बंगाल में निपाह वायरस अलर्ट, जानिए क्या है यह खतरनाक बीमारी
punjabkesari.in Sunday, Jan 25, 2026 - 10:43 AM (IST)
नारी डेस्क: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के मामले सामने आने के बाद लोगों में एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। हाल ही में राज्य में निपाह वायरस के 5 पुष्ट मामले सामने आए हैं, जिसके बाद करीब 100 लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया है। इनमें कुछ डॉक्टर और नर्स भी शामिल हैं, जिन्हें एहतियातन अस्पताल में भर्ती किया गया है ताकि संक्रमण आगे न फैले। 11 जनवरी 2026 को दो संदिग्ध मामलों की भी पुष्टि हुई थी, जिन पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
जब भी किसी नए या कम सुने जाने वाले वायरस का नाम सामने आता है, तो डर और भ्रम फैलना स्वाभाविक है। हालांकि निपाह वायरस कोई नया वायरस नहीं है, लेकिन इसकी गंभीरता और तेजी से बिगड़ती हालत की वजह से इसे बेहद खतरनाक माना जाता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि निपाह वायरस क्या है, यह कैसे फैलता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।
निपाह वायरस क्या है?
निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक वायरस है, यानी यह जानवरों से इंसानों में फैल सकता है। इसकी पहचान पहली बार 1999 में मलेशिया में हुई थी। भारत में इसके मामले पहले भी केरल और कुछ अन्य राज्यों में सामने आ चुके हैं। यह वायरस दिमाग और सांस से जुड़ी गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है, इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
निपाह वायरस कैसे फैलता है?
निपाह वायरस के फैलने के मुख्य कारण इस प्रकार हैं
फल खाने वाले चमगादड़: ये इस वायरस के प्राकृतिक वाहक होते हैं। इनके लार या मल से दूषित फल खाने से संक्रमण फैल सकता है।
पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के 5 मामले सामने आए हैं, जिससे करीब 100 लोगों को निगरानी/क्वारंटाइन में रखा गया है। यह खतरनाक ज़ूनोटिक वायरस जानवरों से इंसानों में फैलता है और बुखार, सांस की दिक्कत व दिमागी लक्षण पैदा कर सकता है।#Nipahvirus #WestBengal #Nipahvirussymptoms pic.twitter.com/3ayEvsHtVU
— Nari (@NariKesari) January 25, 2026
दूषित फल या खजूर का रस: खुले में रखे फल या ताड़ी/खजूर का रस अगर चमगादड़ों के संपर्क में आ जाए, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से: निपाह वायरस इंसान से इंसान में भी फैल सकता है, खासकर नजदीकी संपर्क, मरीज की देखभाल या बिना सुरक्षा इलाज के दौरान।
संक्रमित जानवर: कुछ मामलों में सूअर जैसे जानवरों के जरिए भी संक्रमण फैलने की बात सामने आई है।
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निपाह वायरस के लक्षण क्या हैं?
निपाह वायरस के लक्षण शुरुआत में सामान्य वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं, लेकिन धीरे-धीरे गंभीर हो जाते हैं। इनमें शामिल हैं:
तेज बुखार
सिरदर्द
उल्टी या मतली
गले में दर्द
सांस लेने में दिक्कत
चक्कर आना या बेहोशी
दिमाग पर असर, जैसे भ्रम या दौरे
कुछ मामलों में मरीज की हालत बहुत तेजी से बिगड़ सकती है, इसलिए लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है।
निपाह वायरस से बचाव कैसे करें?
फिलहाल निपाह वायरस की कोई पक्की दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, इसलिए बचाव ही सबसे बेहतर उपाय है
खुले या कटे हुए फल खाने से बचें
हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
बीमार व्यक्ति के नजदीकी संपर्क से बचें

बिना सुरक्षा उपकरण के संक्रमित मरीज की देखभाल न करें
बुखार या संदिग्ध लक्षण होने पर तुरंत जांच कराएं
जरूरी बात-निपाह वायरस डरने की नहीं, बल्कि सावधानी बरतने की बीमारी है। सही जानकारी, समय पर पहचान और सतर्कता से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अफवाहों से बचें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
डिस्क्लेमर: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से डॉक्टर की सलाह या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

