नहीं रही मशहूर लोक गायिका, “केसरिया बालम पधारो म्हारे देश” गाकर हुई देश भर में प्रसिद्ध
punjabkesari.in Friday, Jun 12, 2026 - 12:39 PM (IST)
नारी डेस्क: पारंपरिक संगीत में अपने योगदान के लिए देश भर में पहचान बनाने वाली मशहूर मांड लोक गायिका गवरी देवी का 98 साल की उम्र में निधन हो गया है। इस गायिका ने गुरुवार शाम पाली स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली। वह कई दशकों तक मांड गायन में सक्रिय रहीं और अपनी प्रस्तुतियों से देश भर के दर्शकों का मन मोह लिया। “केसरिया बालम पधारो म्हारे देश” को गाकर गवरी देवी ने देशभर में विशेष पहचान बनाई
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देवी के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए इसे राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत और लोक संगीत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। शर्मा ने कहा- "पाली की मशहूर मांड गायिका गवरी देवी के निधन की खबर बेहद दुखद है। उनका जाना लोक संगीत की दुनिया और राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।" शर्मा ने कहा कि देवी ने अपनी सुरीली आवाज़ और लोक संगीत के प्रति समर्पण के ज़रिए राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को एक नई पहचान दी।
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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि देवी ने दुनिया भर में मांड गायन को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा- "गवरी देवी ने कई दशकों तक मांड गायन किया और इस लोक कला की पहचान बन गईं। उनका निधन राजस्थान के कला और संस्कृति क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है।" देवी के सबसे लोकप्रिय गीतों में से एक "मोर बोले रे" है। राजस्थान से शुरू हुई सबसे पुरानी संगीत परंपराओं में से एक, मांड गायन में सुरीले सुर, कहानी कहने की कला और लोक संगीत परंपराओं का संगम होता है।

