फांसी पर लटकेगा भतीजे को पटक-पटककर मारने वाला चाचा, सजा का ऐलान हाेते ही मारने लगा खुद को थप्पड़
punjabkesari.in Saturday, Jul 11, 2026 - 10:49 AM (IST)
नारी डेस्क: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की एक अदालत ने एक व्यक्ति को अपने डेढ़ साल के भतीजे को बार-बार ज़मीन पर पटककर मारने के आरोप में मौत की सजा सुनाई है। जिला सरकारी वकील राजीव उपाध्याय के अनुसार, अदालत ने गुरुवार को विराज को दोषी ठहराया और शुक्रवार को सज़ा का ऐलान किया। कोर्ट में 13 गवाह पेश हुए और 40 दिन के भीतर जिला कोर्ट ने मौत की सजा सुना दी। फैसला सुनने के बाद आरोपी ने कोर्ट के भीतर खुद को थप्पड़ मारना शुरू कर दिया।

जमीन पर पटककर मार डाला भतीजे को
मामले की जानकारी देते हुए उपाध्याय ने बताया कि 30 मई को विराज अपनी भाभी रति से मिलने गया था, विराज ने कथित तौर पर उनसे शादी का प्रस्ताव रखा था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। इसके बाद उसने अपने भतीजे आरव को बार-बार जमीन पर पटककर मार डाला। वह बच्चे के शव को अपने कंधे पर भी ले गया। जब स्थानीय लोगों ने उसे देखा तो विराज शव छोड़कर भाग गया। इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था।
तेरह लोगों ने दिए उसके खिलाफ गवाह
इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और सुनिश्चित किया कि सभी गवाहों के बयान सिर्फ छह दिनों में दर्ज हो जाएं। अभियोजन पक्ष की ओर से तेरह गवाह पेश हुए, जबकि बचाव पक्ष ने केवल एक गवाह पेश किया। फिरोजाबाद के ज़िला और सत्र न्यायाधीश डॉ. बाबू सारंग ने मामले की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की और इसे अंजाम तक पहुंचाते हुए आरोपी जितेंद्र पाठक उर्फ़ विराज को मौत की सजा सुनाई। विराज ने पुलिस को बताया था कि वह अपने भाई की पत्नी से शादी करना चाहता था और वह बच्चा इसमें बाधा बन रहा था।

अदालत ने 40 दिन में ही लिया फैसला
फैसले के बाद जब मृतक बच्चे की मां रति शर्मा से बात की तो उन्होंने पुलिस, प्रशासन, अभियोजन और अदालत का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने उन 13 गवाहों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने अदालत में जाकर सच बोलने की हिम्मत दिखाई। जैसे इस केस में इतनी जल्दी फैसला आ गया अगर वैसे ही रेप के आरोपियों के खिलाफ फैसला लिया जाए तो देश में ऐसा अपराध करने की कोई हिम्मत नहीं करेगा।

