पेट की सारी समस्या का इलाज है एक चम्मच घी, बस जान लें इसे खाने का तरीका
punjabkesari.in Friday, Feb 13, 2026 - 11:53 AM (IST)
नारी डेस्क: सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच घी लेना आयुर्वेद की एक पारंपरिक पद्धति मानी जाती है। आयुर्वेद में घी को “सात्विक” और पोषक आहार माना गया है, जो शरीर को अंदर से संतुलित करने में मदद करता है। हालांकि, हर व्यक्ति की प्रकृति अलग होती है, इसलिए इसे अपनाने से पहले अपनी सेहत के अनुसार समझना जरूरी है।

पाचन शक्ति में सुधार
आयुर्वेद के अनुसार घी “अग्नि” यानी पाचन शक्ति को संतुलित करता है। यह आंतों को चिकनाई देता है, जिससे कब्ज की समस्या में राहत मिल सकती है। पेट की सूजन और गैस में भी मदद मिल सकती है।
मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट
घी में हेल्दी फैट्स (विशेषकर ब्यूटिरिक एसिड) होते हैं, जो आंतों की सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।सही मात्रा में लिया गया घी शरीर को ऊर्जा देता है। यह फैट-सॉल्यूबल विटामिन (A, D, E, K) के अवशोषण में मदद करता है।

त्वचा की चमक
घी को “अंदरूनी मॉइस्चराइज़र” भी कहा जाता है। नियमित और सीमित मात्रा में सेवन से त्वचा में नमी और ग्लो आ सकता है। ड्राई स्किन में लाभ मिल सकता है। आयुर्वेद मानता है कि घी शरीर के “वात दोष” को संतुलित करता है। इससे जोड़ों में जकड़न और सूखापन कम हो सकता है। खासकर उम्र बढ़ने के साथ यह सहायक माना जाता है।
इन लोगों को सावधानी रहने की जरूरत
जिनका कोलेस्ट्रॉल ज्यादा है, जिन्हें फैटी लिवर या मोटापे की समस्या है जिनकी पाचन शक्ति कमजोर है ऐसे लोग डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसे अपनाएं। इसके सेवन का सही तरीका है 1 चम्मच देसी घी, एक गिलास गुनगुना पानी सुबह खाली पेट लें। गुनगुने पानी के साथ घी लेना आयुर्वेद में लाभकारी माना जाता है, लेकिन मात्रा और शरीर की प्रकृति का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। संतुलन ही असली कुंजी है ज्यादा सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है।

