क्या सिर्फ सोने के गलत तरीके से ही होता है कंधे में दर्द ? जानिए इस Pain का असली कारण

punjabkesari.in Tuesday, Sep 15, 2026 - 02:43 PM (IST)

नारी डेस्क: अगर कभी सुबह उठने पर आपके कंधे में तेज़ या लगातार दर्द महसूस हुआ है, तो आप अकेले नहीं हैं। कई लोगों को सोने के बाद कंधे में दर्द होता है, जिससे हाथ उठाना या कपड़े पहनना जैसे आसान काम भी मुश्किल हो सकते हैं। कभी-कभार अकड़न होना तो सामान्य है लेकिन सुबह-सुबह बार-बार होने वाला दर्द किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। हालांकि बहुत से लोग इसे गलत तरीके से सोने की वजह मान लेते हैं, अगर दर्द बार-बार होता है, लंबे समय तक बना रहता है, या आपकी नींद में खलल डालता है, तो इस पर गंभीरता से ध्यान देने की ज़रूरत है।

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सोने के बाद कंधे में दर्द क्यों होता है?

दर्द के साथ जागना चिंताजनक हो सकता है, खासकर तब जब आप अपना हाथ आसानी से न उठा पाएं। अक्सर, कंधे की परेशानी आपके सोने के तरीके, इस्तेमाल किए जाने वाले तकिए या मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़ी अंदरूनी समस्याओं के कारण होती है।  पूरी रात एक ही करवट सोने से कंधे के जोड़ पर सीधा दबाव पड़ता है। हाथ की गलत स्थिति से नसें दब सकती हैं और खून का बहाव रुक सकता है। पुराना या खराब गद्दा आपकी रीढ़ की हड्डी और कंधों का अलाइनमेंट बिगाड़ सकता है। बहुत ऊंचे या बहुत नीचे तकिए गर्दन और कंधे की मांसपेशियों पर दबाव डालते हैं। लंबे समय तक कोई गतिविधि न करने पर रोटेटर कफ की पुरानी चोट फिर से उभर सकती है। वर्कआउट या बार-बार एक ही तरह की गतिविधि करने से टेंडन में सूजन आ सकती है।


मांसपेशियों और जोड़ों में अकड़न

डॉक्टर समझाते हैं कि कंधा बहुत ज़्यादा हिलने-डुलने वाला जोड़ है जो मांसपेशियों, टेंडन और दूसरे नरम ऊतकों (soft tissues) से जुड़ा होता है। जब इन हिस्सों में जलन या चोट लगती है, तो लेटने पर लक्षण ज़्यादा महसूस हो सकते हैं। प्रभावित कंधे पर दबाव पड़ने से, खासकर दर्द वाले हिस्से की तरफ़ करवट लेकर सोने से, सूजन वाले ऊतकों की तकलीफ़ बढ़ सकती है। बैठकर काम करने वाले लोगों को अक्सर कंधे में अकड़न महसूस होती है, जो रात भर में और बढ़ जाती है। लेटे रहने पर आर्थराइटिस या बर्साइटिस के कारण सूजन और दर्द हो सकता है। गर्दन या पीठ के ऊपरी हिस्से की समस्याओं के कारण नस दबने से कंधे में दर्द हो सकता है। 

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आपको कब ध्यान देना चाहिए?

अगर दर्द मुख्य रूप से एक तरफ़ करवट लेकर लेटने पर होता है, तो यह दबाव के कारण हो सकता है। वहीं, सोने की किसी भी मुद्रा में लगातार बने रहने वाला दर्द किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। हाथ उठाते समय कमज़ोरी महसूस होना, अकड़न बढ़ना या सिर के ऊपर या पीठ के पीछे हाथ ले जाने में कठिनाई होने जैसी बातों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। अगर रात में होने वाला दर्द कई हफ़्तों तक बना रहे, बार-बार नींद में खलल डाले, किसी चोट के बाद शुरू हो, या इसके साथ साफ़ तौर पर कमज़ोरी या हाथ-पैर हिलाने-डुलाने में दिक्कत हो, तो आर्थोपेडिक विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहता है। क्लिनिकल जांच और ज़रूरत पड़ने पर एक्स-रे या एमआरआई जैसी इमेजिंग से दर्द का कारण पता लगाने में मदद मिल सकती है।


कंधे के दर्द से तुरंत राहत पाने के टिप्स

हल्की स्ट्रेचिंग: सोकर उठने के बाद, कंधे को धीरे-धीरे घुमाएं (शोल्डर रोल) या क्रॉस-बॉडी स्ट्रेच करें। कड़ी मांसपेशियों को ढीला करने और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाने के लिए अपने हाथ को धीरे-धीरे हिलाएं।

हीट या कोल्ड थेरेपी: कड़े टिशू को आराम देने के लिए गर्म सेंक या हीटिंग पैड का इस्तेमाल करें। अगर सूजन है, तो कोल्ड पैक सूजन कम कर सकता है।

मसाज या सेल्फ-मायोफेशियल रिलीज: कंधे की हड्डी (शोल्डर ब्लेड) वाले हिस्से पर मसाज बॉल का इस्तेमाल करें। खुद मसाज करने या रजिस्टर्ड मसाज थेरेपी से टाइट जगहों और ट्रिगर पॉइंट्स को आराम मिल सकता है।

गतिविधियों में बदलाव: जब तक दर्द कम न हो जाए, तब तक सिर के ऊपर भारी चीज़ें उठाने या हाथ को बार-बार हिलाने-डुलाने से बचें। हल्की गतिविधियां और धीरे-धीरे मूवमेंट वाली एक्सरसाइज करें।
 


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Content Writer

vasudha

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