हेयर एक्सटेंशन लगवाती हैं तो जान लें ये सच्चाई, स्टडी में सामने आया बड़ा खतरा

punjabkesari.in Sunday, Feb 22, 2026 - 01:42 PM (IST)

नारी डेस्क : बालों को लंबा, घना और स्टाइलिश दिखाने के लिए हेयर एक्सटेंशन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। खास मौकों पर मेकअप के साथ एक्सटेंशन लगवाना अब आम बात हो गई है। लेकिन हाल ही में सामने आई एक रिसर्च ने इस ब्यूटी ट्रेंड को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है। स्टडी के मुताबिक, बाजार में बिक रहे कई हेयर एक्सटेंशन प्रोडक्ट्स में सैकड़ों ऐसे खतरनाक केमिकल पाए गए हैं, जो कैंसर, हार्मोनल गड़बड़ी और बांझपन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकते हैं।

रिसर्च में क्या आया सामने?

यह रिसर्च Silent Spring Institute द्वारा की गई है, जिसे 11 फरवरी को जर्नल Environment & Health में प्रकाशित किया गया। रिसर्चर्स ने 43 तरह के हेयर एक्सटेंशन प्रोडक्ट्स की जांच की, जिनमें सिंथेटिक हेयर, ह्यूमन हेयर, ब्रेडिंग हेयर और आईलैश एक्सटेंशन शामिल थे। जांच में 900 से ज्यादा केमिकल्स पाए गए। इनमें से सिर्फ 169 केमिकल्स की पहचान हो सकी। 80% से ज्यादा केमिकल्स ऐसे थे, जिनका डेटा वैज्ञानिक रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं। लगभग हर सैंपल में कम से कम एक कैंसर से जुड़ा केमिकल पाया गया। वहीं करीब 10% सैंपल में ऑर्गेनोटिन नाम का प्लास्टिक स्टेबलाइजर खतरनाक स्तर पर मिला, जिसे यूरोप में असुरक्षित माना जाता है।

PunjabKesari

किन स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा?

रिसर्च में सामने आया कि हेयर एक्सटेंशन में मौजूद केमिकल्स इन बीमारियों से जुड़े हो सकते हैं:
स्किन और स्कैल्प में जलन, खुजली और रैशेज
हार्मोनल असंतुलन
कैंसर का खतरा
प्रजनन क्षमता पर असर और बांझपन
यूटेरिन फाइब्रॉएड
बच्चों में जल्दी प्यूबर्टी
मोटापा और नर्वस सिस्टम पर असर
ऑर्गेनोटिन, फ्थैलेट्स, स्टाइरीन और एक्रेलोनाइट्राइल जैसे केमिकल्स को खासतौर पर चिंताजनक बताया गया है।

यें भी पढ़ें : Kidney Patients Alert! किडनी खराब है तो न खाएं ये फल

 

ब्लैक महिलाओं पर ज्यादा असर

रिपोर्ट के अनुसार, हेयर एक्सटेंशन का इस्तेमाल सबसे ज्यादा ब्लैक महिलाओं में होता है।
70% से ज्यादा ब्लैक महिलाएं साल में कम से कम एक बार हेयर एक्सटेंशन लगाती हैं
कई महिलाएं इन्हें हफ्तों तक लगाए रखती हैं, जिससे केमिकल्स के लंबे समय तक संपर्क का खतरा बढ़ जाता है
एक्सपर्ट्स का कहना है कि एंडोक्राइन डिसरप्टिंग केमिकल्स यूटेरिन फाइब्रॉएड जैसी समस्याओं से जुड़े हो सकते हैं, जो ब्लैक महिलाओं में पहले से ज्यादा देखी जाती हैं।

PunjabKesari

हीट स्टाइलिंग से बढ़ता है खतरा

हेयर एक्सटेंशन को सेट करने के लिए जब गर्म पानी या हीट स्टाइलिंग टूल्स (स्ट्रेटनर, ब्लो ड्रायर) का इस्तेमाल किया जाता है, तो जहरीली गैसें निकल सकती हैं। इससे आंख, नाक और गले में जलन, सिरदर्द और लंबे समय में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

यें भी पढ़ें : रिपोर्ट में हुआ खुलासा: इन दो ब्लड ग्रुप वालों को सबसे ज्यादा Heart Attack का खतरा!

 

क्या हैं सुरक्षित विकल्प?

रिसर्च में केवल दो ऐसे प्रोडक्ट्स मिले, जिनमें खतरनाक केमिकल नहीं पाए गए, लेकिन ये आमतौर पर महंगे होते हैं। कुछ लोग एक्सटेंशन को लगाने से पहले एप्पल साइडर विनेगर से धोने का तरीका अपनाते हैं, हालांकि एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता।

हेयर एक्सटेंशन खूबसूरती बढ़ाने का आसान तरीका जरूर हैं, लेकिन इनका बार-बार और लंबे समय तक इस्तेमाल सेहत पर भारी पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि जरूरत से ज्यादा केमिकल प्रोडक्ट्स से बचें, प्रोडक्ट की जानकारी जरूर पढ़ें और कंपनियों से केमिकल्स की पूरी डिटेल साझा करने की मांग करें।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Monika

Related News

static