पैरों में सुन्नपन या ठंड का एहसास खत्म हो रहा, सावधान! यह हो सकती है गंभीर बीमारी
punjabkesari.in Tuesday, Feb 03, 2026 - 11:10 AM (IST)
नारी डेस्क : अगर आपके पैरों में अचानक सुन्नपन, झनझनाहट या फिर गर्मी-ठंड का एहसास खत्म हो रहा है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। डॉक्टरों के अनुसार यह किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है। मऊ जनपद से सामने आए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है, जहां कई मरीजों में ऐसे लक्षण देखने को मिले हैं, जो बाद में खतरनाक बीमारी में बदल गए।
कमजोरी से शुरू होकर गंभीर बीमारी तक पहुंचा मामला
डॉक्टरों ने बताया कि हाल के दिनों में उनके अस्पताल में कुछ अलग तरह के मरीज सामने आए हैं। इन मरीजों में शुरुआत में केवल कमजोरी महसूस हुई, लेकिन धीरे-धीरे उनके दोनों पैर सुन्न हो गए और काम करना बंद कर दिया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मरीजों को पैरों में न तो गर्मी महसूस हो रही थी और न ही ठंड। झनझनाहट और सुन्नपन लगातार बढ़ता जा रहा था।

जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा: टीबी बनी वजह
जब मरीजों की विस्तृत जांच की गई, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए। जांच में सामने आया कि मरीजों को टीबी (Tuberculosis) हो गई थी, लेकिन यह टीबी फेफड़ों में नहीं, बल्कि रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) में थी। इस बीमारी के कारण नसें प्रभावित हो रही थीं, जिससे हाथ-पैर धीरे-धीरे काम करना बंद कर रहे थे।
शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है टीबी
डॉक्टरों ने बताया कि टीबी सिर्फ फेफड़ों की बीमारी नहीं है। यह शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है। इन मामलों में मरीज की रीढ़ की हड्डी के L1–L2 लेवल पर टीबी हो गई थी। वहां की हड्डी गल चुकी थी और पस (Pus) भर गया था। पस की मात्रा इतनी ज्यादा थी कि वह नसों पर दबाव डाल रहा था, जिससे मरीजों के अंग सुन्न होने लगे।
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समय पर इलाज न हो तो अंग पूरी तरह कर सकते हैं काम करना बंद
चिकित्सकों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को नसों से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस हो जैसे सुन्नपन, झनझनाहट या कमजोरी तो तुरंत किसी योग्य डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। शुरुआती लापरवाही आगे चलकर बहुत बड़ी समस्या बन सकती है और शरीर के अंगों की कार्यक्षमता पूरी तरह खत्म हो सकती है।

एक हफ्ते में सफल इलाज, मरीज को मिली नई जिंदगी
अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज महेंद्र ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले उनके हाथ-पैर पूरी तरह से हिलना-डुलना बंद हो गए थे। उन्होंने कई जगह इलाज कराया, लेकिन कहीं राहत नहीं मिली। बाद में उन्हें प्रेमा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के बारे में जानकारी मिली, जहां भर्ती होने के बाद उनकी हालत में तेजी से सुधार हुआ।
छोटी लापरवाही, बड़ी परेशानी
महेंद्र का कहना है कि अगर वह शुरुआत में ही लक्षणों को गंभीरता से लेते, तो उन्हें इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती। हालांकि अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा किए गए सही और समय पर इलाज से अब उनके पैर और कमर फिर से काम करने लगे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि ऐसे लक्षण दिखें तो देर न करें और तुरंत अस्पताल जाएं।
डॉक्टरों की चेतावनी: लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच
डॉक्टरों ने साफ चेतावनी दी है कि पैरों या हाथों में सुन्नपन, कमजोरी या संवेदना खत्म होना कोई मामूली समस्या नहीं है। यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। समय रहते इलाज ही मरीज को स्थायी नुकसान से बचा सकता है।

