सावन की अमावस्या पर पितरों को खुश करना न भुले, ये उपाय जरूर करें

punjabkesari.in Tuesday, Aug 11, 2026 - 07:15 PM (IST)

नारी डेस्क : अमावस्या के दिन कहा जाता है कि पूजा-पाठ, तर्पण और धार्मिक उपाय करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और शुभ फल की प्राप्ति होती है। वहीं सूर्य ग्रहण के दिन दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों का भी विशेष महत्व माना जाता है। इस बार खास बात यह है कि 12 अगस्त 2026 को सावन अमावस्या और सूर्य ग्रहण एक ही दिन पड़ रहे हैं। ऐसे में इस संयोग को धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन पितरों का स्मरण, दान-पुण्य और घर की शुद्धि से जुड़े उपाय करने से पितरों की कृपा प्राप्त हो सकती है और घर में सकारात्मकता बनी रहती है।

पितरों की कृपा के लिए करें ये उपाय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और वातावरण को शुद्ध रखने के लिए गुग्गुल, कपूर और लौंग का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए एक मिट्टी के बर्तन में थोड़ी मात्रा में गुग्गुल, कपूर और लौंग लें। इन्हें सावधानी से जलाकर घर के अलग-अलग हिस्सों में इसकी धूनी दें। मान्यता है कि इससे घर का वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मकता दूर करने में मदद मिलती है।

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12 अगस्त को कब करें ये उपाय?

मान्यता के अनुसार, इस उपाय को 12 अगस्त की रात 9 बजे से पहले किया जा सकता है। धूनी देते समय घर के सभी कमरों में जाएं और इसे पूजा स्थल के आसपास भी कर सकते हैं। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं में अलग-अलग परंपराओं के अनुसार समय और विधि में अंतर हो सकता है, इसलिए अपनी स्थानीय परंपरा या पंचांग के अनुसार समय देखना बेहतर रहेगा।

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पितरों का करें स्मरण

अमावस्या के दिन पितरों का स्मरण करना और उनके नाम से दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करने की परंपरा है। आप घर पर पितरों का ध्यान करके उनके लिए प्रार्थना भी कर सकते हैं।


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Monika

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