दिल्ली विवेक विहार अग्निकांड में  एक साथ जल गए मां -बेटा , महिला के सीने से चिपका मिला डेढ साल के बच्चे का शव

punjabkesari.in Monday, May 04, 2026 - 10:16 AM (IST)

नारी डेस्क: मध्य प्रदेश के जबलपुर हादसे  को लेकर आंसू अभी थमे भी नहीं थी कि दिल्ली की दर्दनाक घटना ने एक बार फिर पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। जबलपुर हादसे में सामने आई मां और बेटे की तस्वीर अभी आंखों से हटी भी नहीं कि अब दिल्ली में भी कुछ ऐसा ही मामला देखने को मिला। विवेक विहार की दुखद घटना में  डेढ़ साल के एक बच्चे का शव उसकी मां की छाती से कसकर चिपका हुआ मिला, मानो उसने अपनी आखिरी सांस तक उसे भड़कती हुई लपटों से बचाने की कोशिश की हो। उस आखिरी पल में, उसकी सोच में खुद का डर नहीं बल्कि अपने बच्चे को बचाने की एक बेताब कोशिश थी।

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इस तबाही के बीच नुकसान और किस्मत के क्रूर खेल की कहानियां सामने आई हैं। उस घर में रहने वाला एक परिवार मानेसर गया हुआ था और इस जानलेवा आग से बच गया। हालांकि, उनके बचने की राहत पर अब दुख का साया पड़ गया है, क्योंकि उनके परिवार के पांच सदस्य जो पीछे रह गए थे, उन्होंने अपनी जान गंवा दी। कुल मिलाकर दो परिवारों के नौ लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान अरविंद जैन, उनकी पत्नी अनीता जैन, उनके बेटे निशंक जैन, निशंक की पत्नी आंचल जैन और उनके डेढ़ साल के बेटे आकाश जैन के रूप में हुई है। 

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परिवार इमारत की दूसरी मंज़िल पर था। शिखा जैन का शव पहली मंज़िल पर मिला, जबकि नितिन जैन, उनकी पत्नी शैले जैन और उनके बेटे सम्यक जैन तीसरी मंजिल पर मिले। इस घटना में, शिखा के पति नवीन जैन घायल हो गए।   जब ​​आग पर काबू पाने के बाद बचाव दल एक फ़्लैट में दाखिल हुआ, तो उन्हें अंदर पांच शव पड़े मिले। आंचल अभी भी अपने बेटे को अपनी छाती से कसकर लगाए हुए थी, और उसी हालत में जलकर दोनों की मौत हो गई थी। अपने आखिरी पलों में, उन्होंने मदद के लिए बेताब होकर कई कॉल किए। आंचल ने अपने पिता को फ़ोन किया और मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि शायद उनका बच पाना नामुमकिन हो। 

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निशंक ने भी अपने एक दोस्त को फ़ोन किया और बताया कि उनके फ़्लैट का सेंट्रल लॉक जाम हो गया है; उसने दोस्त से पूछा कि दरवाज़ा कैसे खोला जा सकता है। उसके भाई दीपक ने रोते हुए कहा, “उसने अपने आखिरी पलों में मुझे फ़ोन करके मदद मांगी थी। मैंने वहां पहुंचने के लिए हर किसी से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन जब तक मदद पहुंची, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।” दीपक ने बताया कि निशंक एक CA था और अपने पेशे के प्रति पूरी तरह समर्पित था, जबकि उसकी पत्नी आंचल एक बैंक मैनेजर के तौर पर काम करती थी। 


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vasudha

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