इस पेड़ को छूने से ही आने लगता है खून, बारिश में गलती से ना खड़े होना Tree of Death के नीचे
punjabkesari.in Tuesday, Jul 07, 2026 - 07:07 PM (IST)
नारी डेस्क: हम बचपन से सुनते आ रहे हैं कि पेड़ ही जीवन का आधार हैं, क्योंकि ये हमें सांस लेने के लिए प्राणवायु (ऑक्सीजन), पीने का पानी, और भोजन प्रदान करते हैं। पर आपको ये पता है कि कुछ पेड़ ऐसे भी होते है जो पल भर में किसी की जान ले लेते हैं। आज हम "मौत का पेड़" (Tree of Death) के बारे में बताने जा रहे हैं। यह पौधा देखने में तो नुकसान न पहुंचाने वाला लगता है, लेकिन इसे दुनिया के सबसे जहरीले पेड़ों में से एक माना जाता है।
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क्यों है ये पेड़ इतना खतरनाक?
इस पेड़ का नाम है 'मैन्चीनील' (manchineel) , इसका नाम नाम स्पेनिश शब्द 'मैन्ज़ानिला' (manzanilla) से पड़ा है, जिसका अर्थ है छोटा सेब" क्योंकि इसका फल एक छोटे सेब जैसा दिखता है। कैरिबियन, फ्लोरिडा, बहामास, मध्य अमेरिका और उत्तरी दक्षिण अमेरिका में पाया जाने वाला यह पेड़ 15 से 50 फीट तक ऊंचा होता है और समुद्र तटों के किनारे पनपता है। इसे इतना खतरनाक बनाने वाली बात यह है कि पेड़ के हर हिस्से छाल, पत्ते, रस और फल में ज़हरीले तत्व होते हैं। इसके दूध जैसे रस से त्वचा में तेज जलन, छाले, खुजली और यहाँ तक कि सांस लेने में भी तकलीफ़ हो सकती है।
पेड़ की लकड़ियां भी हैं बेहद खतरनाक
विशेषज्ञ बारिश के दौरान इस पेड़ के नीचे खड़े न होने की भी सलाह देते हैं, क्योंकि इसके पत्तों से टपकने वाले पानी में ज़हरीला रस हो सकता है। यहां तक कि इसकी लकड़ी जलाने से निकलने वाला धुआं भी आंखों में जलन पैदा कर सकता है और गंभीर मामलों में कुछ समय के लिए अंधापन भी ला सकता है। इसके फल को कभी-कभी "मौत का छोटा सेब" (little apple of death) कहा जाता है। यह शुरू में तो मीठा लग सकता है, लेकिन जल्द ही मुंह और गले में तेज़ जलन पैदा कर देता है, जिससे कुछ भी निगलना मुश्किल हो जाता है। गंभीर मामलों में, इससे उल्टी, ब्लीडिंग और पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान हो सकता है।
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पर्यावरण में निभाता है अहम भूमिका
अपनी खतरनाक पहचान के बावजूद, मैन्चीनील (manchineel) पर्यावरण में एक अहम भूमिका निभाता है। इसकी फैली हुई जड़ें तटीय मिट्टी को स्थिर रखने और कटाव को रोकने में मदद करती हैं, जबकि इगुआना जैसे कुछ जानवर इसके फल को सुरक्षित रूप से खा सकते हैं और इसकी शाखाओं पर घोंसला भी बना सकते हैं। मैन्चीनील हमें याद दिलाता है कि प्रकृति की सबसे साधारण दिखने वाली चीजें भी खतरनाक और जरूरी, दोनों हो सकती हैं, जिनके लिए हमें उत्सुकता और सावधानी दोनों की ही जरूरत होती है।

