गर्दन के साथ कंधे में होता है जिद्दी दर्द तो इसके कारण पढ़ें, बिना दवाई के मिलेगा आराम

punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 08:40 PM (IST)

नारी डेस्कः गर्दन के आसपास और कंधों में दर्द आजकल बहुत आम समस्या है। यह दर्द हल्का भी हो सकता है और कभी-कभी इतना तेज कि रोज़मर्रा के काम प्रभावित होने लगें। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन मुख्य कारण हमारी गलत जीवनशैली और पोस्चर ही रहते हैं। सही बैठने की आदत, हल्की एक्सरसाइज और तनाव कम करना इस समस्या से बचाव में मददगार है।

गर्दन और कंधों में दर्द होने के मुख्य कारण

गलत पोस्चर

लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप पर झुककर काम करना जो कि आजकल सबसे आम समस्या है। गलत पोस्चर कंधों में दर्द व अकड़न की समस्या देती है।

कुर्सी-मेज की ऊंचाई सही न होना

इससे गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या शुरू हो जाती है। 
कारणः इससे गर्दन की हड्डियों में घिसाव आने लगता है। 

नसों पर दबाव पड़ना

दर्द कंधों, हाथों और कभी-कभी सिर तक फैल सकता है।
मांसपेशियों में खिंचाव पड़ता है। 
कारणः अचानक भारी सामान उठाना
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गलत तरीके से सोना

इससे गर्दन अकड़ जाती है और मांसपेशियों में खिंचाव आता है। 

तनाव और चिंता

मानसिक तनाव से मांसपेशियां टाइट हो जाती हैं
कंधों में भारीपन और दर्द महसूस होता है।

तकिया या सोने की गलत आदत

बहुत ऊंचा या बहुत सख्त तकिया लेने से भी गर्दन की नसों पर दबाव बढ़ता है। 

विटामिन की कमी

खासकर विटामिन D और B12 की कमी भी इसका कारण बनती है। नसों और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है।

कब सावधान हो जाएं?

अगर दर्द के साथ ये लक्षण हों तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है:
हाथों में झनझनाहट या सुन्नपन
सिर घूमना या तेज सिरदर्द
दर्द कई हफ्तों तक ठीक न हो
गर्दन हिलाने में बहुत तकलीफ

गर्दन और कंधों के दर्द के लिए योगासन

गर्दन और कंधों के दर्द से राहत पाने के लिए कुछ सरल योगासन बहुत असरदार होते हैं। इन्हें रोज़ाना सही तरीके से करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और जकड़न कम होती है।

ग्रीवा चालन (Neck Rotation)

गर्दन को धीरे-धीरे दाएं-बाएं घुमाएं
फिर ऊपर-नीचे झुकाएं
र्दन की जकड़न और अकड़न में राहत
समय: 5–7 मिनट

स्कंध चालन (Shoulder Rotation)

कंधों को आगे और पीछे गोल-गोल घुमाएं
दोनों कंधे एक साथ और फिर बारी-बारी
कंधों का भारीपन कम करता है
दोहराव: 10–15 बार

भुजंगासन (Cobra Pose)

पेट के बल लेटकर हाथों के सहारे छाती ऊपर उठाएं
गर्दन सीधी रखें
गर्दन, कंधे और रीढ़ मजबूत होती है
समय: 20–30 सेकंड × 2–3 बार

गोमुखासन (Cow Face Pose – Arms)

एक हाथ ऊपर से और दूसरा नीचे से पीठ के पीछे जोड़ें
कंधों में खिंचाव महसूस करें
कंधों की जकड़न खोलता है।
समय: 30 सेकंड (दोनों ओर)

मार्जरी-बितिलासन (Cat-Cow Pose)

सांस लेते हुए गर्दन ऊपर, छोड़ते हुए नीचे
रीढ़ के साथ गर्दन भी हिलती है
सर्वाइकल और पीठ दर्द में बहुत लाभकारी
दोहराव: 10–15 बार

ताड़ासन (Mountain Pose)

सीधे खड़े होकर हाथ ऊपर उठाएं
एड़ियों पर हल्का खिंचाव
पोस्चर सुधारता है और गर्दन पर दबाव कम करता है
समय: 30–60 सेकंड

ध्यान रखने वाली बातें

योग धीरे-धीरे और बिना झटके करें।
दर्द ज्यादा हो तो जबरदस्ती न करें।
सुबह खाली पेट या शाम को हल्का भोजन बाद करें।
गंभीर दर्द या सुन्नपन हो तो डॉक्टर से सलाह लें।
रोज़ाना 15–20 मिनट ये योगासन करने से गर्दन और कंधों का दर्द काफी हद तक ठीक हो सकता है। साथ में सही पोस्चर और तनाव कम करना भी जरूरी है।


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Content Writer

Vandana

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