इस महाशिवरात्रि बन रहा है शुभ संयोग, चमक उठेगी किस्मत कर लें ये 4 उपाय!

punjabkesari.in Tuesday, Feb 03, 2026 - 06:14 PM (IST)

नारी डेस्क : महाशिवरात्रि का नाम सुनते ही मन में भक्ति, वैराग्य और आस्था की गहरी अनुभूति होने लगती है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक है। लेकिन महाशिवरात्रि 2026 सामान्य नहीं मानी जा रही। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस वर्ष एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ शिव–पार्वती संयोग बन रहा है, जो कई वर्षों बाद देखने को मिलेगा। मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात शिव तत्व सबसे अधिक सक्रिय होता है। वर्ष 2026 में यह ऊर्जा और भी प्रभावशाली रहेगी। ऐसे में इस दिन किए गए छोटे-छोटे उपाय वैवाहिक जीवन, धन, मानसिक शांति और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में राहत दिला सकते हैं।

महाशिवरात्रि 2026 का ज्योतिषीय महत्व

शास्त्रों के अनुसार, महाशिवरात्रि शिव और शक्ति के संतुलन का पर्व है। वर्ष 2026 में ग्रहों की स्थिति कुछ विशेष योग बना रही है, जिसमें चंद्रमा और गुरु ग्रह का प्रभाव प्रमुख रहेगा। यह संयोग भावनात्मक स्थिरता, सौभाग्य वृद्धि और मानसिक शांति का संकेत देता है। ज्योतिषी के अनुसार महाशिवरात्रि 2026 पर शिव-पार्वती का संयुक्त पूजन गृहस्थ जीवन की उलझनों को सुलझाने में विशेष रूप से सहायक रहेगा। लंबे समय से अटकी समस्याओं में इस दिन निर्णायक मोड़ आ सकता है।

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उपाय 1: वैवाहिक सुख और सौभाग्य के लिए

गौरी-शंकर पूजन से रिश्तों में आएगी मिठास: यदि विवाह में देरी हो रही है या दांपत्य जीवन में तनाव बना रहता है, तो महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का एक साथ पूजन करें।

क्या करें: शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करें
माता पार्वती को सिंदूर, चूड़ियां और बिंदी अर्पित करें
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
लाभ: इस उपाय से रिश्तों में समझ, संवाद और भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता है। कई श्रद्धालुओं का अनुभव है कि इससे विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं।

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उपाय 2: आर्थिक परेशानियों से राहत के लिए

गन्ने के रस से शिव अभिषेक: आज के समय में आर्थिक अस्थिरता और कर्ज की समस्या आम हो गई है। शास्त्रों में बताया गया है कि महाशिवरात्रि पर गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक विशेष फलदायी होता है।

क्या करें: गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें
साथ में “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें
लाभ: इस उपाय से धन संबंधी रुकावटें कम होती हैं और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है। साथ ही, मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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उपाय 3: मानसिक शांति और नकारात्मकता से मुक्ति

बेलपत्र का विशेष प्रयोग: तेज रफ्तार जीवन में तनाव और मानसिक अशांति बड़ी समस्या बन चुकी है। भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है।

क्या करें: 108 बेलपत्र लें
प्रत्येक बेलपत्र पर चंदन से “राम” लिखें
इन्हें शिवलिंग पर अर्पित करें।
लाभ: यह उपाय मन को शांत करता है, नकारात्मकता को दूर करता है और घर के वातावरण में सकारात्मक बदलाव लाता है।

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उपाय 4: स्वास्थ्य और रोग बाधा से मुक्ति

महामृत्युंजय मंत्र का जाप: लंबी बीमारी या स्वास्थ्य को लेकर मन में डर आत्मबल को कमजोर कर देता है। ऐसे में महाशिवरात्रि की रात महामृत्युंजय मंत्र का जाप विशेष फल देता है।

क्या करें: काले तिल मिले जल से शिवलिंग का अभिषेक करें
महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें।
लाभ: इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यह उपाय मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से मजबूती देता है।

महाशिवरात्रि 2026 केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि जीवन को नए संतुलन में लाने का दुर्लभ अवसर है। शिव–पार्वती के इस विशेष संयोग में किए गए छोटे-छोटे उपाय बड़े बदलाव की नींव रख सकते हैं। श्रद्धा, विश्वास और सकारात्मक सोच के साथ किए गए ये उपाय जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग खोल सकते हैं।
 


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Monika

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