बच्चों के पेट दर्द को बार-बार गैस समझकर न करें Ignore, ये 5 संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर से कराएं जांच
punjabkesari.in Tuesday, Jul 14, 2026 - 12:21 PM (IST)
नारी डेस्क: बच्चों में कभी-कभार पेट दर्द होना सामान्य माना जाता है, लेकिन यदि यही समस्या बार-बार होने लगे तो इसे हल्के में लेना ठीक नहीं है। अक्सर माता-पिता इसे गैस या अपच समझकर घरेलू उपाय या दवा दे देते हैं, जबकि इसके पीछे कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार होने वाला पेट दर्द कब्ज, संक्रमण, फूड एलर्जी, पेशाब के संक्रमण या आंतों से जुड़ी बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में सही समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी है।
बच्चों में पेट दर्द की सबसे बड़ी वजह क्या है
बच्चों में पेट दर्द के कई कारण हो सकते हैं। किसी भी बच्चे की जांच करते समय डॉक्टर सबसे पहले यह समझने की कोशिश करते हैं कि दर्द कब से हो रहा है, कितनी देर तक रहता है, कितना तेज है और पेट के किस हिस्से में महसूस हो रहा है। इन जानकारियों के आधार पर ही बीमारी का सही कारण पता लगाया जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि वर्तमान समय में बच्चों में बार-बार पेट दर्द की सबसे आम वजह कब्ज है। अस्पताल आने वाले लगभग 90 प्रतिशत बच्चों में पेट दर्द का कारण कब्ज ही पाया जाता है।

क्यों बढ़ रही है कब्ज की समस्या
डॉक्टरों के मुताबिक, आजकल बच्चों की बदलती जीवनशैली इस समस्या की बड़ी वजह बन रही है। कई बच्चे स्कूल में शौच की इच्छा होने पर भी उसे रोक लेते हैं। घर लौटने के बाद भी समय पर टॉयलेट नहीं जाते, जिससे कब्ज की समस्या बढ़ने लगती है। इसके अलावा कम पानी पीना, शारीरिक गतिविधियां कम होना और चिप्स, चॉकलेट, पिज्जा, बर्गर, मैगी जैसे जंक फूड का अधिक सेवन भी पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। यह समस्या दो साल से लेकर 18 साल तक के बच्चों में देखी जा सकती है। हालांकि हर बार पेट दर्द का कारण कब्ज ही नहीं होता। कुछ मामलों में हेपेटाइटिस, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI), फूड एलर्जी या आंतों की टीबी जैसी गंभीर बीमारियां भी इसकी वजह हो सकती हैं।
ये 5 लक्षण दिखें तो बिल्कुल न करें देरी
डॉक्टरों का कहना है कि कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें नजरअंदाज करना बच्चे की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। यदि बच्चे में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए पेट दर्द के कारण बच्चा रातभर सो नहीं पा रहा हो। बार-बार उल्टी हो रही हो। तेज बुखार के साथ पेट दर्द हो। शौच में खून दिखाई दे। बच्चे का वजन लगातार कम हो रहा हो। ये लक्षण किसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकते हैं, इसलिए समय रहते जांच कराना जरूरी है।
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हर पेट दर्द में गैस की दवा देना सही नहीं
कई माता-पिता बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चों को गैस की दवा दे देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दर्द की वजह कब्ज नहीं बल्कि संक्रमण, फूड एलर्जी, यूरिन इंफेक्शन या कोई दूसरी बीमारी है, तो ऐसी दवाएं फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान भी कर सकती हैं। इसलिए बार-बार पेट दर्द होने पर स्वयं इलाज करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना अधिक सुरक्षित और सही विकल्प है।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए
यदि पेट दर्द की वजह से बच्चा स्कूल नहीं जा पा रहा हो, रात में बार-बार दर्द से जाग जाता हो, लगातार वजन घट रहा हो या दर्द के साथ उल्टी और बुखार भी हो, तो इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच होने से बीमारी का पता शुरुआती चरण में चल जाता है, जिससे इलाज आसान हो जाता है और जटिलताओं का खतरा भी कम रहता है।
बच्चों की रोजमर्रा की आदतों में करें ये बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ अच्छी आदतें अपनाकर बच्चों को पेट की कई समस्याओं से बचाया जा सकता है। माता-पिता को बच्चों को सुबह समय पर उठने और नियमित रूप से शौच जाने की आदत डालनी चाहिए। स्कूल जाने से पहले हल्की वॉक या थोड़ी शारीरिक गतिविधि भी फायदेमंद रहती है। बच्चों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के लिए प्रेरित करें। उनके भोजन में ताजे फल, हरी सब्जियां और फाइबर युक्त चीजें जरूर शामिल करें। पपीता, सेब, संतरा, खीरा और गाजर जैसी चीजें पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं।

वहीं, चिप्स, चॉकलेट, पिज्जा, बर्गर, मैगी और दूसरे जंक फूड का सेवन सीमित रखें। साथ ही रोजाना खेलने-कूदने और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की आदत भी बच्चों के पाचन स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।

