मरने के बाद भी Ratan Tata ने निभाई दोस्ती ! अपने संपत्ति में से Best Friend शांतनु को भी दिया हिस्सा

punjabkesari.in Wednesday, Apr 02, 2025 - 02:28 PM (IST)

नारी डेस्क: रतन टाटा भले ही इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनकी यादें अभी भी जिंदा है। उन्होंने अपनी पूरी लाइफ आम लोगों के सेवा में लगा दी, अब उनके नक्शे कदम पर चल रहा है उनका सबसे गहरा दोस्त शांतनु । यह वहीं है जो रतन टाटा के जाने के बाद सबसे ज्यादा दुखी हुआ था, क्योंकि उसने अपने गुरु, अपने दोस्त को जो खो दिया था। हालांकि टाटा ने मरने के बाद भी उससे अपनी दोस्ती निभाई उनकी वसीयत में शांतनु को भी विशेष स्थान मिला है। 
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 9 अक्टूबर 2024 को देश ने अनमोल रतन को खो दिया था, इसके बाद उनकी 10,000 करोड़ रुपये की संपत्ति का बंटवारा हुआ। रतन टाटा ने अपनी संपत्ति के बंटवारे के लिए वसीयत में परिवार, करीबी सहयोगियों, नौकरों और ट्रस्ट्स को शामिल किया है। दावा किया गया कि उन्हाेंने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा समाज सेवा के लिए दान कर दिया है। रतन टाटा की वसीयत के अनुसार, शांतनु नायडू को ‘गुडफेलोज’ (Goodfellows) स्टार्टअप में टाटा की हिस्सेदारी मिली है। यह स्टार्टअप बुजुर्गों को युवा साथियों के माध्यम से भावनात्मक समर्थन प्रदान करता है। 
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बताया जा रहा है कि  टाटा ने उनका एजुकेशन लोन भी माफ कर दिया है। यह इस बात का संकेत है कि रतन टाटा न केवल शांतनु की प्रतिभा को पहचानते थे, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य को भी सुनिश्चित करना चाहते थे। जहां लोग पैसों के लिए अपनों के दुश्मन बन रहे हैं वहीं रतन टाटा ने यह कदम उठाकर समाज को बहुत बड़ा संदेश दे दिया है।  रतन टाटा की संपत्ति, जिसमें मुंबई के जुहू में 13,000 वर्ग फुट का दो मंजिला घर, अलीबाग में समुद्र किनारे का बंगला, और 350 करोड़ रुपये से अधिक की फिक्स्ड डिपॉजिट्स का अधिकांश का उपयोग परोपकारी कार्यों के लिए होगा। 

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2017 से शांतनु नायडू टाटा ट्रस्ट्स से जुड़े हुए हैं और वर्तमान में टाटा समूह में जनरल मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। बता दें कि टाटा ग्रुप में अहम जिम्मेदारी निभाने के साथ 'मुंबई बुकीज' के फाउंडर भी हैं। यह एक रीडर क्लब है, इसमें लोग हर वीकेंड सुबह 8 बजे से 10 बजे तक दो घंटे के लिए किताबें पढ़ने के लिए इकट्ठे होते हैं।  शांतनु की लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक वह टाटा मोटर्स में जनरल मैनेजर और स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स के हेड हैं। इसके अलावा शांतनु टाटा स्मॉल एनिमल हॉस्पिटल (मुंबई) में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स हैं। इस अस्पताल को रतन टाटा ने जानवरों की देखभाल के लिए शुरू किया था। शांतनु की सादगी को देखे रतन टाटा की याद आ ही जाती है। 
 


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Content Writer

vasudha

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