शादी करते समय याद रखें प्रेमानंद जी की ये 5 अहम बातें, रिश्ता रहेगा मजबूत
punjabkesari.in Thursday, Jun 11, 2026 - 10:57 AM (IST)
नारी डेस्क: शादी जिंदगी का ऐसा फैसला है, जो सिर्फ दो लोगों को नहीं बल्कि दो परिवारों को भी जोड़ता है। ऐसे में सही जीवनसाथी का चुनाव करना बेहद जरूरी हो जाता है। अक्सर लोग सुंदरता, पैसा या बाहरी दिखावे को देखकर फैसला कर लेते हैं, लेकिन समय के साथ उन्हें एहसास होता है कि एक सफल रिश्ते की नींव इन चीजों पर नहीं, बल्कि व्यक्ति के स्वभाव और संस्कारों पर टिकी होती है। हाल ही में एक युवती ने प्रेमानंद जी महाराज से सवाल किया कि जीवनसाथी चुनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि वैवाहिक जीवन सुखद और स्थायी बना रहे। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कुछ ऐसी बातें बताईं, जो हर युवक-युवती के लिए बेहद उपयोगी हो सकती हैं।
सबसे पहले देखें व्यक्ति का चरित्र
प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की असली पहचान उसका चरित्र होता है। बाहरी सुंदरता समय के साथ बदल सकती है, लेकिन अच्छे चरित्र वाला इंसान हर परिस्थिति में आपका साथ निभाता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का स्वभाव ईमानदार है, वह रिश्तों की कद्र करता है और भरोसा निभाना जानता है, तो वह जीवनसाथी बनने के योग्य है। वहीं केवल आकर्षक व्यक्तित्व देखकर लिया गया फैसला बाद में दुख का कारण भी बन सकता है।

जो खुद पर नियंत्रण रखता हो, वही अच्छा साथी बन सकता है
हर इंसान के जीवन में सुख-दुख, गुस्सा और तनाव आते हैं। लेकिन जो व्यक्ति अपनी भावनाओं और इच्छाओं पर नियंत्रण रखना जानता है, वह रिश्तों को बेहतर तरीके से संभाल सकता है। प्रेमानंद जी का मानना है कि जल्दबाजी में फैसले लेने वाला या छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने वाला व्यक्ति वैवाहिक जीवन में मुश्किलें पैदा कर सकता है। इसलिए ऐसे साथी का चुनाव करें जो धैर्यवान हो और हर परिस्थिति में संतुलित सोच रखता हो।
अच्छे संस्कार रिश्ते को मजबूत बनाते हैं
किसी व्यक्ति के संस्कार उसके व्यवहार में साफ दिखाई देते हैं। वह अपने माता-पिता, परिवार और समाज के लोगों के साथ कैसा व्यवहार करता है, इससे उसके व्यक्तित्व का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रेमानंद जी के अनुसार, जो व्यक्ति बड़ों का सम्मान करता है, छोटों से प्रेमपूर्वक बात करता है और हर किसी के प्रति विनम्र रहता है, वह परिवार में भी खुशियों का माहौल बनाए रखता है। ऐसे लोगों के साथ रिश्ते लंबे समय तक टिकाऊ और सुखद रहते हैं।

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बुरी आदतों से दूर रहने वाला व्यक्ति चुनें
नशे की लत, गलत संगति या गैर-जिम्मेदार जीवनशैली किसी भी रिश्ते को कमजोर कर सकती है। शुरुआत में ये आदतें मामूली लग सकती हैं, लेकिन समय के साथ ये वैवाहिक जीवन में तनाव और दूरी का कारण बन जाती हैं। प्रेमानंद जी सलाह देते हैं कि जीवनसाथी चुनते समय उसकी आदतों पर जरूर ध्यान दें। ऐसा व्यक्ति चुनें जो अनुशासित जीवन जीता हो और गलत आदतों से दूर रहता हो।
रिश्ते को जिम्मेदारी समझने वाला साथी सबसे बेहतर
शादी केवल प्रेम का नाम नहीं है, बल्कि यह एक जिम्मेदारी भी है। एक अच्छा जीवनसाथी वही होता है जो रिश्ते को निभाने के लिए समर्पित हो और हर परिस्थिति में परिवार के साथ खड़ा रहे। प्रेमानंद जी कहते हैं कि ऐसा व्यक्ति चुनना चाहिए जो कठिन समय आने पर भागने के बजाय समाधान ढूंढने की कोशिश करे। जब दोनों साथी रिश्ते को पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से निभाते हैं, तब संबंध लंबे समय तक मजबूत बने रहते हैं।

खुशहाल शादीशुदा जीवन का असली मंत्र
प्रेमानंद जी महाराज की सीख का सार यही है कि जीवनसाथी चुनते समय केवल बाहरी आकर्षण, पैसा या दिखावे को महत्व न दें। अच्छे चरित्र, संस्कार, आत्मसंयम, जिम्मेदारी और सकारात्मक आदतों वाले व्यक्ति का चुनाव करें। ऐसे गुणों पर आधारित रिश्ते समय की हर परीक्षा में खरे उतरते हैं और जीवन को प्रेम, विश्वास और खुशियों से भर देते हैं।

