बारिश में इस पेड़ के नीचे खड़े होना पड़ सकता है महंगा, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

punjabkesari.in Wednesday, Jul 08, 2026 - 04:52 PM (IST)

नारी डेस्क:  दुनिया में कई ऐसे पेड़-पौधे हैं जो अपनी खूबसूरती, सुगंध या स्वादिष्ट फलों के लिए जाने जाते हैं। वहीं कुछ पौधे ऐसे भी हैं, जो देखने में बिल्कुल सामान्य लगते हैं, लेकिन उनके संपर्क में आना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसा ही एक पेड़ है मैनशिनील (Manchineel Tree), जिसे दुनिया के सबसे खतरनाक पेड़ों में गिना जाता है। इसकी जहरीली प्रकृति के कारण इसे "ट्री ऑफ डेथ" (Tree of Death) यानी 'मौत का पेड़' भी कहा जाता है। यह पेड़ बाहर से किसी आम फलदार पेड़ जैसा दिखाई देता है, लेकिन इसकी छाल, पत्तियां, दूधिया रस और फल लगभग हर हिस्सा जहरीला माना जाता है। यही वजह है कि जिन इलाकों में यह पेड़ पाया जाता है, वहां लोगों को इससे दूरी बनाए रखने की चेतावनी दी जाती है।

क्यों कहा जाता है इसे 'ट्री ऑफ डेथ'

मैनशिनील का नाम स्पेनिश शब्द "मंजानिला" से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है "छोटा सेब"। इसके फल आकार और रंग में छोटे हरे सेब जैसे दिखाई देते हैं, जिससे अनजान लोग इन्हें खाने योग्य समझ सकते हैं। हालांकि, यही फल इस पेड़ का सबसे खतरनाक हिस्सा माना जाता है। देखने में आकर्षक लगने वाला यह फल शरीर के लिए गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसी कारण इसे कई जगह "लिटिल एप्पल ऑफ डेथ" यानी "मौत का छोटा सेब" भी कहा जाता है।

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कहां पाया जाता है यह पेड़

मैनशिनील मुख्य रूप से कैरेबियन द्वीपों, फ्लोरिडा, बहामास, मध्य अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के उत्तरी हिस्सों में पाया जाता है। यह अक्सर समुद्री तटों और तटीय इलाकों के आसपास उगता है। इसकी ऊंचाई लगभग 15 से 50 फीट तक हो सकती है। कई बार यह पेड़ झाड़ी जैसा भी दिखाई देता है, जिससे लोग इसे आसानी से पहचान नहीं पाते।

बारिश में इसके नीचे खड़े होने से क्यों मना किया जाता है

मैनशिनील पेड़ की सबसे खतरनाक बात इसका दूधिया जहरीला रस है, जो पत्तियों, शाखाओं और तने में मौजूद रहता है। बारिश के दौरान जब पानी इसकी पत्तियों और तने से होकर नीचे गिरता है, तो उसमें इस जहरीले रस के अंश मिल सकते हैं। अगर ऐसा पानी त्वचा पर गिर जाए, तो जलन, खुजली, लाल चकत्ते और कई मामलों में छाले भी पड़ सकते हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञ बारिश के समय इस पेड़ के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह देते हैं।

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पेड़ का रस और धुआं भी हो सकता है नुकसानदायक

मैनशिनील के तने से निकलने वाला दूधिया रस त्वचा के संपर्क में आने पर गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया पैदा कर सकता है। इससे तेज जलन, खुजली और सूजन हो सकती है। इतना ही नहीं, अगर इस पेड़ की लकड़ी जलाई जाए, तो उससे निकलने वाला धुआं आंखों में तेज जलन पैदा कर सकता है। कुछ मामलों में इससे अस्थायी रूप से देखने में भी परेशानी हो सकती है। इसलिए इसकी लकड़ी का इस्तेमाल ईंधन के रूप में भी नहीं किया जाता।

क्यों कहा जाता है इसके फल को 'मौत का छोटा सेब'?

मैनशिनील का फल देखने में छोटा और आकर्षक होता है। बताया जाता है कि इसका शुरुआती स्वाद मीठा लग सकता है, लेकिन कुछ ही समय बाद इसके गंभीर दुष्प्रभाव शुरू हो जाते हैं। फल खाने के बाद मुंह और गले में तेज जलन, निगलने में कठिनाई, गले में सूजन और तेज दर्द हो सकता है। गंभीर मामलों में उल्टी, पाचन तंत्र को नुकसान और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इसी वजह से स्थानीय लोग और वन विभाग इस पेड़ के आसपास चेतावनी बोर्ड भी लगाते हैं ताकि कोई व्यक्ति गलती से इसके फल का सेवन न कर ले।

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फिर भी प्रकृति के लिए क्यों जरूरी है यह पेड़?

हालांकि मैनशिनील इंसानों के लिए खतरनाक माना जाता है, लेकिन पर्यावरण में इसकी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह पेड़ समुद्र किनारे की मिट्टी को मजबूती देता है और तटीय कटाव (Coastal Erosion) को रोकने में मदद करता है। इसके अलावा कुछ जीव, जैसे इगुआना, इसके फलों को बिना किसी नुकसान के खा सकते हैं और इसी पेड़ पर अपना आश्रय भी बना लेते हैं। यानी जो पेड़ इंसानों के लिए खतरनाक है, वही प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है।

ऐसे करें अपनी सुरक्षा

अगर आप कभी ऐसे क्षेत्रों में घूमने जाएं जहां मैनशिनील के पेड़ पाए जाते हैं, तो किसी भी अनजान पेड़ के फल या पत्तियों को छूने या खाने से बचें। बारिश के दौरान ऐसे पेड़ों के नीचे खड़े न हों और स्थानीय प्रशासन या वन विभाग द्वारा लगाए गए चेतावनी संकेतों का पालन जरूर करें। थोड़ी-सी सावधानी आपको गंभीर स्वास्थ्य जोखिम से बचा सकती है।  

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Content Editor

Priya Yadav

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