जिन लोगों ने जिंदगी में झेला है दर्द , उन्हें जल्दी आ सकता है हार्ट अटैक : Study
punjabkesari.in Monday, Sep 07, 2026 - 07:32 PM (IST)
नारी डेस्क: एक नई रिसर्च के अनुसार किसी सदमे वाली घटना (ट्रॉमा) के बाद होने वाली मानसिक समस्याओं से भविष्य में दिल की बीमारियों (जैसे जानलेवा न होने वाला हार्ट अटैक और स्ट्रोक या जानलेवा कार्डियक घटना) का खतरा बढ़ सकता है।यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया लॉस एंजिल्स के साइकोलॉजी डिपार्टमेंट में एसोसिएट प्रोफेसर और इस रिसर्च की मुख्य लेखक जेनिफर ए. समनर ने कहा- "सदमे वाली घटनाएं आम हैं। इनमें गंभीर आग या धमाके, शारीरिक हमला, ट्रांसपोर्ट से जुड़े हादसे, किसी करीबी की आत्महत्या या मौत, और गंभीर बीमारी या चोट शामिल हो सकती हैं।"
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नई रिसर्च में ये बात आई सामने
समनर ने कहा, "सदमे वाली घटनाओं का अनुभव मानसिक स्वास्थ्य और दिल की सेहत, दोनों पर काफी असर डाल सकता है। हालांकि अब तक ज़्यादातर काम PTSD और दिल की सेहत पर केंद्रित रहा है, लेकिन नई रिसर्च बताती है कि सदमे के बाद दिल की बीमारी के खतरे को देखते समय हमें मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले कई तरह के असर के बारे में सोचना चाहिए।" 'जर्नल ऑफ़ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन' में छपी इस रिसर्च में डेनमार्क की नेशनल हेल्थ रजिस्टरी की जांच की गई। इसमें 2,19,866 वयस्कों को शामिल किया गया, जिन्हें किसी सदमे वाली घटना के बाद दिल या दिमाग की गंभीर समस्याएं हुईं या नहीं हुईं। इन 2,19,866 लोगों में से लगभग 44,000 लोगों को 1995 और 2019 के बीच जानलेवा न होने वाला हार्ट अटैक, जानलेवा न होने वाला स्ट्रोक, दिल तक खून का बहाव बहाल करने की प्रक्रिया या दिल से जुड़ी बीमारी के कारण मौत का सामना करना पड़ा।
मानसिक स्वास्थ्य बनाती है शराब का आदि
रिसर्चर ने उन 1,75,872 लोगों की तुलना उन लोगों से की जिन्हें सदमा तो लगा था लेकिन दिल की बीमारी नहीं हुई थी, और उन लोगों से की जिन्हें 24 साल की अवधि में हार्ट अटैक, स्ट्रोक, दिल तक खून का बहाव बहाल करने की प्रक्रिया या दिल की बीमारी से मौत का सामना करना पड़ा। दिल की बीमारी के संभावित कारणों के तौर पर कई तरह की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं पर विचार किया गया। दिल और दिमाग पर असर डालने वाली मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के 15 सबसे अहम कारणों की पहचान करने के लिए मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया गया। पुरुषों और महिलाओं में दिल या दिमाग की गंभीर समस्याओं से जुड़ी सबसे अहम मानसिक स्वास्थ्य समस्या शराब का गलत इस्तेमाल (अल्कोहल एब्यूज) पाई गई। लेखकों ने लिखा, "पुरुषों और महिलाओं में MACCE (दिल और दिमाग से जुड़ी गंभीर प्रतिकूल घटनाएं) का सबसे अहम मानसिक स्वास्थ्य कारण शराब से जुड़ी समस्याएं थीं।"
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डिप्रेशन से भी बढ़ती है समस्या
रिसर्चर कहा- "जीवन में किसी सदमे या दुखद घटना के बाद, लोग अपनी भावनाओं को संभालने और उससे निपटने के लिए शराब का सहारा ले सकते हैं। समय के साथ, यह आदत शराब की लत में बदल सकती है, जिससे दिल या दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।" पुरुषों और महिलाओं, दोनों में दिल और नसों से जुड़ी समस्याओं के साथ-साथ सदमे के बाद होने वाली मानसिक परेशानियों का एक बड़ा संकेत 'मूड डिसऑर्डर' (जैसे डिप्रेशन) पाया गया। हालांकि, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में मूड डिसऑर्डर इस तरह की समस्याओं का ज़्यादा बड़ा संकेत था। किसी सदमे वाली घटना के बाद होने वाली ऐसी मानसिक समस्याएं जिनसे भविष्य में दिल और दिमाग की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, उनमें PTSD, दिमाग या शरीर की समस्याओं से होने वाले मानसिक विकार, बिना किसी नशे के कारण होने वाला कन्फ्यूजन (भ्रम), अलग-अलग तरह के नशे की लत, पर्सनैलिटी डिसऑर्डर, स्किज़ोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर और एंग्जायटी डिसऑर्डर शामिल हैं।

