फरहाना भट्ट पर बरसे हिना खान के पति, बोले- खामेनेई की मौत पर रो रही हो और देश के सैनिकों...
punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 11:17 AM (IST)
नारी डेस्क: ईरान के सुप्रीम लीडरअयातुल्ला अली खामेनेई की मौत 1 मार्च 2026 को ईरान पर अमेरिका और इजराइल के जॉइंट हमले में हो गई थी। हालांकि अब ऐसा लगता है कि अयातुल्ला की मौत के बाद, बिग बॉस 19 फेम फरहाना भट्ट पर भी इसका असर पड़ा है। हालांकि उनकी यह बात हिना खान के पति रॉकी जायसवाल को बिल्कुल पसंद नहीं आई, वह फरहाना भट्ट के अयातुल्ला की मौत पर पब्लिक में दुख जताने से बेहद नाराज हैं।

बिग बॉस 19 की रनर-अप फरहाना भट्ट ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई सबके दिलों में रहेंगे। रॉकी जायसवाल ने फरहाना भट्ट का नाम तो नहीं लिया, लेकिन कहा कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई दुख मनाता है, लेकिन यह प्राइवेट में होना चाहिए। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर लिखा-"मैंने इन शोक मनाने वालों में किसी भारतीय के लिए इतना प्यार या आंसू कभी नहीं देखे! सैनिक हमले के शिकार, सरकारी पुलिस, महान APJ अब्दुल कलाम के लिए भी नहीं। आप उन लोगों की पीठ में छुरा घोंपते हैं जो आपकी रक्षा करते हैं और उन विदेशियों के लिए शोक मनाते हैं जो हमेशा आपके देश के खिलाफ खड़े रहे। वफादारी ही सब कुछ है। वफादारी सब कुछ साफ-साफ दिखाती भी है।"

जिन्हें नहीं पता, ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की अचानक मौत से दुनिया हैरान रह गई। 86 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। अयातुल्ला के निधन पर दुनिया भर के लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिली हैं। कई लोग अपने सुप्रीम लीडर के निधन पर शोक जताने के लिए ईरान की सड़कों पर उतर आए हैं। बिग बॉस 19 की रनर-अप फरहाना भट्ट ने हाल ही में इंस्टेंट बॉलीवुड को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि जब उन्हें अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बारे में पता चला तो वह सो नहीं पाईं। फरहाना को बहुत बुरा लगा क्योंकि वह ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर दुख मना रही थीं।
फरहाना ने सुप्रीम लीडर को लेकर कहा था- "वह एक ऐसी पर्सनैलिटी थे जिन्हें हम कभी नहीं भूल सकते। वह हमारे दिलों में ज़िंदा रहेंगे। इस घटना के बाद सभी कश्मीरी अंदर तक हिल गए हैं और आप यकीन नहीं करेंगे कि सेहरी के बाद मैं बिल्कुल सोई नहीं। आज मैंने नमाज़ पढ़ी तो मैं बहुत दुखी थी। ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था। वह एक ऐसी शक्सियत है, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। वह हमारे दिलों में ज़िंदा रहेंगे और पक्का अल्लाह उनकी शहादत कबूल करे। कश्मीरी जितने भी लोग हैं बहुत ही इस चीज़ को झुला चुके हैं, दिल दहल चुका है सबका। काफ़ी लोगों के लिए वह एक मसीहा थे। पक्का, वह हमारे दिल में ज़िंदा रहेंगे।"

