9वीं बार देश का बजट पेश कर रही हैं निर्मला सीतारमण, हैंडलूम को लेकर बड़े ऐलान
punjabkesari.in Sunday, Feb 01, 2026 - 11:26 AM (IST)
नारी डेस्क: वित्त मंत्री सीतारमण भारत का लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। उन्हाेंने अपने बजट भाषण में कहा- यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन में पेश किया जा रहा है और इसके साथ हमने तीन प्रमुख कर्तव्य तय किये हैं... अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हुए आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देना, लोगों की आंकाक्षाओं को पूरा करना और सबका साथ सबका विकास करना। उन्होंने कह- हमारी सरकार ने कोरी बयानबाजी के बजाए सुधारों पर ध्यान दिया।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि सरकार का महात्मा गांधी हैंडलूम योजना शुरू करने का प्लान है।केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को एक लाल 'बही-खाता' स्टाइल पाउच में रखे डिजिटल टैबलेट में केंद्रीय बजट के दस्तावेज ले जाकर एक बार फिर परंपरा और टेक्नोलॉजी की ओर सरकार के कदम को उजागर किया। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुरू किए गए पेपरलेस बजट फॉर्मेट को जारी रखता है। वित्त मंत्री सीतारमण ने 2019 में ब्रिटिश काल से चली आ रही पुरानी लेदर ब्रीफकेस की जगह पारंपरिक बही-खाता का इस्तेमाल शुरू किया था।
दो साल बाद, 2021 में, उन्होंने बजट के कागजात ले जाने के लिए डिजिटल टैबलेट का इस्तेमाल करना शुरू किया, जिससे एक आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल दृष्टिकोण को और बढ़ावा मिला। बही-खाता एक लाल पाउच है जिसमें बजट के दस्तावेज वाला डिजिटल टैबलेट रखा होता है। यह सुनहरे राष्ट्रीय प्रतीक से सजा है और औपनिवेशिक काल के ब्रीफकेस की परंपरा से एक स्पष्ट बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है, जो 18वीं सदी के ब्रिटेन में शुरू हुआ था और दशकों तक भारत में इसका पालन किया गया।
संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने के बाद, वित्त मंत्री सीतारमण देश के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 30 कॉलेज छात्रों के साथ बातचीत करेंगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस पहल के हिस्से के रूप में, छात्र लोकसभा गैलरी से केंद्रीय बजट का लाइव प्रेजेंटेशन भी देखेंगे, जिससे उन्हें साल की सबसे महत्वपूर्ण संसदीय कार्यवाही में से एक को देखने का अवसर मिलेगा। छात्रों का चयन कॉमर्स, इकोनॉमिक्स, मेडिकल एजुकेशन और वोकेशनल कोर्स सहित कई तरह के एकेडमिक विषयों से किया गया है, और वे पूरे भारत के विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे कर्तव्य भवन-1 में वित्त मंत्रालय का भी दौरा करेंगे और वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करके उसके कामकाज, नीति बनाने की प्रक्रियाओं और राष्ट्र निर्माण में संस्थानों की भूमिका के बारे में जानकारी हासिल करेंगे।

