शत्रु बाधा और नजर दोष से हैं परेशान तो होलिका दहन पर करें ये उपाय
punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 06:33 PM (IST)
नारी डेस्क : होलिका दहन को हिंदू धर्म में नकारात्मक शक्तियों के नाश और जीवन से बाधाओं को दूर करने का विशेष अवसर माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन के दिन किए गए कुछ उपाय शत्रु बाधा, नजर दोष, मानसिक तनाव और अनचाही परेशानियों से मुक्ति दिला सकते हैं। अगर आपके काम बिना वजह अटक रहे हैं या जीवन में नकारात्मकता बढ़ती जा रही है, तो होलिका दहन का यह पर्व बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की रात किया जाता है और इसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन अग्नि में नकारात्मक ऊर्जा भस्म हो जाती है और जीवन में सुख-शांति का संचार होता है।
होलिका दहन का सटीक समय (Holika Dahan 2026 Time)
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, होलिका दहन प्रदोष काल में, पूर्णिमा तिथि के दौरान और भद्रा रहित समय में करना शुभ होता है।
यदि पूरी रात भद्रा रहे, तो भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन किया जा सकता है।
होलिका दहन 2026:
02 मार्च 2026
भद्रा पुच्छ काल: रात 11:53 बजे से 01:26 बजे तक
इसी समय होलिका दहन करना शास्त्रसम्मत माना गया है।

होलिका दहन पर करें ये विशेष उपाय
पीली सरसों और नमक का उपाय
होलिका दहन के दिन थोड़ी सी पीली सरसों और सेंधा नमक को कागज में लपेटकर अपने ऊपर से 7 बार वारें और जलती होलिका की अग्नि में डाल दें। यह उपाय बुरी नजर और नजर दोष से बचाव के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है।
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लौंग का उपाय
शत्रु बाधा से मुक्ति पाने के लिए 7 साबुत लौंग लें और होलिका दहन के समय एक-एक लौंग अग्नि में डालते जाएं। इस दौरान अपने शत्रु का नाम लें। यदि नाम ज्ञात न हो, तो “गुप्त शत्रु” कहते हुए यह उपाय करें।

काले तिल और साबुत उड़द का उपाय
यदि किसी को तांत्रिक बाधा, टोना-टोटका या नकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हो रहा हो, तो होलिका दहन की रात एक मुट्ठी काले तिल और 7 साबुत काली उड़द सिर के ऊपर से वार कर अग्नि में अर्पित करें।
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हनुमान चालीसा का संकल्प पाठ
होलिका दहन की लौ के सामने खड़े होकर 3 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें और भगवान हनुमान से शत्रु भय, मानसिक तनाव और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा की प्रार्थना करें। मान्यता है कि इससे आत्मबल और सुरक्षा कवच मजबूत होता है।

होलिका दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन से नकारात्मकता दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा को जागृत करने का पर्व है। शास्त्रों में बताए गए ये उपाय श्रद्धा और विश्वास के साथ किए जाएं, तो जीवन में सुख, शांति और सुरक्षा का अनुभव हो सकता है।

