नाभि के आसपास कई छोटी नसें और रक्त वाहिकाएं होती हैं। यहां हल्की मालिश करने से आराम और सुकून मिल सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी का पक्का इलाज नहीं समझना चाहिए। वैज्ञानिक रूप से सभी दावों की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी पारंपरिक तौर पर लोग इसका उपयोग करते हैं। आइए जानते हैं नाभि में कौन-कौन से तेल लगाए जा सकते हैं और उनके संभावित फायदे क्या हैं।

सरसों का तेल

सरसों का तेल गर्म तासीर वाला होता है। सर्दियों में नाभि पर लगाने से पेट में हल्का आराम मिल सकता है। कुछ लोगों को गैस और सूजन में राहत महसूस होती है। इस्तेमाल का तरीका: 2–3 बूंद तेल नाभि में डालकर घड़ी की दिशा में हल्के हाथों से मालिश करें।

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 नीम का तेल

नीम में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। त्वचा संबंधी समस्याओं में सहायक माना जाता है। मुंहासों या त्वचा संक्रमण की समस्या में उपयोगी हो सकता है।

अरंडी (कैस्टर) का तेल

इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। पेट के आसपास जकड़न या मांसपेशियों की अकड़न में हल्की राहत मिल सकती है। इसे रात में सोने से पहले कम मात्रा में लगाना बेहतर रहता है।

नारियल तेल

नारियल तेल त्वचा को मॉइस्चराइज करता है। शरीर को ठंडक देता है। संवेदनशील त्वचा वालों के लिए यह अच्छा विकल्प है। त्वचा की रूखापन और जलन में राहत दे सकता है।

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बादाम का तेल

पोषक तत्वों से भरपूर होता है। नाभि पर लगाने से मन शांत महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को नींद बेहतर आने में मदद मिलती है। तनाव और थकान में उपयोगी माना जाता है।

 देसी घी

आयुर्वेद में घी को पोषण देने वाला माना गया है। नाभि में 1–2 बूंद घी लगाने से त्वचा का रूखापन कम हो सकता है। मानसिक सुकून भी मिल सकता है।

नाभि में तेल लगाने का सही तरीका

रात को सोने से पहले नाभि को साफ कर लें। 2–3 बूंद तेल या घी डालें। 5 मिनट तक हल्के हाथों से मालिश करें। अगर कोई एलर्जी, जलन या रिएक्शन हो तो तुरंत बंद कर दें।

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जरूरी सावधानी

नाभि में तेल लगाना एक पारंपरिक और सहायक उपाय है। इसे किसी गंभीर बीमारी की दवा का विकल्प न समझें। अगर गैस, सूजन, हार्मोनल समस्या या त्वचा रोग लंबे समय से हैं तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। नाभि में तेल लगाना पुरानी परंपरा है, जिससे कुछ लोगों को आराम और सुकून मिलता है। अलग-अलग तेलों के अपने फायदे हैं, लेकिन हर व्यक्ति की शरीर प्रकृति अलग होती है। इसलिए इसे सहायक उपाय की तरह अपनाएं, न कि इलाज के रूप में।  


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Content Editor

Priya Yadav

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