ना वैक्सीन ना इलाज! पूरे एशिया में Nipah का Alert, खुद को इस तरह रखें सुरक्षित
punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 07:10 PM (IST)
नारी डेस्क: भारत में निपाह वायरस के नए मामलों की पुष्टि के बाद न सिर्फ देश में, बल्कि पूरे एशिया में चिंता बढ़ गई है। निपाह वायरस की मृत्यु दर 40 से 75 प्रतिशत के बीच बताई जाती है और यह इंसान से इंसान में फैल सकता है। इसलिए स्वास्थ्य एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। जैसे ही पश्चिम बंगाल में इसके मामले सामने आए, कई एशियाई देशों ने एयरपोर्ट स्क्रीनिंग, हेल्थ चेक और यात्रियों की निगरानी सख्त कर दी है।
भारत में निपाह वायरस के मामले कैसे सामने आए?
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कोलकाता के पास एक निजी अस्पताल में निपाह वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके तुरंत बाद संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग शुरू की गई। करीब 100 लोगों को क्वारंटाइन किया गया और 180 से ज्यादा लोगों की जांच की गई। इनमें से लगभग 20 लोग हाई-रिस्क कैटेगरी में हैं। संक्रमित नर्सों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे चिंता और बढ़ गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि अब तक अधिकांश लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
India is scrambling to contain the Nipah virus, a lethal pathogen that has transferred to humans from bats and currently has no cure or treatment.
— Pubity (@pubity) January 25, 2026
5 human cases are confirmed and over 100 people are already quarantined. pic.twitter.com/eItZRiKDO7
एशियाई देशों ने क्या कदम उठाए?
थाईलैंड
थाईलैंड ने भारत के पश्चिम बंगाल से आने वाले यात्रियों के लिए अपने प्रमुख एयरपोर्ट सुवर्णभूमि, डॉन मुआंग और फुकेट पर हेल्थ चेक और स्क्रीनिंग तेज कर दी है। यात्रियों की बुखार, सांस लेने में दिक्कत और अन्य लक्षणों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही यात्रियों को हेल्थ अलर्ट कार्ड दिए जा रहे हैं ताकि किसी भी लक्षण के दिखते ही रिपोर्ट किया जा सके। जरूरत पड़ने पर क्वारंटाइन की भी व्यवस्था की जा रही है।
नेपाल
नेपाल ने भारत से लगने वाली सीमाओं और त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ा दी है। वहां हेल्थ डेस्क बनाए गए हैं और अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि सबसे हल्की शंका होने पर तुरंत रिपोर्ट करें। नेपाल सरकार भारत-नेपाल के बीच लगातार आवाजाही को लेकर खास सतर्क है।
ताइवान
ताइवान ने निपाह वायरस को अपने सबसे खतरनाक श्रेणी यानी कैटेगरी-5 नोटिफाएबल डिजीज में शामिल करने की तैयारी की है। इसका मतलब है कि अगर कोई केस मिलता है तो तुरंत रिपोर्टिंग, सख्त आइसोलेशन और कंट्रोल जरूरी होगा। साथ ही भारत के कुछ हिस्सों के लिए यात्रा चेतावनी भी जारी की गई है।
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निपाह वायरस क्या है और यह इतना खतरनाक क्यों है?
निपाह वायरस एक जूनोटिक बीमारी है, यानी यह जानवरों से इंसानों में फैलती है। इसके प्राकृतिक वाहक फल खाने वाले चमगादड़ हैं। यह वायरस दूषित फल, संक्रमित सूअरों के संपर्क या संक्रमित इंसानों के नजदीकी संपर्क से फैल सकता है।
निपाह वायरस के लक्षण
शुरुआती लक्षण
बुखार
सिरदर्द
शरीर में दर्द
उल्टी
गले में खराश
गंभीर स्थिति में
सांस लेने में दिक्कत
निमोनिया
बेहोशी या भ्रम
दिमाग में सूजन (एन्सेफलाइटिस)
ध्यान देने वाली बात यह है कि कई बार शुरुआत में मरीज में कोई लक्षण नहीं दिखते, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है।
Nipah Virus is a deadly zoonotic disease spread by fruit bats and contaminated food.
— Siddhartha Singh (@siddharthaAZ) January 25, 2026
Symptoms like fever and respiratory issues can quickly progress to severe brain swelling.👇🏻
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निपाह वायरस से बचाव संभव है?
अभी तक निपाह वायरस का कोई पक्का इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इलाज सिर्फ लक्षणों को नियंत्रित करने और सहायक देखभाल तक सीमित है। यही वजह है कि सरकारें और स्वास्थ्य एजेंसियां रोकथाम, जागरूकता और स्क्रीनिंग पर ज्यादा जोर दे रही हैं। भारत में मामले सामने आने के बाद पूरे एशिया में अलर्ट बढ़ जाना इस वायरस की गंभीरता को दर्शाता है।
समय रहते सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

