‘26 मासूमों को नमन’, पहलगाम हमले की पहली बरसी पर PM मोदी की श्रद्धांजलि
punjabkesari.in Wednesday, Apr 22, 2026 - 11:17 AM (IST)
नारी डेस्क: 22 अप्रैल 2025… यह तारीख आज भी हर भारतीय के ज़हन में एक दर्दनाक याद बनकर दर्ज है। जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पहलगाम में हुआ आतंकी हमला सिर्फ एक घटना नहीं था, बल्कि 26 परिवारों की दुनिया उजड़ने का दिन था। एक साल बीतने के बाद भी उस खौफनाक मंजर की यादें ताज़ा हैं और लोगों के दिलों में गुस्सा और दुख आज भी उतना ही गहरा है।
पहली बरसी पर देशभर में श्रद्धांजलि
हमले की पहली बरसी पर पूरा देश उन 26 बेगुनाह लोगों को याद कर रहा है, जिन्होंने इस खौफनाक हमले में अपनी जान गंवाई। हर तरफ शोक और संवेदना का माहौल है। लोग सोशल मीडिया से लेकर विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए पीड़ित परिवारों के साथ अपनी एकजुटता दिखा रहे हैं।
Remembering the innocent lives lost in the gruesome Pahalgam terror attack on this day last year. They will never be forgotten. My thoughts are also with the bereaved families as they cope with this loss.
— Narendra Modi (@narendramodi) April 22, 2026
As a nation, we stand united in grief and resolve. India will never bow to…
PM मोदी का भावुक संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश आज भी उन परिवारों के दर्द को महसूस करता है और इस मुश्किल घड़ी में पूरा राष्ट्र उनके साथ खड़ा है। पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा, “भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा। आतंकियों के मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे।” उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लगातार और मजबूती से जारी रहेगी।
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कैसे हुआ था पहलगाम हमला?
22 अप्रैल 2025 को दोपहर करीब 2:30 बजे पहलगाम की बैसरन घाटी, जो पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है, अचानक गोलियों की आवाज़ से गूंज उठी। आतंकियों ने वहां मौजूद पर्यटकों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में 26 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर सेना की वर्दी में आए थे, जिससे किसी को उन पर शक नहीं हुआ। उन्होंने पहले इलाके का जायजा लिया, फिर पर्यटकों से बातचीत के बहाने उनकी पहचान जांची। कई लोगों ने बताया कि आतंकियों ने धर्म पूछकर निशाना बनाया, जो इस हमले को और भी भयावह बना देता है। इसके बाद अचानक गोलियां चलनी शुरू हो गईं और देखते ही देखते खुशी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया।
आज का दिन उन परिवारों के दर्द को याद करने का है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया। 22 अप्रैल 2025 का वो काला दिन हमें याद दिलाता है कि मानवता के दुश्मनों का कोई धर्म नहीं होता। हम उन 26 आत्माओं की शांति की प्रार्थना करते हैं। 🕯️🙏#PahalgamAttack #NeverForget #22April2025 pic.twitter.com/J6rw1fg7s7
— Nari (@NariKesari) April 22, 2026
एक साल बाद भी जिंदा है दर्द और यादें
इस हमले को एक साल हो चुका है, लेकिन जिन परिवारों ने अपने अपनों को खोया, उनके लिए यह दर्द आज भी उतना ही ताजा है। देश भर के लोग आज भी उनके साथ खड़े हैं और यही संदेश दे रहे हैं कि इस तरह की कायराना हरकतें भारत के हौसले को कभी नहीं तोड़ सकतीं।

