पालथी मारते ही होने लगता है घुटनों में दर्द, तो ये है जोड़ों के खराब होने की चेतावनी
punjabkesari.in Thursday, Jun 25, 2026 - 06:25 PM (IST)
नारी डेस्क: क्या आपको जमीन पर पालथी मारकर बैठने, सीढ़ियां चढ़ने, देर तक बैठने के बाद उठने, जूते के फीते बांधने के लिए झुकने या रोजमर्रा के दूसरे सामान्य काम करने में मुश्किल होती है? ये समस्या आज कल हर दूसरे इंसान को हाे रही है , पर वह इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। ऑर्थोपेडिक्स ने जोड़ों की एक ऐसी समस्या के शुरुआती लक्षणों के बारे में जानकारी दी जो अधेड़ उम्र के लोगों में तेजी से बढ़ रही है।
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अकड़न है इसका शुरुआती लक्षण
HT लाइफ़स्टाइल के साथ एक इंटरव्यू में दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक्स ने बताया कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग जोड़ों से जुड़ी ऐसी तकलीफ़ों की शिकायत कर रहे हैं। शुरुआती लक्षण अकड़न हो सकते हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि इससे जल्द ही जोड़ों के खराब होने (डीजेनरेशन) की समस्या हो सकती है। ऑर्थोपेडिक डॉक्टर ने यह भी बताया कि जोड़ों का खराब होना (जॉइंट डिजेनरेशन) शायद ही कभी तेज़ दर्द से शुरू होता है। इसके बजाय यह अक्सर धीरे-धीरे ऐसे लक्षणों के ज़रिए बढ़ता है जिन्हें बहुत से लोग उम्र बढ़ने, व्यस्त जीवनशैली या एक्सरसाइज न करने का नतीजा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
इन लक्षणोंको ना करें नजरअंदाज
डॉक्टर ने इन आम लक्षणों के बारे में बताया जिसे पर ध्यान देना बेहद जरूरी है जैसे: पालथी मारकर बैठने या उकड़ू बैठने में परेशानी, सीढ़ियां चढ़ते या उतरते समय दर्द, सुबह के समय या देर तक बैठे रहने के बाद अकड़न महसूस होना, लचीलेपन और हिलने-डुलने की क्षमता में कमी, कभी-कभी जोड़ों के आस-पास सूजन आना, हिलते-डुलते समय रगड़ या चटकने जैसी आवाज़ या एहसास होना अगर ये लक्षण बने रहते हैं, तो इन्हें नजरअंदाज़ नहीं करना चाहिए। कई मरीज़ डॉक्टर के पास तब जाते हैं जब दर्द उनकी रोज़मर्रा की गतिविधियों पर असर डालने लगता है। डॉक्टर कहते हैं जल्दी पता चलने पर जोड़ों की कार्यक्षमता को बनाए रखने और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने का मौका मिलता है।
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गलतफहमी को करें दूर
डॉक्टर ने इस गलतफहमी को भी दूर किया कि घुटने के दर्द या जोड़ों की टूट-फूट का मतलब आखिर में सर्जरी ही है। अगर जल्दी पता चल जाए, तो जोड़ों से जुड़ी कई समस्याओं को अक्सर फिजियोथेरेपी, मज़बूती बढ़ाने वाली एक्सरसाइज़, वजन कंट्रोल करने और जोड़ों की कार्यक्षमता को सुरक्षित रखने वाले अन्य उपायों से ठीक किया जा सकता है। डॉक्टर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि लोग सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि वे तब तक इंतज़ार करते हैं जब तक दर्द को नजरअंदाज़ करना मुश्किल न हो जाए। जब आप जल्दी कदम उठाते हैं, तो इलाज का नतीजा भी बेहतर होता है।
नोट: किसी भी मेडिकल कंडीशन का खुद से इलाज करने की बजाय अपने डॉक्टर की सलाह लें।

