देवी लक्ष्मी की पेंटिंग वाली साड़ी में नजर आईं रश्मिका मंदाना,4,000 घंटे में हुई थी तैयार

punjabkesari.in Saturday, Mar 14, 2026 - 02:50 PM (IST)

 नारी डेस्क:  कभी-कभी एक साड़ी सिर्फ कपड़ा नहीं होती, बल्कि उसमें कला, आस्था और परंपरा की पूरी कहानी छिपी होती है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला जब अभिनेत्री Rashmika Mandanna एक खास फोटोशूट में ऐसी साड़ी पहनकर सामने आईं, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पहली नजर में यह साड़ी खूबसूरत जरूर लगती है, लेकिन जब इसकी असली खासियत सामने आती है तो हैरानी और भी बढ़ जाती है। दरअसल, इस साड़ी पर देवी लक्ष्मी की भव्य पेंटिंग बनाई गई है और इसे तैयार करने में कारीगरों को पूरे 4,000 घंटे लगे। परंपरा, आध्यात्मिकता और बारीक कारीगरी का ऐसा अनोखा संगम कम ही देखने को मिलता है। यही वजह है कि यह साड़ी सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और कला का चलता-फिरता उदाहरण बन गई है।

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साड़ी की खासियत और डिजाइन

रश्मिका की साड़ी को डिजाइन किया था करण सोरानी ने। उन्होंने इस साड़ी में रश्मिका की सादगी और सौम्यता को ध्यान में रखते हुए इसे तैयार किया। करण के अनुसार, रश्मिका का स्टारडम नहीं, बल्कि उनकी सरलता और शांति ने उन्हें इस डिजाइन के लिए प्रेरित किया। साड़ी की डिजाइन में एक चलते-फिरते मंदिर की कल्पना को बुना गया है, जिससे यह पहनावा पारंपरिक और आध्यात्मिक दोनों नजर आता है।

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प्रेरणा – देवी लक्ष्मी

भारतीय परंपरा में नई बहू का घर में आगमन देवी लक्ष्मी के प्रवेश के समान माना जाता है। यही भावना रश्मिका की साड़ी की प्रेरणा बनी। पूरी ओढ़नी में देवी लक्ष्मी का विशाल चित्र मंदिर के मेहराब के भीतर बनाया गया है, जो साड़ी को धार्मिक और भावनात्मक महत्व देता है। साड़ी को और भी खास बनाने के लिए इसे बर्मीज रत्नों और लंबे रोज-कट डायमंड नेकलेस के साथ पेयर किया गया। इस तरह से रश्मिका का पूरा लुक पारंपरिक, आलीशान और स्त्रीत्व से भरा नजर आया। साड़ी और ज्वेलरी का यह कॉम्बिनेशन भारतीय दुल्हन की शाही और भव्य परंपरा को पूरी तरह से दर्शाता है।

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4,000 घंटे का मेहनत का नतीजा

करण सोरानी के अनुसार, इस साड़ी को तैयार करने में 4,000 घंटे का समय लगा। इसमें हर बारीक डिटेल पर काम किया गया ताकि साड़ी न सिर्फ सुंदर दिखे, बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक महत्व भी जाहिर हो। यह नुस्खा सिर्फ फैशन नहीं बल्कि भारतीय परंपरा और देवी लक्ष्मी की उपस्थिति का प्रतीक भी है।

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रश्मिका मंदाना की यह साड़ी सिर्फ फैशन का स्टेटमेंट नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, देवी लक्ष्मी और दुल्हन के महत्व को दर्शाती है। यह डिजाइन और कला का अद्भुत मिश्रण है, जिसने शादी के फोटोशूट में रश्मिका की सुंदरता और सादगी को और निखारा।  


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Content Editor

Priya Yadav

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