डायबिटीज न होने के बावजूद नसों में रहता है दर्द? जानें कारण
punjabkesari.in Tuesday, Feb 10, 2026 - 03:09 PM (IST)
नारी डेस्क: कई लोग अनुभव करते हैं कि शुगर लेवल कंट्रोल में होने के बावजूद नसों में दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होता है। यह स्थिति डायबिटीज से जुड़ी नहीं होती, लेकिन इसके बावजूद यह समस्या व्यक्ति की दिनचर्या और जीवनशैली को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि इसका कारण क्या है और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है।
पेरिफेरल न्यूरोपैथी – नसों में दर्द का मुख्य कारण
ऐसी स्थिति को पेरिफेरल न्यूरोपैथी कहा जाता है। इसमें दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड से बाहर जाने वाली नसों पर असर पड़ता है, जिससे हाथों और पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन या दर्द की समस्या होने लगती है। यह स्थिति उन लोगों में भी हो सकती है जिनको डायबिटीज नहीं है और शुगर लेवल सामान्य है।

पेरिफेरल न्यूरोपैथी क्यों होती है
पेरिफेरल न्यूरोपैथी के कई कारण हो सकते हैं
विटामिन B12 की कमी: शरीर में इस विटामिन की कमी नसों को प्रभावित कर सकती है।
स्पाइन से जुड़ी समस्याएं: रीढ़ की हड्डी या उसमें कोई चोट नसों को नुकसान पहुंचा सकती है।
गलत पोश्चर और जीवनशैली: लंबे समय तक डेस्क जॉब करना, एक्सरसाइज न करना या गलत तरीके से बैठना भी नसों पर दबाव डालता है।
ऑटोइम्यून बीमारियां: कुछ बीमारियां शरीर की नसों को सीधे प्रभावित करती हैं।
पहले यह समस्या 50-60 साल से ऊपर के लोगों में अधिक देखी जाती थी, लेकिन अब 30-40 साल की उम्र में भी यह बीमारी आम हो गई है।
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पेरिफेरल न्यूरोपैथी के लक्षण
इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है हाथ और पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट। पैरों के तलवों में जलन या चुभन। चलने में संतुलन बिगड़ना। हाथों में कमजोरी या चीजें पकड़ने में दिक्कत। अगर इन लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए तो समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
पेरिफेरल न्यूरोपैथी का इलाज
इसका इलाज कारण पर निर्भर करता है

विटामिन की कमी: अगर वजह विटामिन B12 की कमी हो, तो सप्लीमेंट्स और दवाएं दी जाती हैं।
स्पाइन से जुड़ी समस्या: फिजियोथेरेपी, एक्सरसाइज और दवाओं से इलाज किया जाता है।
दर्द कंट्रोल: न्यूरोपैथिक पेन की दवाएं दर्द को कम करने में मदद करती हैं।
सही इलाज और जीवनशैली में बदलाव के साथ मरीज दर्द और सुन्नपन से राहत पा सकता है।

